खजराना गणेश मंदिर में भक्तों ने दिल खोलकर चढ़ाया दान, चार दिन में करोड़ों का चढ़ावा
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में इन दिनों दान पेटियां खुलने के बाद चढ़ावे की गिनती चल रही है। चार दिनों की गिनती में ही मंदिर की दान पेटियों से 1 करोड़ 30 लाख रुपए से ज्यादा की राशि निकल चुकी है।
खास बात यह है कि अभी पूरी राशि की गिनती नहीं हुई है। ऐसे में अंतिम आंकड़ा इससे भी ज्यादा हो सकता है। मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के साथ अपनी श्रद्धा के अनुसार दान भी करते हैं।
चार दिन में 1.30 करोड़ रुपए का चढ़ावा
खजराना गणेश मंदिर में दान पेटियों की गिनती 10 अगस्त से शुरू की गई थी। चार दिनों में अब तक 1 करोड़ 30 लाख रुपए से अधिक की राशि गिनी जा चुकी है। यह रकम केवल चार दिनों में सामने आई है और गिनती अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए मंदिर को मिलने वाले कुल चढ़ावे का अंतिम आंकड़ा आने में अभी समय लगेगा।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के सामने अपनी श्रद्धा के अनुसार रुपए दान करते हैं। कोई छोटी राशि दान करता है तो कोई अपनी क्षमता के हिसाब से बड़ी रकम चढ़ाता है। लंबे समय से खजराना गणेश मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र रहा है। त्योहारों और खास मौकों पर यहां भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है।
40 दान पेटियों में जमा होता है चढ़ावा
खजराना गणेश मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए 40 दान पेटियां रखी गई हैं। भक्त इन पेटियों में अपनी इच्छा और सुविधा के अनुसार राशि डालते हैं। इन पेटियों को समय-समय पर खोला जाता है और जमा रकम की गिनती की जाती है।
इस बार भी दान पेटियों को खोलने के बाद बड़ी मात्रा में नकदी सामने आई। गिनती का काम एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यही वजह है कि चार दिन बाद भी पूरी रकम का हिसाब सामने नहीं आया है।
मंदिर प्रशासन द्वारा गिनी गई राशि को मंदिर के बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है। इससे चढ़ावे की रकम का रिकॉर्ड भी तैयार होता है और पैसे को सुरक्षित तरीके से बैंक तक पहुंचाया जाता है। दान की राशि का हिसाब रखने की प्रक्रिया इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि रकम करोड़ों रुपए में पहुंच रही है।
CCTV कैमरों और वीडियोग्राफी के बीच हो रही दान राशि की गिनती
इतनी बड़ी राशि की गिनती के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर में जिस स्थान पर दान की रकम गिनी जा रही है, वहां CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। जानकारी के अनुसार गिनती वाले स्थान पर चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। इसका उद्देश्य गिनती की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखना है। बड़ी मात्रा में नकदी होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है।
खजराना गणेश मंदिर में चढ़ावे की गिनती अभी जारी
मंदिर प्रशासन के अनुसार दान पेटियों की गिनती अभी पूरी नहीं हुई है। शुक्रवार को भी गिनती का काम जारी रहने की जानकारी है। इसलिए 1.30 करोड़ रुपए का आंकड़ा अंतिम नहीं माना जा रहा है।
बची हुई दान पेटियों को खोलने और उनमें मौजूद राशि की गिनती के बाद कुल रकम का पता चलेगा। इसके बाद मंदिर के बैंक खाते में पूरी राशि जमा कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
साध्वी हर्षा रिछारिया का कांवड़ यात्रा पर यू-टर्न, बोलीं – ‘कांवड़ की आड़ में नशा और अश्लील डांस बंद हो’
कांवड़ यात्रा को लेकर साध्वी हर्षा रिछारिया एक बार फिर चर्चा में हैं। विधायक गोलू शुक्ला की बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा में शामिल होने के कुछ दिन बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कांवड़ यात्रा में बढ़ती नशे और अश्लील डांस जैसी गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं। हर्षा ने कहा कि धार्मिक यात्रा का मकसद आस्था होना चाहिए, मनोरंजन या नशा नहीं।
हर्षा रिछारिया ने अपने वीडियो में खास तौर पर हरिद्वार से निकलने वाली कांवड़ यात्राओं का जिक्र किया। उनका कहना है कि समय के साथ यात्रा का स्वरूप बदलता जा रहा है। उनके मुताबिक पहले कांवड़ यात्रा में भक्ति, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति समर्पण को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता था, लेकिन अब कुछ जगहों पर बड़े डीजे, झांकियों, नशे और डांस का चलन बढ़ता दिखाई देता है। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में सख्ती करने की मांग की है।
नशे और डीजे को लेकर साध्वी हर्षा ने उठाए सवाल
साध्वी हर्षा रिछारिया ने कहा कि कांवड़ यात्रा में शराब और गांजे का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि नशे की हालत में यात्रा करने वाले लोगों को कांवड़िए कहना ही ठीक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बड़े-बड़े डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए। हर्षा ने अपने वीडियो में कहा कि धार्मिक झांकियों के साथ डांस करने वाले कलाकारों को बुलाने का चलन भी बढ़ रहा है। उन्होंने खास तौर पर शिव और पार्वती का रूप धारण कर किए जाने वाले डांस का जिक्र किया और आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ये प्रदर्शन आपत्तिजनक स्तर तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने सरकार और धार्मिक संगठनों से इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की।
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उनका कहना है कि अगर अभी ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह चलन और बढ़ सकता है। हर्षा ने शांतिपूर्ण तरीके से आस्था के साथ कांवड़ लेकर चलने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा महत्व देने की बात कही। हालांकि, उनके वीडियो में किए गए दावे उनके व्यक्तिगत विचार हैं और किसी खास घटना या व्यक्ति के खिलाफ कोई अलग कानूनी आरोप नहीं लगाया गया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
हर्षा रिछारिया के बयान के बाद उनके कुछ दिन पहले के कांवड़ यात्रा में शामिल होने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। वह विधायक गोलू शुक्ला की बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा के साथ महेश्वर से उज्जैन पहुंची थीं। यह यात्रा 3 अगस्त को शुरू हुई थी और 9 अगस्त को उज्जैन पहुंची थी। यात्रा के उज्जैन पहुंचने पर इसका भव्य स्वागत भी किया गया था। खास बात यह है कि जिस यात्रा का हिस्सा हर्षा बनी थीं, उसमें भी डीजे और अलग-अलग रूप धारण किए कलाकारों के साथ चलते हुए वीडियो सामने आए थे। हालांकि, अब जो वीडियो उन्होंने जारी किया है, उसमें उनका मुख्य फोकस हरिद्वार की कांवड़ यात्राओं में होने वाली गतिविधियों पर है। उन्होंने अपनी यात्रा में दिखी ऐसी गतिविधियों पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की है।
इससे पहले हर्षा ने इसी यात्रा की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्हें युवाओं में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और एक-दूसरे की मदद करने का भाव दिखाई दिया। अब उनके नए बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने और नए बयानों की तुलना की जा रही है। यानी कुछ ही दिनों में कांवड़ यात्रा को लेकर उनका नजरिया चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
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