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अमित जानी बोले- 'काला हिरण' सलमान की बायोपिक नहीं है:फिल्म बिश्नोई समाज पर आधारित, कहा- नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है

फिल्म 'काला हिरण' को लेकर जारी विवाद के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम के नोटिस पर रिएक्शन दिया। ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। अमित जानी ने वीडियो में कहा, ‘सलमान खान की लीगल टीम की ओर से नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है कि हम फिल्म की रिलीज रोक दें और 20 जून को टीजर जारी न करें।’ वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में जानी ने कहा है कि 'काला हिरण' बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं। 'काला हिरण' को लेकर सलमान ने लीगल नोटिस भेजा 'काला हिरण' को लेकर सलमान की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया था। न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि सलमान की ओर से लॉ फर्म DSK लीगल ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में 'काला हिरण' नाम की प्रस्तावित फिल्म के प्रोडक्शन और प्रमोशन को तुरंत रोकने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया था कि यह फिल्म कथित तौर पर सलमान खान के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। सलमान की लीगल टीम का दावा है कि इस फिल्म से उनकी इमेज को नुकसान पहुंच सकता है, चल रही लीगल प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और उनके पर्सनल राइट्स का उल्लंघन हो सकता है। सलमान की लीगल टीम का कहना है कि एक्टर ने अपने नाम, पहचान या उनसे जुड़े किसी भी कथित घटनाक्रम के इस्तेमाल की कोई अनुमति नहीं दी है। 20 जून को टीजर आना है सलमान से जुड़े काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म 'काला हिरण' का पोस्टर पिछले शुक्रवार को जारी किया गया था। वहीं कहा गया था कि फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। हालांकि, यह जानकारी सामने नहीं आई थी कि इसमें कौन लीड रोल में है। वहीं, इसके पोस्टर में जो एक्टर दिखा है, वह जाना-पहचाना नहीं है। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। इन मामलों में 12 अक्टूबर 1998 को सलमान को पहली बार गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। मई 2026 में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

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रणवीर सिंह पर नॉन-कोऑपरेशन का फैसला FWICE ने वापस लिया:अशोक पंडित बोले- एक्टर पर बैन नहीं लगा था; हमारे पास वो अधिकार नहीं है

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (NCD) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान किया है। बुधवार को FWICE ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आधिकारिक बयान में कहा कि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के हस्तक्षेप और अपील के बाद यह फैसला लिया गया है। संगठन ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में एकता, सहयोग और सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है। इसी उद्देश्य से मामले को बातचीत और आपसी समझ के जरिए सुलझाने का निर्णय लिया गया। अशोक पंडित बोले- बैन नहीं था FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने कहा कि FWICE ने कभी भी रणवीर सिंह पर बैन नहीं लगाया था। उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस मामले को बैन के तौर पर पेश न किया जाए, क्योंकि इससे कन्फ्यूजन पैदा होता है। अशोक पंडित ने कहा कि FWICE के पास किसी को बैन करने का अधिकार नहीं है। संगठन केवल नॉन-कोऑपरेशन यानी सहयोग न करने का फैसला ले सकता है। उनके मुताबिक, यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है कि कोई तकनीशियन, वर्कर, निर्माता या कलाकार किसी व्यक्ति के साथ काम करना चाहता है या नहीं। रणवीर के सपोर्ट में आईं उपासना सिंह सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की जनरल सेक्रेटरी और एक्ट्रेस उपासना सिंह ने रणवीर सिंह का समर्थन करते हुए उन्हें फिल्म इंडस्ट्री को संभालने वाला कलाकार बताया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जब कई फिल्में फ्लॉप हो रही थीं, तब रणवीर की फिल्म 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' ने बेहतरीन बिजनेस करके इतिहास बनाया। इंडस्ट्री को आज ऐसे एक्टर्स की बहुत जरूरत है, जिनके काम को लोग पसंद करें। उपासना ने बताया कि उन्होंने खुद FWICE से रणवीर पर लगा बैन हटाने की गुजारिश की थी। उन्होंने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके बेटे ने 'धुरंधर' फिल्म को पांच बार देखा है, जिससे साफ है कि दर्शक उनके काम को कितना पसंद करते हैं। 25 मई को जारी हुआ था आदेश FWICE ने 25 मई को रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन जारी किया था, जिसके तहत संस्था ने अपने सभी सदस्यों से रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करने को कहा था। यह पूरा विवाद रणवीर सिंह के फिल्म डॉन 3 से बाहर होने से जुड़ा था। इस फिल्म को फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रही थी। मामले में कहा गया कि फिल्म की तैयारियां पूरी होने और शूटिंग शुरू होने से मात्र तीन हफ्ते पहले रणवीर सिंह प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। प्रोजेक्ट छोड़ने से हुए नुकसान के एवज में मेकर्स ने रणवीर से 45 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की थी। दावा- रणवीर ने FWICE को लीगल नोटिस भेजा था मंगलवार को रणवीर सिंह ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को लीगल नोटिस भेजा है। ऐसा दावा एनडीटीवी की रिपोर्ट में किया गया है। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने कमिटमेंट तोड़ने पर उठाए सवाल फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते विवादों के बीच प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि हाल के दिनों में कई एक्टर, डायरेक्टर और टेक्नीशियन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले अपने कमिटमेंट से पीछे हट रहे हैं, जिससे प्रोड्यूसर्स को भारी फाइनेंशियल नुकसान हो रहा है। गिल्ड ने कहा कि उसे अपने सदस्यों एक्सेल एंटरटेनमेंट और पैनोरमा स्टूडियोज से भी ऐसी ही शिकायतें मिली थीं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि प्रोजेक्ट की रिलीज से कुछ दिन पहले किए गए बदलावों से फिल्मों को नुकसान हुआ है। बयान में कहा गया कि इससे फिल्मों की साख, ब्रांड वैल्यू और सैकड़ों तकनीशियनों व क्रू मेंबर्स की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ता है। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे अपने विवाद बातचीत और आपसी समझ से सुलझाएं। डॉन 3 विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रणवीर सिंह के समर्थन में आए राम गोपाल वर्मा:डॉन 3 विवाद पर बोले- FWICE को बैन करो, एक्टर को नहीं 'डॉन 3' विवाद के बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा रणवीर सिंह के सपोर्ट में सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर के खिलाफ जारी 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' (असहयोग निर्देश) पर भी सवाल उठाए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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  Sports

