आर प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस खिताब जीतकर रचा इतिहास, बनें ऐसा करने वाले पहले भारतीय
आर प्रज्ञानंद ने जर्मनी के विंसेंट कीमर पर आखिरी राउंड में जीत के साथ ताज पक्का किया, जो टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे यादगार वापसी में से एक है। वह नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनें।
Middle East Conflict: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आमने-सामने आए अमेरिका और ईरान, समुद्र में बढ़ा टकराव का खतरा
मिडिल ईस्ट के रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच शांति समझौता पूरी तरह ठंडे बस्ते में जाने के बाद अब समुद्र में सीधे टकराव की स्थिति बन गई है।
दोनों ही पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर उकसावे वाली सैन्य कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ईरान के सैन्य ठिकानों पर यह बड़ी जवाबी कार्रवाई की है।
ईरानी ड्रोनों को गिराकर अमेरिकी सेना ने रडार साइट्स उड़ाए
अमेरिकी सेंट्रल कमान के मुताबिक, ईरानी सेना ने स्ट्रैट ऑफ होर्मुज की ओर कई हमलावर ड्रोन दागे थे, जो क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसैनिक जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन रहे थे। अमेरिकी सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षा में ईरान के चार लड़ाकू ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।
इसके तुरंत बाद अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त एक्शन लेते हुए ईरान के तटीय इलाकों में स्थित 'तटीय निगरानी रडार स्थलों' पर मिसाइलें दाग दीं। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने गोरुक और केशम द्वीप पर सक्रिय ईरानी रडार सिस्टम को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है, ताकि उनकी आक्रामकता पर लगाम लगाई जा सके। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास में किसी भी बड़े नुकसान के दावे को पूरी तरह निराधार बताया है।
कुवैत एयरपोर्ट पर हमला और ट्रंप का बड़ा दावा
इस ताजा सैन्य टकराव से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि लगातार हो रहे संघर्षों के चलते ईरान की ताकत बेहद कमजोर हो चुकी है और उसके पास अब मूल क्षमता की सिर्फ 21 से 22 फीसदी मिसाइलें ही बची हैं।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच तनाव इस हफ्ते की शुरुआत में तब और ज्यादा बढ़ गया था, जब एक ईरानी ड्रोन ने कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल पर सीधा हमला कर भारी नुकसान पहुंचाया था। इस कुवैत एयरपोर्ट ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे, जिसके बाद एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था।
हिज़बुल्लाह ने खारिज किया युद्धविराम, लेबनान में भी भारी जंग
होर्मुज जलमार्ग में छिड़े इस नए संकट ने मिडिल ईस्ट में वैश्विक युद्धविराम की कोशिशों को गहरा झटका दिया है। दूसरी तरफ इजरायल और लेबनान के मोर्चे पर भी स्थिति पूरी तरह बेकाबू बनी हुई है। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में दावा किया था कि लेबनानी सरकार और इजरायल के बीच सीजफायर समझौता हो गया है, लेकिन ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह आतंकवादी समूह ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
हिज़बुल्लाह ने समझौते को मानने से इनकार करते हुए इजरायली ठिकानों पर नए सिरे से रॉकेट और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं, इजरायली सेना लेबनान के भीतर काफी अंदर तक घुस चुकी है और उसने दक्षिणी लेबनान के एक बहुत बड़े हिस्से पर अपना सैन्य कब्जा जमा लिया है। ईरान ने स्पष्ट शर्त रखी है कि होर्मुज और लेबनान में शांति तभी संभव है जब इजरायल अपने हमले पूरी तरह रोकेगा।
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