चमोली टनल हादसा: घटनास्थल पर पहुंचे सीएम धामी, खराब मौसम के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन का लिया जायजा
Chamoli Tunnel Incident: उत्तराखंड के चमोली में सुरंग धंसने से अब तक करीब 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है. कल रात से ही सुरक्षा एजेंसियां रेस्क्यू अभियान चला रही हैं. इसी बीच शुक्रवार सुबह सीएम धामी भी घटनास्थल पर पहुंचे. खराब मौसम के बीच उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली.
उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना की सुरंग में बीती रात बड़ा हादसा हो गया था. चमोली के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन सुरंग अचानक धंस गई. उस समय अंदर 22 मजदूर काम कर रहे थे. रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मजदूरों को बाहर निकाला गया. अब तक हॉस्पिटल में 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है. अगले ही दिन यानी 14 अगस्त को सुबह सीएम धामी भी घटनास्थल पहुंचे. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पिपलकोटी में बन रही सुरंग के अंदर फंसे मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे बचाव अभियान का मौके पर जाकर जायजा लिया. निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बचाए गए घायल मजदूरों से मिलेंगे और उनका हाल-चाल जानेंगे. हालांकि खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत हो रही है.
Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami conducts an on-site inspection of the rescue operation underway to safely evacuate the workers trapped inside the under-construction tunnel at Pipalkoti, Chamoli.
— ANI (@ANI) August 14, 2026
Last night, water and debris entered the under-construction THDC tunnel at… pic.twitter.com/fi4LH1JUlj
सुरंग में घुसा था पानी और मलबा
चमोली में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना की सुरंग मायापुर में बन रही है. लैंड स्लाइड के चलते कल रात THDC सुरंग में पानी और मलबा घुस गया था. प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और दूसरी एजेंसियों से बचाव अभियान चला रही हैं. सीएम धामी ने अभियान के प्रगति की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए.
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बेहद खराब है मौसम
घटनास्थल यानी पीपलकोटी में इस समय मौसम काफी खराब है. खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री धामी पीपलकोटी पहुंचे. प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी. मुख्यमंत्री टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे.
जांच एजेंसियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. इसके उपरांत मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जानेंगे. सीएम धामी का कहना है कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं.
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क्या बोले सीएम धामी?
#WATCH | On Chamoli tunnel rescue, Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami says, "Except for three people, out of 22 people who were working here, have been rescued. The injured workers are being given medical treatment. All agencies, including NDRF, SDRF, ITBP, State Disaster… pic.twitter.com/Pm4BXLOZIn
— ANI (@ANI) August 14, 2026
500 किलो हेरोइन नार्को-टेरर केस में NIA की बड़ी कार्रवाई, अमृतसर में आरोपी की दो संपत्तियां अटैच
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 500 किलो हेरोइन तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृतसर में आरोपी अनवर मसीह की दो अचल संपत्तियां अटैच कर दी हैं. NIA ने यह कार्रवाई गुरुवार को की. मामला पाकिस्तान से समुद्री रास्ते के जरिए भारत में 500 किलो हेरोइन की तस्करी से जुड़ा है.
NIA के मुताबिक, अटैच की गई दोनों संपत्तियां अमृतसर के सुल्तानविंड स्थित आकाश विहार फेज-1 में प्लॉट नंबर 128 और 129 हैं. दोनों संपत्तियां आरोपी अनवर मसीह के नाम पर दर्ज हैं. एजेंसी ने इन संपत्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 25(1) के तहत अटैच किया है.
यह मामला RC-26/2020/NIA/DLI के रूप में दर्ज है और इसे चर्चित सलाया ड्रग सीजर केस के नाम से जाना जाता है. जांच के दौरान सामने आया है कि 500 किलो हेरोइन की तस्करी पाकिस्तान से भारत तक समुद्री मार्ग के जरिए की गई थी.
आतंकी गतिविधियों की फंडिंग में इस्तेमाल होता था पैसा
NIA की जांच के अनुसार, आरोपी अनवर मसीह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका विस्तार इटली, ऑस्ट्रेलिया, UAE, थाईलैंड, ईरान और पाकिस्तान तक था. यह नेटवर्क मादक पदार्थों की तस्करी और उनके वितरण में शामिल था. एजेंसी के मुताबिक, ड्रग्स से हासिल रकम को आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए भेजा जाता था और इसका संबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से सामने आया है.
पंचनामा भी किया गया तैयार
जांच एजेंसी ने कहा कि जांच में अटैच की गई संपत्तियों का संबंध आतंकवाद से जुड़े अपराध की आय से स्थापित हुआ है. इसी आधार पर UAPA के तहत दोनों संपत्तियों को अटैच किया गया. NIA के अधिकारियों के मुताबिक, संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई 13 अगस्त को गवाहों की मौजूदगी और राजस्व अधिकारियों की सहायता से की गई. अटैचमेंट ऑर्डर को संबंधित संपत्तियों पर पढ़कर सुनाया गया और इसकी प्रति वहां चस्पा की गई. कार्रवाई के दौरान अटैचमेंट मेमोरेंडम/पंचनामा भी तैयार किया गया.
NIA ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है. अब तक इस केस में कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एजेंसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क, उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित आतंकी फंडिंग के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
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