भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 सेटअप में बड़ा बदलाव होने जा रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रेयस अय्यर को भारत का नया टी20 कप्तान बनाया जाएगा और इसकी आधिकारिक घोषणा शनिवार को सेलेक्शन कमेटी की बैठक के बाद की जा सकती। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम चुनते समय यह फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की न सिर्फ कप्तानी जाएगी, बल्कि आगे होने वाले दौरे के लिए टीम में उनकी जगह भी खतरे में बताई जा रही।
सूत्रों के अनुसार, सेलेक्शन कमेटी और टीम मैनेजमेंट अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहते। ऐसे में पंजाब किंग्स के कप्तान रहे श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कमान सौंपने का फैसला लगभग तय माना जा रहा। वहीं युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया जा सकता।दिलचस्प बात यह है कि श्रेयस ने दिसंबर 2023 के बाद भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला। ऐसे में उनकी T20 टीम में वापसी सीधे कप्तान के रूप में हो सकती।
कप्तान के तौर पर शानदार रहा श्रेयस का रिकॉर्ड 31 वर्षीय श्रेयस अय्यर का कप्तानी रिकॉर्ड उनके पक्ष में जाता। उन्होंने 2020 में दिल्ली कैपिटल्स को पहली बार आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया था। इसके बाद 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब जिताया। हाल ही में उन्होंने पंजाब किंग्स को 11 साल बाद आईपीएल फाइनल में पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता का एक और उदाहरण पेश किया। सिर्फ कप्तानी ही नहीं, बल्लेबाजी में भी श्रेयस लगातार प्रभावी रहे।
आईपीएल 2025 में उन्होंने 600 से ज्यादा रन बनाए थे,जबकि आईपीएल 2026 में 498 रन 168.81 की स्ट्राइक रेट से ठोके। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक भी निकला।
सूर्यकुमार की खराब फॉर्म बनी सबसे बड़ी वजह सूर्यकुमार यादव ने इस साल भारत को टी20 विश्व कप जरूर जिताया, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा। 2025 में वह भारत के लिए एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। विश्व कप में भी उन्होंने 9 पारियों में सिर्फ 242 रन बनाए। आईपीएल 2026 में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। मुंबई इंडियंस के लिए 13 पारियों में उन्होंने सिर्फ 270 रन बनाए। मुंबई T20 लीग में भी वह अब तक दो मैचों में 19 और 4 रन ही बना सके हैं। माना जा रहा है कि इसी वजह से चयनकर्ताओं ने बदलाव का फैसला किया है।
वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो वह भारत की सीनियर टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए थे।
उनकी स्ट्राइक रेट 237.31 रही और उन्होंने ऑरेंज कैप तथा मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर जैसे बड़े पुरस्कार भी जीते। भारत और आयरलैंड के बीच दो टी20 26 और 28 जून को बेलफास्ट में खेले जाएंगे। इसके बाद टीम इंग्लैंड के खिलाफ 1 से 11 जुलाई तक पांच मैचों की T20 सीरीज खेलेगी।
स्पर्श शर्मा-अहमदाबाद-रायपुर। ईकेए एरीना में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में मेजबान भारत ने तीसरे दिन भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। शनिवार तक भारत के खाते में 22 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक आ चुके थे। भारतीय खिलाड़ियों ने लगभग सभी आयु वर्गों और स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर योगासन की वैश्विक प्रतियोगिता में अपना दबदबा साबित किया।
तीसरे दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि पश्चिम बंगाल की रितु मंडल के नाम रही। रितु ने पहले पारंपरिक योगासन सीनियर-ए महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीता और फिर टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण अपने नाम कर विश्व योगासन चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए रितु मंडल ने कहा कि एक स्वर्ण पदक जीतना ही उनके लिए सपना पूरा होने जैसा था, लेकिन दो स्वर्ण पदक जीतना उनकी कल्पना से भी परे है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने कोच, परिवार और उन सभी लोगों को दिया जिन्होंने उनके संघर्ष के दिनों में उनका साथ दिया।
अर्जेंटीना की नाबिला बराज़ा का शानदार प्रदर्शन अर्जेंटीना की नाबिला सोल बराज़ा ने भी प्रतियोगिता में अपना प्रभाव कायम रखा। उन्होंने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-ए महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर तीन दिनों में अपना दूसरा स्वर्ण हासिल किया। नाबिला के शानदार प्रदर्शन की बदौलत अर्जेंटीना दो स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं, सिंगापुर दो स्वर्ण और दो कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। नेपाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी एक-एक स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
योगासन को वैश्विक खेल बनाने की दिशा में बड़ा कदम विश्व योगासन चैंपियनशिप का पहला संस्करण योगासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भारत की प्राचीन योग परंपरा को एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करना और भविष्य में इसे ओलंपिक आंदोलन से जोड़ना है। प्रतियोगिता को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), खेल प्राधिकरण गुजरात, गुजरात पर्यटन और गुजरात योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त है। भारत ने इस प्रतियोगिता में 122 सदस्यीय दल उतारा है। खिलाड़ी छह आयु वर्गों सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर, सीनियर-ए, सीनियर-बी और सीनियर-सी में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
विभिन्न स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा तीसरे दिन भारत के दिलीप कुमार ने फॉरवर्ड बेंड सीनियर-सी पुरुष वर्ग, बीरेन्द्र यादव ने बैक बेंड सीनियर-सी पुरुष वर्ग, गायत्री देवी ने बैक बेंड सीनियर-सी महिला वर्ग, अनुराग मलिक ने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-ए पुरुष वर्ग, कुदुमुला वनाजा ने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-सी महिला वर्ग और इंदरजीत ने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-सी पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की बढ़त को और मजबूत किया। वहीं जापान की मियोको कुसुनोकी ने पारंपरिक योगासन सीनियर-सी महिला वर्ग में स्वर्ण जीता। नेपाल की दुर्गा पांता ने फॉरवर्ड बेंड सीनियर-सी महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि अमेरिका के केमी ब्लेक ने बैक बेंड सीनियर-बी पुरुष वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल कर अपने देश को स्वर्ण दिलाया।
वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल को मिलेगी नई दिशा पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि योगासन को वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय खिलाड़ियों की सफलता और दुनिया भर के देशों की भागीदारी ने इस प्रतियोगिता को योगासन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बना दिया है।
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