French Open 2026 Champion: जीतते ही जमीन पर गिर पड़े ज्वेरेव, आंखों से छलक पड़े आंसू | VIDEO

French Open 2026: रोलां गैरोस की लाल मिट्टी पर जैसे ही आखिरी अंक अलेक्जेंडर ज्वेरेव के नाम हुआ, वर्षों का इंतजार और संघर्ष भावनाओं के सैलाब में बदल गया। फ्लेवियो कोबोली को हराकर पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले जर्मन स्टार कोर्ट पर ही घुटनों के बल बैठ गए। कुछ ही क्षण बाद वे पीठ के बल लेट गए और दोनों हाथों से अपना चेहरा ढंक लिया। उनकी आंखों से खुशी के आंसू लगातार बह रहे थे।

यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उन तमाम दर्दनाक हारों और अधूरे सपनों का अंत था, जिनका सामना ज्वेरेव ने पिछले कई वर्षों में किया था। तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल हारने के बाद चौथे प्रयास में आखिरकार उन्होंने इतिहास रच दिया। दुनिया के नंबर-3 खिलाड़ी के इस भावुक जश्न की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। टेनिस प्रशंसक इसे फ्रेंच ओपन 2026 के सबसे यादगार पलों में से एक बता रहे हैं।

मैच के बाद ट्रॉफी समारोह के दौरान भी अलेक्जेंडर ज्वेरेव अपनी भावनाएं नहीं छिपा सके। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना थी और कई बार फाइनल में हारने के बाद उन्हें लगने लगा था कि शायद ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उनके नसीब में नहीं है। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। रोलां गैरोस में मिली यह जीत उनके धैर्य और संघर्ष का सबसे बड़ा पुरस्कार साबित हुई।

फाइनल में फ्लेवियो कोबोली ने भी शानदार खेल दिखाया। 24 वर्षीय इटैलियन खिलाड़ी ने पहला सेट 1-6 से गंवाने के बावजूद जबरदस्त वापसी की और मुकाबले को पांचवें सेट तक पहुंचाया। चौथे सेट का टाई-ब्रेकर जीतकर उन्होंने ज्वेरेव पर दबाव बढ़ा दिया था, लेकिन निर्णायक सेट में अनुभव और फिटनेस के मामले में जर्मन खिलाड़ी भारी पड़े।

इस जीत के साथ ज्वेरेव ने न सिर्फ अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता, बल्कि टेनिस जगत के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में भी जगह बना ली जिन्होंने लंबे इंतजार के बाद मेजर ट्रॉफी उठाई। सोशल मीडिया पर दुनिया भर के खिलाड़ियों, पूर्व चैंपियनों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी। कई दिग्गजों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे प्रेरणादायक ग्रैंड स्लैम जीतों में से एक बताया।

दूसरी ओर, कोबोली की हार के बावजूद उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है। पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे इटैलियन स्टार ने साबित कर दिया कि आने वाले वर्षों में वह टेनिस की दुनिया के बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि ट्रॉफी उनके हाथ नहीं लगी, लेकिन रोलां गैरोस 2026 ने उन्हें वैश्विक मंच पर नई पहचान जरूर दिला दी।

फ्रेंच ओपन 2026 का यह फाइनल लंबे समय तक याद रखा जाएगा। एक तरफ वर्षों का इंतजार खत्म कर इतिहास रचने वाले ज्वेरेव थे, तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी के उभरते सितारे कोबोली। अंत में जीत जर्मनी के नाम रही, लेकिन इस मुकाबले ने टेनिस प्रशंसकों को पांच सेट तक रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से भरपूर यादगार कहानी दी।

Mon, 08 Jun 2026 00:31:55 +0530

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