UP News: गाजियाबाद पुलिस की मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, दोनों पैरों में लगी गोली
Ghaziabad News: गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में पुलिस और एक इनामी आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपए के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया. मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया.
चेकिंग अभियान किया शुरू
पुलिस के अनुसार, थाना लोनी पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि 30 मई 2026 को ग्राम गनौली निवासी ओमकार सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में वांछित इनामी आरोपी निठौरा रोड की ओर आने वाला है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने निठौरा अंडरपास के पास चेकिंग अभियान शुरू किया.
आरोपी कर रहा था भागने की कोशिश
चेकिंग के दौरान बाइक सवार एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया. पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन वह नहीं रुका और भागने का प्रयास करने लगा. पीछा करने के दौरान उसकी बाइक फिसल गई. आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और मौके से भागने की कोशिश की.
जवाबी कार्रवाई में दोनों पैरों में लगी गोली
पुलिस ने आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई. घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम गौरव पुत्र विजेंद्र, निवासी ग्राम गनौली, थाना लोनी, गाजियाबाद बताया. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर ओमकार पुत्र राममेहर के अपहरण और हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है. आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद शव को रोहटा मेरठ रोड स्थित गंगानगर क्षेत्र में फेंक दिया गया था.
आग की कार्रवाई में जुटी पुलिस
इस मामले में थाना लोनी पर मुकदमा संख्या 152/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक जिक्सर बाइक, एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है. फिलहाल, पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
Pukhraj Stone Benefits: पुखराज क्या होता है? इस बहुमूल्य रत्न को पहनने के नियम जानिए, किन लोगों के लिए शुभ
Pukhraj Stone Benefits: आजकल लोग अपने हाथों में अलग-अलग रत्नों की अंगूठी पहनते हैं. इन अंगूठियों को सिर्फ फैशन के लिए नहीं पहना जाता है बल्कि इनका संबंध ज्योतिष शास्त्र से भी होता है. ज्योतिषीय दृष्टि में पुखराज को सबसे प्रभावशाली और शुभ रत्नों में से एक माना जाता है. यह रत्न गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है. माना जाता है कि पुखराज को धारण करने से मनुष्य में ज्ञान, वैवाहिक सुख, करियर में ग्रोथ और आर्थिक समृद्धि मिल सकती है. हालांकि, पुखराज पहनने से पहले यह जानना जरूरी होताहै कि यह रत्न किन लोगों के लिए शुभ होता है, इसे पहनने के सही नियम क्या हैं और किन परिस्थितियों में इसे पहनने से बचना चाहिए.
इस आर्टिकल में हम आपको बहुमूल्य रत्न पुखराज के बारे में विस्तार से बताएंगे.
पुखराज क्या है?
पुखराज जिसे अंग्रेजी में येलो सफायर (Yellow Sapphire) कहते हैं. यह एक बेशकीमती चमकीला पत्थर होता है. प्राकृतिक पुखराज पृथ्वी के अंदर गहराई में पाया जाता है. लाखों वर्षों की खुदाई के बाद यह बाहर निकलता है. यह पृथ्वी के क्रोड में मौजूद तरल मैग्मा में पाया जाता है. इसे पेग्माटाइट के साथ मिलाकर बनाया जाता है. पुखराज का वैज्ञानिक नाम है एल्युमिनियम सिलिकेट. जब भूकंप या फिर धरती की अंदरुनी हलचल होती हैं तो यह क्रिस्टल पृथ्वी के नजदीक आते जाते हैं और फिर खनन करके उन्हें निकाला जाता है. संस्कृत में इसका नाम पुष्पराग होता है.
असली-नकली पुखराज कैसे पहचानें?
असली पुखराज बहुत चिकना, पारदर्शी और वजनदार होता है. पुखराज की चमक भी बहुत तेज होती है. असली पुखराज की कीमत कैरेट और वजन के आधार पर होती है. लगभग 1 रत्ती का पुखराज 2000 से 5000 तक का मिलता है. वहीं, 2 रत्ती पुखराज की कीमत 4000 से शुरू होती है.
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पुखराज अंगूठी कितनी रत्ती की पहनी जाती है?
पुखराज की अंगूठी आमतौर पर 5 से 7 रत्ती के बीच की होनी चाहिए. हालांकि, ज्योतिष में बताया जाता है कि पुखराज का वजन आपके वजन पर निर्धारत होता है.
पुखराज के कौन कौन से आभूषण बन सकते हैं?
पुखराज का इस्तेमाल कई प्रकार की ज्वेलरी में किया जाता है. अंगूठी, पेंडेंट और झुमके बनाए जाते हैं. पुखराज को सोने या चांदी में जड़वाकर पहना जाता है. हालांकि, सबसे लोकप्रिय पुखराज की अंगूठी होती है. महिलाओं में पुखराज का ब्रेसलेट भी पॉपुलर है.
