Explainer: आखिर क्यों अन्नामलाई ने तोड़ा बीजेपी से नाता? जानें उनके इस्तीफे की इनसाइड स्टोरी
Explainer: तमिलनाडु की सियासत में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और तमिलनाडु में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने आखिरकार भाजपा का साथ छोड़ दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. भाजपा से अलग होते ही अन्नामलाई ने एक नए राजनीतिक सफर की शुरुआत का ऐलान कर दिया है. उन्होंने 'वी द लीडर्स' नाम से अपना नया संगठन शुरू करने की घोषणा की है और साफ कर दिया है कि उनका यह संगठन तमिलनाडु का अगला विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगा.
पिछले 18 महीने से चल रहा था मतभेद
एक वीडियो संदेश जारी कर के अन्नामलाई ने अपने दिल की बात जनता के सामने रखी. उन्होंने बताया कि उनका यह फैसला उस मिशन को आगे बढ़ाने की इच्छा से जुड़ा है, जिसके कारण वह सबसे पहले सार्वजनिक जीवन में आए थे. अन्नामलाई ने साफ तौर पर इशारा किया कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके मतभेद पिछले 18 महीने से लगातार चल रहे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु की भलाई के लिए भाजपा में आए थे, लेकिन अब उन्होंने एक अलग राजनीतिक रास्ता चुन लिया है.
गठबंधन को लेकर नाराज थे अन्नामलाई
अन्नामलाई के इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी AIADMK के साथ बीजेपी का गठबंधन रहा. अन्नामलाई का मानना था कि भाजपा को तमिलनाडु का विधानसभा चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ना चाहिए था. वह चुनाव से पहले इस गठबंधन के पूरी तरह खिलाफ थे. उन्होंने कहा कि वह अपनी ही पार्टी के लिए कोई समस्या या रोड़ा नहीं बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सम्मानपूर्वक पीछे हटने और अपनी नई राह बनाने का फैसला किया.
राष्ट्रीय पार्टियों पर साधा निशाना
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने क्षेत्रीय राजनीति को तरजीह देते हुए राष्ट्रीय पार्टियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठी राष्ट्रीय पार्टियां अक्सर तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं, संस्कृति और उनकी अपेक्षाओं को पूरी तरह समझने में नाकाम रहती हैं. उन्होंने राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके और मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर भी निशाना साधा. अन्नामलाई ने कहा कि राजनीति को किसी एक परिवार की बपौती नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने यह दावा भी किया कि सुपरस्टार रजनीकांत समेत कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें साथ आने का न्योता दिया था, लेकिन वह अपनी लड़ाई अकेले लड़ना चाहते हैं.
कौन हैं के अन्नामलाई
के अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं. साल 2019 में उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से प्रभावित होकर साल 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे. पार्टी में आते ही उन्हें तमिलनाडु बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया और महज एक साल के भीतर वह तमिलनाडु बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए. उन्होंने राज्य में बीजेपी को मजबूत करने के लिए 'एन मन एन मक्कन' (मेरी धरती, मेरे लोग) नाम से एक बड़ी पदयात्रा भी निकाली थी. हालांकि, वह 2021 का विधानसभा चुनाव और 2024 का लोकसभा चुनाव हार गए थे.
बीजेपी को कितना होगा नुकसान
अन्नामलाई के जाने से तमिलनाडु में बीजेपी को बड़ा झटका लग सकता है. पिछले चार-पांच सालों में वह राज्य में बीजेपी का सबसे बड़ा और लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरे थे. युवाओं और शहरी मध्यम वर्ग के बीच उनकी आक्रामक और साफ-सुथरी छवि की वजह से अच्छी पकड़ थी. उनके जाने से युवाओं के बीच भाजपा की पैठ कमजोर हो सकती है. हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा का एक बड़ा वोट बैंक सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर निर्भर करता है, इसलिए एआईएडीएमके के साथ गठबंधन होने से जमीनी स्तर पर नुकसान को कुछ हद तक संभाला जा सकता है.
संजय सिंह की प्रतिक्रिया
अन्नामलाई के इस कदम पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की भी प्रतिक्रिया आई है. संजय सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि तमिलनाडु में जब कोई एक प्रयोग सफल हो जाता है, तो सबको लगने लगता है कि वे भी विजय थलापति की तरह रातों-रात चुनाव जीत जाएंगे. हो सकता है कि अन्नामलाई भी इसी गलतफहमी का शिकार हो गए हों. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने देश की जो हालत कर रखी है, उससे भी अन्नामलाई के मन में एक नाराजगी रही होगी, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी नई राह चुनी है. फिलहाल अन्नामलाई का पूरा ध्यान अगले पांच सालों में युवाओं को जोड़कर अपनी नई टीम खड़ी करने पर है.
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अन्नामलाई की नई पार्टी को मिल रहा जबरदस्त समर्थन
बता दें कि तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से बीजेपी से इस्तीफा दे दिया. उसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी 'वी द लीडर्स' (We the Leaders)’ लॉन्च की. अन्नामलाई के नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करते ही तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल आ गया. क्योंकि अन्नामलाई की पार्टी को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला. लॉन्चिंग के चंद घंटों के भीतर ही 10 लाख लोगों ने अन्नामलाई की नई पार्टी में रजिस्ट्रेशन करा लिया.
Our political movement has achieved a milestone, with over 10 lakh leaders registering within just 10 hours. This extraordinary response is a powerful reflection of the growing belief in our shared vision and collective mission.
— K.Annamalai (@annamalai_k) June 5, 2026
I extend my heartfelt gratitude to every… pic.twitter.com/IFWW3InPAh
10 घंटे के भीतर 10 लाख लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
अन्नामलाई ने शुक्रवार को अपनी नई पार्टी लॉन्च की. पार्टी के लॉन्चिंग के 10 घंटे के भीतर ही 10 लाख से ज्यादा लोगों ने उनकी पार्टी में रजिस्ट्रेशन कराया. अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा, "हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक मील का पत्थर हासिल किया है, जिसमें मात्र 10 घंटे में 10 लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया है. यह असाधारण प्रतिक्रिया हमारे साझा दृष्टिकोण और सामूहिक मिशन में बढ़ते विश्वास का सशक्त प्रमाण है. मैं इस आंदोलन पर भरोसा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं."
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