Responsive Scrollable Menu

पाकिस्तान की वजह से 15 अगस्त नहीं, देश के इन जिलों में 18 अगस्त को मनता है स्वतंत्रता दिवस

Independence Day 2026: भारत में स्वतंत्रता दिवस का नाम आते ही 15 अगस्त की तारीख सामने आती है.  हर साल इसी दिन देशभर में तिरंगा फहराया जाता है और आजादी का जश्न मनाया जाता है.  लेकिन क्या आप जानते हैं देश में ऐसी भी जगह हैं जहां 15 अगस्त को आजादी का जश्न नहीं मनाया जाता बल्कि ये जश्न 18 अगस्त को मनाया जाता है. जी हां खास बात यह है कि इसके पीछे की वजह है पाकिस्तान. वही पाकिस्तान जो बंटवारे में भारत से अलग हो गया.

इस पाकिस्तान के चलते ही देश के कुछ हिस्सों में या यूं कहें जिलों में आजादी के जश्न की तारीख ही बदल गई. आइए जानते हैं कि आखिर वो कौन से जिले हैं जो 15 अगस्त को पूरे देश के साथ स्वतंत्रता दिवस नहीं मना पाते हैं. 

इन जिलों में 15 अगस्त को नहीं मनता आजादी का जश्न

पश्चिम बंगाल के नदिया और मालदा जिलों के इतिहास में 18 अगस्त की तारीख भी बेहद खास है.  यहां आजादी से जुड़ा एक ऐसा अध्याय है, जिसकी वजह से 18 अगस्त को भी स्वतंत्रता दिवस के रूप में याद किया जाता है. 

15 अगस्त 1947 को क्या हुआ था?

15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ. दिल्ली से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में आजादी का जश्न मनाया गया। सरकारी तौर पर भी 15 अगस्त ही भारत का स्वतंत्रता दिवस है.

लेकिन उस समय बंगाल के कुछ इलाकों में सीमा निर्धारण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी. नदिया और मालदा के कुछ हिस्सों को शुरुआती तौर पर पूर्वी पाकिस्तान में शामिल किए जाने की घोषणा कर दी गई थी.

नदिया और मालदा में क्यों नहीं मना 15 अगस्त?

विभाजन के दौरान सीमा निर्धारण का काम बेहद जटिल था. नदिया और मालदा जैसे इलाकों की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष था. इन क्षेत्रों को पाकिस्तान का हिस्सा बताए जाने की खबर के बाद वहां के लोगों ने इसका विरोध किया.

यही कारण रहा कि इन इलाकों में 15 अगस्त का माहौल देश के दूसरे हिस्सों से अलग था. लोगों को उम्मीद थी कि सीमा निर्धारण में बदलाव होगा और ये इलाके भारत का हिस्सा बने रहेंगे.

फिर 18 अगस्त को बदली तस्वीर

सीमा निर्धारण से जुड़ी प्रक्रिया के बाद स्थिति में बदलाव आया. 17 अगस्त 1947 की रात तक नक्शे में संशोधन की प्रक्रिया पूरी हुई और नदिया तथा मालदा के संबंधित क्षेत्रों को भारत में शामिल किए जाने की स्थिति स्पष्ट हुई. इसके बाद 18 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारत का हिस्सा बनने और आजादी का जश्न मनाया गया. यही ऐतिहासिक घटनाक्रम आज भी इस तारीख को स्थानीय स्मृति में खास बनाता है.

स्थानीय इतिहास में आज भी खास है 18 अगस्त

18 अगस्त का महत्व केवल एक तारीख के तौर पर नहीं है. यह उन लोगों की याद दिलाता है, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपने इलाके के भविष्य को लेकर संघर्ष किया था.

नदिया और मालदा की कहानी यह भी बताती है कि 1947 में आजादी और विभाजन की प्रक्रिया हर इलाके में एक जैसी नहीं थी. कहीं जश्न था तो कहीं सीमा और भविष्य को लेकर असमंजस और तनाव का माहौल था.

भारत के लिए 15 अगस्त ही आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि भारत का आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त ही है. 18 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की परंपरा नदिया और मालदा के कुछ क्षेत्रों से जुड़ी ऐतिहासिक और स्थानीय परंपरा है. इसे पूरे देश के स्वतंत्रता दिवस की आधिकारिक तारीख में बदलाव नहीं माना जाना चाहिए.

