Jharkhand Government: 108 एंबुलेंस का नया विकल्प, झारखंड में मरीजों को अस्पताल पहुंचाएंगे Ola-Uber; स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ऐलान
Jharkhand Government: झारखंड मंत्रालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकें लगातार जारी हैं. इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसलों पर चर्चा हुई. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य में मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नए विकल्पों पर काम किया जा रहा है. बैठक के बाद मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताते हुए कहा कि विभागों की नियमित समीक्षा से कामकाज की वास्तविक स्थिति का पता चलता है. मुख्यमंत्री ने अस्पतालों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जनता की समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की.
मरीजों के लिए Ola-Uber होगा विकल्प
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कई बार 108 एंबुलेंस सेवा ड्राइवरों या कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रभावित हो जाती है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है. ऐसी स्थिति से बचने के लिए Ola और Uber जैसी टैक्सी सेवाओं को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि मरीज समय पर अस्पताल पहुंच सकें.
आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री आदरणीय श्री @HemantSorenJMM जी के निर्देशानुसार आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवा को ओला-उबर मॉडल पर संचालित करने की दिशा में कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया। पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर नई प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें सेवा… pic.twitter.com/tLXCue4A8z
— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) June 3, 2026
इरफान अंसारी ने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पिछले, वर्तमान और भविष्य के कार्यों की समीक्षा की गई है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर काम जारी रखने और अस्पतालों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही एक सदर अस्पताल की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे.
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एफएसएसएआई की चेतावनी: अखबार में खाना पैक या परोसना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक, फूड वेंडर्स को जारी किए निर्देश
नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस) । भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने अखबार में खाना पैक या परोसना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया है।
एफएसएसएआई ने कहा कि देश भर के खाने-पीने की चीजें बेचने वालों और प्रतिष्ठानों से कहा है कि वे खाना लपेटने या परोसने के लिए अखबारों का इस्तेमाल बंद करें, इससे सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि यह सलाह मुंबई की एक हालिया घटना के बाद जारी की गई है, जिसमें एक वड़ा-पाव विक्रेता को खाना पैक करने और परोसने के लिए अखबारों का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था।
इस मामले के बाद, एफएसएसएआई के पश्चिमी क्षेत्र ने ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की और शहर व क्षेत्र में ऐसी प्रथाओं को रोकने के लिए निर्देश जारी किए।
खाद्य सुरक्षा नियामक ने कहा कि अखबारों में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग स्याही में हानिकारक रसायन, पिगमेंट, बाइंडर और लेड (सीसा) जैसी भारी धातुएं होती हैं, जो गर्म या तेलीय चीजों के संपर्क में आने पर खाने में मिल सकती हैं।
इसके अलावा, उसने चेतावनी दी कि वितरण और हैंडलिंग के दौरान अखबार अक्सर अस्वच्छ स्थितियों के संपर्क में आते हैं और उनमें ऐसे रोगाणु हो सकते हैं जिनसे भोजन से होने वाली बीमारियां हो सकती हैं।
एफएसएसएआई ने मौजूदा नियमों को दोहराते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) नियम, 2018, खाने को रखने, लपेटने या परोसने के लिए अखबारों या ऐसी ही बिना मंजूरी वाली सामग्रियों के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाते हैं।
यह सलाह सभी खाद्य व्यवसायों पर लागू होती है, जिनमें स्ट्रीट वेंडर, रेस्तरां, क्लाउड किचन, कैटरर, क्विक सर्विस रेस्तरां, हॉकर और मोबाइल फूड वेंडर शामिल हैं। इन्हें केवल सुरक्षित और फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, एफएसएसएआई ने उपभोक्ताओं से सतर्क रहने और अखबारों में परोसे या लपेटे गए खाने का सेवन न करने का आग्रह किया।
एफएसएसएआई और राज्य प्राधिकरण खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत निगरानी और प्रवर्तन जारी रखे हुए हैं, साथ ही खाद्य क्षेत्र में सुरक्षित और टिकाऊ पैकेजिंग समाधानों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
इससे पहले मई में, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद, खाद्य सुरक्षा नियामक ने ट्रेन नंबर 12223 लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी)-एर्नाकुलम (ईआरएस) दुरंतो एक्सप्रेस में बर्तनों को अस्वच्छ तरीके से संभालने के आरोप में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) को एक कानूनी नोटिस जारी किया था।
--आईएएनएस
एएसएच/डीएससी
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