जंतर मंतर पर CJP प्रदर्शन में हंगामा करने पर 6 लोगों को किया गया गिरफ्तार, पढ़ें खबर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन तय समय से पहले समाप्त हो गया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हंगामा करने की कोशिश कर रहे छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक वीडियो जारी कर आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। दिपके ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “कॉकरोच कभी जमीन पर नहीं आएंगे।” इस वीडियो में प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों की भारी भीड़ भी दिखाई दी, जो आंदोलन को मिल रहे समर्थन को दर्शाती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस प्रदर्शन को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिली।
दरअसल CJP का यह प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। संगठन का आरोप है कि नीट पेपर लीक मामले और सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणामों में कथित गड़बड़ियों ने छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। प्रदर्शन का नेतृत्व अभिजीत दिपके ने किया, जबकि प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से प्रदर्शन को और अधिक चर्चा और समर्थन मिला।
प्रदर्शन शुरू होने से पहले सरकार को चेतावनी दी थी
अभिजीत दिपके शनिवार सुबह अमेरिका से नई दिल्ली पहुंचे थे। प्रदर्शन शुरू होने से पहले उन्होंने सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि शाम 5 बजे तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP नामक इस नए संगठन का गठन पिछले महीने हुआ था। संगठन की शुरुआत इंटरनेट पर भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिए गए “कॉकरोच” संबंधी बयान के बाद हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा इस संगठन से जुड़ते चले गए। पार्टी का कहना है कि वह शिक्षा व्यवस्था से जुड़े उन मुद्दों को उठा रही है, जो सीधे युवाओं के भविष्य को प्रभावित करते हैं।
इन मांगों को लेकर किया था प्रदर्शन
वहीं CJP ने अपनी मांगों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली में सुधार और डिजिटलीकरण से पहले उचित प्रशिक्षण व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि बिना तैयारी के लागू किए जा रहे बदलाव छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल 18 वर्षीय रौनक ने कहा कि संगठन का भविष्य क्या होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाना जरूरी है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान दो गुटों के बीच संभावित टकराव को रोकने के लिए छह लोगों को हिरासत में लिया गया। इन लोगों पर शांति भंग करने और हंगामा करने का प्रयास करने का आरोप है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एक हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।
उत्तराखंड SIR: निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, सभी बीएलओ को मिलेगा मोबाइल रिचार्ज भत्ता, 8 जून से शुरू होगा घर-घर गणना अभियान
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को गति देने और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के कार्य को सुगम बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। आयोग ने प्रदेश के उन सभी 11733 बीएलओ को मोबाइल डाटा रिचार्ज के लिए ₹350 का भुगतान करने का निर्णय लिया है, जो इस महत्वपूर्ण कार्य में जुटे हुए हैं। यह कदम मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम की विशेष पहल पर उठाया गया है, जिसके संबंध में आवश्यक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
यह धनराशि विशेष रूप से एक माह के मोबाइल रिचार्ज प्लान के लिए दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) की प्रक्रिया विधिवत रूप से प्रारंभ हो चुकी है। इस अभियान के तहत, बीएलओ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए 8 जून से लेकर 7 जुलाई तक मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित करेंगे। यह एक माह का चरण मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बीएलओ ऐप से होगा फॉर्म का डिजिटलीकरण
इस एक माह के सघन अभियान के दौरान, बीएलओ द्वारा मतदाताओं से प्राप्त किए गए भरे हुए गणना फॉर्म्स को “बीएलओ ऐप” के माध्यम से डिजिटलाइज किया जाएगा। यह डिजिटलीकरण प्रक्रिया अभियान का एक अभिन्न अंग है, जो डेटा को तेजी से और सटीक रूप से निर्वाचन आयोग तक पहुंचाने में मदद करती है। इस पूरी प्रक्रिया में, बीएलओ को निरंतर मोबाइल डाटा कनेक्टिविटी की आवश्यकता होगी। निर्वाचन आयोग ने इस बात को गंभीरता से लिया है कि फील्ड में कार्यरत बीएलओ को मोबाइल डाटा प्लान की कमी के कारण उनके कार्य में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, बीएलओ को मोबाइल रिचार्ज हेतु धनराशि देने का निर्णय लिया गया है, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपने डिजिटल कार्यों को संपन्न कर सकें।
यह भुगतान सुनिश्चित करेगा कि बीएलओ ऐप का उपयोग करते समय उन्हें किसी भी प्रकार की तकनीकी या कनेक्टिविटी संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े। निर्वाचन आयोग का यह निर्णय बीएलओ के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से पालन करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य एक शुद्ध, अद्यतन और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है, जो आगामी चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता की नींव रखती है।
निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी 11733 बीएलओ को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। यह पहल न केवल बीएलओ के लिए एक सुविधा है, बल्कि यह निर्वाचन आयोग की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसके तहत वह अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने और डिजिटल इंडिया पहल के तहत प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है। डॉ. पुरुषोत्तम की इस दूरदर्शी पहल से उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया को गति मिलेगी और मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि लोकतंत्र का आधार, यानी मतदाता सूची, नवीनतम और त्रुटिरहित हो।
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