पुखराज का ज्योतिषीय महत्व
पुखराज रत्न का संबंध देवगुरु बृहस्पति से होता है. गुरु ग्रह की कृपा पाने के लिए इस रत्न को पहना जाता है. दरअसल, गुरु ग्रह ज्ञान, विद्या, धन, विवाह, संतान और सौभाग्य के कारक माने जाते हैं. इस रत्न को पहनने से गुरु की ऊर्जा प्राप्त होती है. ज्योतिष में बताया जाता है कि इसे पहनने से जीवन में स्थिरता आती है और समृद्धि आती है. पुखराज पहनने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. यह रत्न शादी-विवाह में आ रही अड़चनों को भी दूर करता है.
पुखराज रत्न पहनने के फायदे
1.विवाह में देरी- यदि किसी का विवाह लंबे समय से नहीं हो पा रहा है. उन्हें पुखराज पहनना चाहिए. वैवाहिक जीवन में सुख पाने के लिए भी इसे पहन सकते हैं. दरअसल, कुंडली में गुरु कमजोर हो तो पुखराज ऐसी दिक्कतों को बढ़ाता है.
2.करियर में उन्नति- गुरु यदि शुभ प्रभाव न दे रहे हो तो ऐसे जातकों को अपने करियर में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पुखराज का संबंध बृहस्पति से है. इसलिए, ज्ञान के कारक भी कहलाते हैं. छात्रों और रिसर्च से जुड़े लोगों को पुखराज पहनना चाहिए.
3.स्वास्थ्य लाभ- जिन लोगों को पाचन की समस्या रहती है, उन्हें भी पुखराज पहनने से फायदा होता है. लिवर से जुड़ी बीमारियों और स्किन प्रॉब्लम्स से भी पुखराज का पत्थर बचाता है.
4.धन-समृद्धि- आर्थिक समृद्धि और व्यापार में उन्नति के लिए पुखराज पहनने की सलाह दी जाती है. इसे पहनने के बाद आय के नए स्त्रोत खुलते हैं. जीवन में स्थिरता और सफलता आती है.
किन लोगों के लिए शुभ माना जाता है पुखराज?
धार्मिक मान्यता है कि जिसकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है. उन्हें पुखराज पहनना चाहिए. हालांकि, उससे पहले किसी ज्योतिष की सलाह जरूर लेनी चाहिए. परंपरागत ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, धनु और मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह होते हैं, इसलिए इन राशियों के लिए पुखराज विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इसके अलावा, मेष, कर्क और सिंह राशि के लोभ भी पुखराज पहन सकते हैं. धनु और मीन लग्न वाले जातक भी पुखराज पहन सकते हैं. इसके अलावा, विद्यार्थियों, शिक्षकों और सलाहकारों आदि के लिए भी पुखराज धारण करना शुभ होता है.
पुखराज पहनने के नियम
- पुखराज को हमेशा सोने में जड़वाकर पहना जाता है. अगर कोई सोना नहीं ले पा रहा हो तो वह इसे पंचरत्न में भी जड़वा कर धारण कर सकता है.
- पुखराज की अंगूठी हमेशा दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करना चाहिए.
- पुखराज धारण करने के लिए गुरुवार का दिन सबसे शुभ होता है, क्योंकि यह दिन गुरु ग्रह को समर्पित होता है.
- पुखराज को गुरुवार के दिन सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले यानी की लगभग सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच के पहन लेना चाहिए.
पुखराज को अभिमंत्रित कैसे करें?
पुखराज धारण करने से पहले उसे गंगाजल और कच्चे दूध में शुद्ध जरूर करना चाहिए. इसके बाद ऊं बृं बृहस्पतये नम: मंत्र का जाप जरूर करें. आप ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः, इस मंत्र का भी जाप कर सकते हैं. इन मंत्रों को कम से कम 108 बार जाप करें ताकि पुखराज अभिमंत्रित हो जाए.
किन लोगों को पुखराज नहीं पहनना चाहिए?
पुखराज को गुरु ग्रह का रत्न कहते हैं. इसलिए, ज्योतिष शास्त्र में हर व्यक्ति के लिए इसे पहनना उपयुक्त नहीं माना जाता है. गलत रत्न पहनना जीवन को प्रभावित कर सकता है. फायदों की जगह नुकसान झेलने पड़ सकते हैं. इसलिए, पुखराज पहनने से पहले कुंडली का विशलेषण जरूरी होता है. इसके अलावा, वृषभ, मिथुन, कन्या और तुला राशि के जातकों को भी पुखराज नहीं पहनना चाहिए. जिनकी कुंडली में गुरु मारक ग्रह हो, उन्हें भी पुखराज नहीं पहनना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति ने पहले से नीलम, गोमेद, लहसुनिया या अन्य ग्रहों के रत्न पहना हुआ है तो उन्हें भी इसे नहीं पहनना चाहिए.
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