दिल्ली में 5 साल में 500 से ज्यादा लोगों की मौत, जानें क्यों आग का चेंबर बन रही राजधानी?
Delhi Fire Figures: दिल्ली के मालवीय नगर में हाल ही में एक भीषण अग्निकांड हुआ था। फ्लोरिश स्टेज बेड एंड ब्रेकफास्ट में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी और 25 घायल हो गए थे। मृतकों में कई विदेशी भी शामिल थे। इस घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में होटलों, गेस्ट हाउसों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और आवासीय भवनों में अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर चिंताओं को फिर से बढ़ा दी है। दिल्ली में पिछले 5 सालों में आग लगने का डेटा जारी हुआ है।
दिल्ली सरकार और दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 21 मार्च, 2026 के बीच आग से संबंधित घटनाओं में 500 से अधिक लोगों की जान चली गई। इसी अवधि के दौरान हजारों लोग घायल भी हुए।
किस साल कितनी मौतें?
DFS के अनुसार, साल 2019-20 में कुल 95 मौतें दर्ज की गईं। साल 2020-21 में कुल 41 मौतें दर्ज की गईं। 2021-22 में कुल 55 मौतें दर्ज की गईं। 2022-23 में कुल 95 मौतें दर्ज की गईं। 2023-24 में कुल 77 मौतें दर्ज की गईं। 2024-25 में कुल 90 मौतें दर्ज की गईं। 2025-26 (मार्च 2010 तक) में कुल 65 मौतें दर्ज की गईं।
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5 साल में 4,404 लोग घायल
एक साल में सबसे अधिक मौतें 2019-20 में दर्ज की गईं, जिसका मुख्य कारण अनाज मंडी की दुखद आग थी, जिसमें अकेले 44 लोगों की जान चली गई थी। इसके अतिरिक्त, 2019 और 2025 के बीच हुई आगजनी की घटनाओं में कम से कम 4,403 लोग घायल हुए।
क्यों दिल्ली में बढ़ रहीं आग की घटनाएं?
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ इन बार-बार होने वाली घटनाओं के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराते हैं, जिनमें तीव्र शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि, आपातकालीन पहुंच में बाधा डालने वाली संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियां, अवैध निर्माण और भवन संबंधी उल्लंघन, अग्नि सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन न करना और अग्निशमन उपकरणों का अपर्याप्त रखरखाव शामिल हैं।
किस साल कितनी आग की कॉल मिलीं
अधिकारियों द्वारा शेयर गई एक अलग डीएफएस डेटा तालिका में काफी अधिक आंकड़े स्तुत किए गए हैं, जिसमें 2019-20 में 31,157 कॉल, 2020-21 में 25,709 कॉल, 2021-22 में 27,343 कॉल, 2022-23 में 31,958 कॉल, 2024-25 में 26,568 कॉल और 2025-26 में 36,101 कॉल (21 मार्च तक) दर्ज की गई हैं।
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'माफी से मिटेगा विवाद या होगी सिर्फ लीपापोती'? पेड्डी में जान्हवी कपूर के कॉन्ट्रोवर्शियल सीन बदलने का फैसला, डायरेक्टर ने मांगी माफी
By Shristi Jha
Peddi Controversy: इस समय साउथ इंडिया की चर्चित फिल्म पेड्डी (Peddi) को लेकर ऑडियंस के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. इस फिल्म ने पहले ही दिन रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर ये साबित कर दिया कि ये मूवी आने वाले दिनों में अच्छा-खासा बिजनेस करेगी. फिल्म को लेकर जहां एक तरफ पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है. वहीं. दूसरी तरफ फिल्म की फीमेल कास्टिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इस फिल्म की रिलीज के बाद जान्हवी कपूर के किरदार को लेकर सबसे ज्यादा विवाद देखने के लिए मिला कि एक्ट्रेस जान्हवी कपूर को ऑब्जेक्टिफाइ किया गया है. इसके अलावा कई लोगों का कहना है कि उनका फिल्म में कोई अहम रोल नहीं रखा गया. अब इस मुद्दे पर फिल्म के डायरेक्टर का बयान समाने आया है. आइए जानते हैं कि उन्होंने इस पर क्या कहा है.
जानिए क्या है पूरा मामला ?
फिल्म के कुछ सीन और उससे जुड़ी चीजे सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कई दर्शकों और कुछ संस्था ने आरोप लगाया कि पेड्डी फिल्म में कुछ सीन महिलाओं के प्रदर्शन और सामाजिक परिस्थिति के लिहाज से सही नहीं हैं. विवाद बढ़ने के साथ ही फिल्म को लेकर टिप्पणी का दौर शुरू हो गया. इसको मामला तब और गंभीर हो गया. जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #PeddiControversy जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. कई यूजर्स ने फिल्ममेकर से सफाई मांगी है. जबकि कुछ ने कॉन्ट्रोवर्शियल सीन को हटाने की मांग की.
निर्देशक ने माफी मांगी
फिल्म को लेकर बढ़ते दबाव के बीच डायरेक्टर बुची बाबू सना ने एक बयान जारी कर कहा कि उनका इरादा किसी की इमोशन को ठेस पहुंचाना नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर फिल्म के किसी भी हिस्से से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं तो इसके लिए माफी मांगते हैं.
डायरेक्टर ने यह भी बताया कि दर्शकों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लिया गया है और जिन सीन पर आपत्ति जताई जा रही है.उनमें आवश्यक बदलाव किए जाएंगे. उनका कहना है कि सिनेमा सोसाइटी के लिए होता है और दर्शकों की भावनाएं उनके लिए अहम है.
आखिर जान्हवी कपूर का नाम क्यों हैं चर्चा में?
फिल्म को लेकर विवाद बढ़ने के बाद एक्ट्रेस जान्हवी कपूर भी चर्चा में आ गई हैं. हालांकि उनकी ओर से इस पूरे मामले में कोई रिएक्शन देखने को नहीं मिला. फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विवाद मुख्य रूप से कुछ विशेष सीन को लेकर है, न कि एक्ट्रेस के पर्सनल बेहेवियर या एक्टिंग को लेकर है. फिर भी सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा हिस्सा जान्हवी कपूर के किरदार और उसकी प्रस्तुति पर केंद्रित रहा है. कुछ लोगों ने एक्ट्रेस का सपोर्ट किया और कहा कि कलाकार केवल निर्देशक के विजन के मुताबिक काम करते हैं, जबकि कुछ ने फिल्म निर्माण टीम की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं.
फिल्म पर क्या पड़ेगा असर?
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि विवाद किसी भी फिल्म के लिए दो-तरफा तलवार साबित हो सकता है. एक ओर नेगेटिव पब्लिसिटी फिल्म की इमेज को नुकसान पहुंचाता है. वहीं दूसरी ओर लगातार चर्चा फिल्म को ज्यादा पब्लिसिटी भी दिलाती है.
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म जान्हवी के सीन में किए जाने वाले बदलाव दर्शकों को संतुष्ट कर पाते हैं या नहीं. साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि फिल्म की कहानी और प्रेजेंटेशन पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है.
सोशल मीडिया पर बटी राय
डायरेक्टर की माफी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बटी हुई है. कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती स्वीकार कर विवादित सीन में बदलाव करना पॉजिटिव कदम है. वहीं कई लोगों ने इसे सिर्फ विवाद शांत करने की कोशिश बताया है. उनका कहना है कि जब आलोचना बढ़ी तब जाकर मेकर्स ने माफी मांगी. इसी वजह से सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे 'डैमेज कंट्रोल' और 'लीपापोती' करार दिया.
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