आजादी की कहानी सिर्फ एक तारीख की नहीं

स्वतंत्रता दिवस हमें केवल 15 अगस्त 1947 की घटना याद नहीं दिलाता, बल्कि आजादी के साथ जुड़े संघर्ष, विभाजन और लाखों लोगों के अनुभवों को भी समझने का अवसर देता है. नदिया और मालदा की 18 अगस्त वाली कहानी इसी इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

इसलिए जब देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है, तब इन इलाकों में 18 अगस्त की ऐतिहासिक स्मृति भी यह याद दिलाती है कि आजादी तक पहुंचने का रास्ता हर क्षेत्र के लिए एक जैसा नहीं था.

यह भी पढ़ें - Independence Day 2026: 79वां या 80वां? इस साल भारत कौन सा स्वतंत्रता दिवस मनाएगा?

 

Continue reading on the app

भगवा पहन मंदिरों में चोरी करने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे, चांदी के मुकुट और हार बरामद

विदिशा के गुलाबगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग मंदिरों में लगातार चोरी की वारदात देखने को मिल रही थी। यहां मंदिरों की मूर्तियों के आभूषण चोरी किए जा रहे थे। एक के बाद एक कई मंदिरों में इसी तरह की चोरी को अंजाम दिया गया। लेकिन अब ये चोर पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।

गुलाबगंज थाना पुलिस ने मंदिरों से हो रही आभूषण चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है। इतना ही नहीं चोरी करने वाले शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस चोरी में हैरान करने वाली बात ये है कि ये चोर मंदिरों में अन्य भक्तों की तरह भक्त बनाकर पहुंचता था और मौका मिलने पर चोरी को अंजाम देता था।

भगवा पहन कर चोरी करने वाला गिरफ्तार

गुलाबगंज थाना पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह चोर मंदिरों में भगवा वस्त्र धारण करके जाता था। वहां घंटों पूजा पाठ और जाप करने का नाटक करता था। जैसे ही मंदिर से भीड़ खत्म होती थी और सन्नाटा होता था यह भगवान के मुकुट-हार चुराकर फरार हो जाता था।

नशे की पूर्ति के लिए चोरी

पुलिस ने इस आरोपी को पकड़कर इसके पास से चांदी के मुकुट, हार और वारदात में उपयोग की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल सहित तकरीबन एक लाख रुपए का माशूका बरामद किया है। जब इससे पूछताछ की गई तो इसने कबूल किया है कि ये ड्रग्स की लत का शिकार है और नशे की पूर्ति के लिए मंदिरों को निशाना बनाता था। ये अब तक चार मंदिरों में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है।

 

सीसीटीवी से खुला राज

विदिशा पुलिस को यह शिकायत मिली थी कि शहर के गुलाबगंज हनुमान मंदिर, एरन हनुमान मंदिर, गणेशपुर मूड़रा राम जानकी मंदिर और संतापुर हनुमान मंदिर में मूर्तियों के चांदी के आभूषण चोरी किए गए हैं। इसके बाद टीआइ सुरेश सिंह सोलंकी की टीम में दर्जनों सीसीटीवी कैमरा की फुटेज खंगाली। इसमें स्प्लेंडर पर एक संदिग्ध युवक नजर आया। इसके बाद जांच पड़ताल करते हुए पुलिस ने चोरी करने वाले आरोपी गिरीश गोस्वामी को कुआखेड़ी जोड़ से धर दबोचा।

Continue reading on the app

  Sports

BWF World Championships: पीवी सिंधू की नजर रिकॉर्ड छठे पदक पर, सात्विक और चिराग भी दिखाएंगे दम

बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत नई दिल्ली में सोमवार से हो रही है. प्रतियोगिता में लक्ष्य सेन और पीवी सिंधू जैसे स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. इस टूर्नामेंट में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में जबरदस्त तैयारी की गई है. ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने कहा है कि उनका लक्ष्य देश के लिए पोडियम फिनिश करना है. Sun, 16 Aug 2026 14:47:04 +0530

  Videos
See all

Indonesia Earthquake:इंडोनेशिया में भूकंप से तबाही! धरती कांपी, मची अफरा-तफरी! Indonesia Earthquake #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T10:45:35+00:00

Chandigarh Protest News LIVE: पंजाब बंद के ऐलान होते ही कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन तेज!| Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T10:35:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers