खंडवा में किसानों के खेत बने चोरों का निशाना, कहीं मोटर तो कहीं तार की चोरी
खंडवा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान इन दिनों अपने खेतों पर लगी पानी की मोटरों के तार चोरी होने की परेशानी का सामना कर रहे हैं। पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम जामली खुर्द में पानी की मोटरों के तार चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। इन किसानों ने अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
यहां हैरान करने वाली बात यह है कि पानी की मोटरों के तारों की चोरी केवल एक या दो किसानों के खेत से नहीं बल्कि दो दर्जन से ज्यादा किसानों के खेतों में हुई है। चोर बेखौफ होकर इन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और किसानों को अपने खेती से जुड़े कामों को करने में परेशानी का सामना करना पड़ है।
चोरी हो रहे मोटर के तार
अपने खेत से मोटर के तार चोरी होने की शिकायत नितेश पटेल, गजानंद पटेल, लोकेश पटेल, संतोष पटेल और शांतिलाल पटेल ने पंधाना थाने में दर्ज करवाई है। किसानों का कहना है कि जब वह खेतों पर पहुंचे तो कुओं में लगी पानी की मोटरों के तार गायब थे। जब आसपास के किसानों से पूछताछ की गई तब यह जानकारी सामने आई है कि चोरों ने एक या दो नहीं दो दर्जन से ज्यादा किसानों की मोटरों के तार चुरा लिए हैं। इन किसानों ने थाना प्रभारी से मामले की जांच कर चोरों को पकड़ने की मांग की है।
मोटर पर भी हाथ साफ
मोटर के तार चुराने के साथ-साथ जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के ग्राम बंजारी में कुछ किसानों के कुएं में लगी पानी की मोटरों पर भी हाथ साफ किया गया है। यहां गोपाल पटेल सहित पांच किसानों के खेतों में बने कुओं से तार के साथ-साथ मोटर भी चोरी की गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही इन चोरी की वारदातों को देखकर ये आशंका जताई जा रही है की तार चुराने वाला गिरोह एक ही हो सकता है, जो लगातार किसने टारगेट करने का काम कर रहा है।
दोनों हाथ नहीं, फिर भी पैरों से लिखकर पढ़ती है लक्ष्मी, बच्ची का जज्बा देख सोनू सूद ने बढ़ाया मदद का हाथ
बिहार के कटिहार जिले के एक छोटे से गांव की लक्ष्मी ने साबित कर दिया है कि सपनों के लिए शरीर से ज्यादा मजबूत हौसले की जरूरत होती है। हसनगंज प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भतौरिया में कक्षा 4 में पढ़ने वाली लक्ष्मी जन्म से ही दोनों हाथों से दिव्यांग है।
इसके बावजूद वह रोज स्कूल जाती है और अपने पैरों से लिखकर पढ़ाई करती है। उसके सामने कई मुश्किलें हैं, लेकिन पढ़ने की इच्छा उससे कहीं बड़ी है। लक्ष्मी की कहानी अब सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंची और अभिनेता सोनू सूद ने भी उसकी मदद करने की बात कही है।
पैरों से लिखकर बना रही पढ़ाई में अपनी राह
लक्ष्मी कटिहार के हसनगंज प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भतौरिया में कक्षा 4 की छात्रा है। जन्म से ही उसके दोनों हाथ नहीं हैं। इसके बावजूद उसने पढ़ाई को अपने जीवन से अलग नहीं होने दिया। वह अपने पैरों की मदद से लिखती है और स्कूल में दूसरे बच्चों की तरह पढ़ने की कोशिश करती है।
दोनों हाथों से दिव्यांग होने के बावजूद पढ़ाई नहीं छोड़ी
लक्ष्मी की कहानी का सबसे मजबूत हिस्सा यही है कि उसने अपनी शारीरिक कमी को पढ़ाई के रास्ते में दीवार नहीं बनने दिया। जन्म से दोनों हाथों से दिव्यांग होने के बाद भी उसने लिखने का अपना तरीका खोज लिया।
Lakshmi.. Milta hoon apse jaldi. https://t.co/yrrTFhfKN8
— sonu sood (@SonuSood) August 13, 2026
आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच जारी है लक्ष्मी की पढ़ाई
लक्ष्मी की जिंदगी में सिर्फ शारीरिक चुनौती ही नहीं है। उसके परिवार के सामने आर्थिक परेशानियां भी हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कई परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्च उठाना आसान नहीं होता। ऐसे में दिव्यांग बच्चे के लिए अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करना परिवार के लिए और बड़ी चुनौती बन सकता है।
दिव्यांग बच्चों को कई बार सामान्य पढ़ाई के साथ अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत होती है। स्कूल आने-जाने की सुविधा, पढ़ने-लिखने के लिए सही साधन, सहायक उपकरण और जरूरत पड़ने पर विशेष प्रशिक्षण उनके लिए पढ़ाई को आसान बना सकते हैं।
सोनू सूद ने लक्ष्मी की मदद करने की बात कही
लक्ष्मी की कहानी सोशल मीडिया के जरिए सामने आने के बाद अब अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने भी उसकी मदद करने की बात कही है। सोनू सूद पहले भी जरूरतमंद बच्चों और परिवारों की मदद को लेकर चर्चा में रहे हैं।
लक्ष्मी के मामले में सोनू सूद की ओर से मदद की बात सामने आना उसके परिवार और उसके भविष्य के लिए उम्मीद की खबर है। हालांकि, मदद के किस रूप में और किस स्तर पर की जाएगी, इसकी पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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