पेरिस। रूसी टेनिस सनसनी मीरा एंड्रीवा (Mirra Andreeva) ने महिला टेनिस में नया इतिहास रच दिया है। 19 वर्षीय एंड्रीवा ने फ्रेंच ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में पोलैंड की माजा च्वालिंस्का (Maja Chwalinska) को 6-3, 6-2 से हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया। यह मुकाबला लगभग डेढ़ घंटे तक चला और पूरे मैच में एंड्रीवा का दबदबा देखने को मिला।
इस जीत के साथ एंड्रीवा 1992 में मोनिका सेलेस के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गईं। साथ ही वह 2014 में मारिया शारापोवा के बाद ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली रूसी महिला खिलाड़ी भी बनी हैं।
Mirra Andreeva championमीरा एंड्रीवा बॉल किड्स के साथ जश्न मनाते हुए।
HIGHLIGHTS
मीरा एंड्रीवा ने माजा च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराया। 19 साल की उम्र में पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। 1992 के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं। 2014 के बाद ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली रूसी महिला खिलाड़ी। च्वालिंस्का का ऐतिहासिक क्वालिफायर अभियान फाइनल में समाप्त हुआ।
आठवीं वरीयता प्राप्त एंड्रीवा ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले सेट में उन्होंने अपनी मजबूत सर्विस और सटीक ग्राउंड स्ट्रोक्स के दम पर च्वालिंस्का को लगातार दबाव में रखा। 3-3 की बराबरी के बाद एंड्रीवा ने लगातार गेम जीतकर पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में भी रूसी खिलाड़ी ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखा। उन्होंने तेजी से बढ़त बनाते हुए मुकाबले पर पूरी पकड़ बना ली और 6-2 से सेट जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल कर लिया।
एंड्रीवा पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन लय में नजर आईं। फाइनल से पहले खेले गए अपने तीन मुकाबलों में उन्होंने केवल 12 गेम गंवाए थे और खिताब की सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी थीं। फाइनल में भी उन्होंने उसी आत्मविश्वास और संयम का प्रदर्शन किया।
यह जीत एंड्रीवा के लगातार विकास की कहानी को भी दर्शाती है। 2024 में वह फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं और अब मात्र 19 वर्ष की उम्र में ग्रैंड स्लैम चैंपियन बन गई हैं।
च्वालिंस्का का ऐतिहासिक सफर थमा
दूसरी ओर, क्वालिफायर के तौर पर टूर्नामेंट में उतरी माजा च्वालिंस्का का यादगार अभियान फाइनल में आकर समाप्त हुआ। दुनिया की 114वीं रैंकिंग वाली पोलिश खिलाड़ी रोलां गैरोस के इतिहास में महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली क्वालिफायर बनने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि फाइनल में एंड्रीवा के सामने वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं।
खिताब जीतने के बाद एंड्रीवा ने कहा, "यह किसी सपने के सच होने जैसा है। मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है और आज उसका फल मिला है।" उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद टेनिस जगत में उनकी खूब सराहना हो रही है और अब सभी की नजरें अगले ग्रैंड स्लैम Wimbledon Championships पर टिकी हैं।