धूम्रपान करना सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। स्मोकिंग के वजह से फेफड़ों और दिल बीमारी खतरा बढ़ जाता है। हालांकि कई लोग नहीं जानते हैं कि स्मोकिंग से हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है। यदि आप लगातार स्मोकिंग करते हैं, तो रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा बढ़ सकता है। यह एक प्रकार से ऑटोइम्यून बीमारी है, जो कि शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगता है। इस बीमारी के कारण जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत होती है। आइए आपको बताते हैं स्मोकिंग के कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा कैसे बढ़ता है।
स्मोकिंग कैसे बढ़ाती है रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा
जैसा कि सिगरेट के धुए में पाए जाने वाले हानिकारक केमिकल्स शरीर में सूजन बढ़ाने का कार्य करता है। कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक स्मोकिंग करता है, तो उसे इम्यून सिस्टम के सामान्य काम को प्रभावित कर सकता है। इस बीमारी के चलते शरीर में ऐसी प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती है, जो रूमेटाइड अर्थराइटिस को ट्रिगर कर सकती हैं। इन्हीं बदलावों के कारण इम्यून सिस्टम भ्रमित होतर शरीर के हेल्दी टिशूज पर हमला करने लगता है। यह स्थिति आगे चलकर रूमेटाइड का कारण बन सकता है।
जेनेटिक कारणों से बढ़ सकता है खतरा
यदि किसी के परिवार में रूमेटाइड अर्थराइटिस की बीमारी की समस्या रही है, तो उस व्यक्ति के अधिक स्मोकिंग करने से यह समस्या शुरु हो जाती है। गौरतलब है कि जेनेटिक फैक्टर्स और अत्यधिक स्मोकिंग करने से इस बीमारी का खतरा अधिक हो जाता है।
जानिए इसके लक्षण
- जोड़ों में दर्द और सूजन होना।
- सुबह के समय उठने पर शरीर में अकड़न महससू होना।
- हाथ और पैरों को छोटे जोड़ों में दिक्कत रहना।
- कमजोरी और थकान महसूस होना।
- चलने-फिरने दिक्कत होना।
- लंबे समय तक पैरों में सूजन बना रहना।
बचाव के लिए क्या करें?
- इस बीमारी से बचने के लिए धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से बचें।
- नियमित रुप से एक्सरसाइज करें।
- पर्याप्त नींद लेना काफी जरुरी है।
- जोड़ों में दर्द या सूजन है, तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
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पटना, 5 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ दो व्यक्तियों या दो संस्थानों का झगड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे पूरे सिस्टम की खामियां भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि देश की हर बड़ी संस्था में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो अच्छे काम करने वालों की छवि खराब करने में लगे रहते हैं। उनके मुताबिक, यह कोई नई बात नहीं है। ऐसे उदाहरण दिल्ली से लेकर कोटा तक देखे जा सकते हैं।
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