Responsive Scrollable Menu

ईरान जंग ने बदला दशकों पुराना तेल कारोबार:खाड़ी देशों का होर्मुज पर भरोसा खत्म हुआ, अब नई पाइपलाइन पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे

छह महीने पहले तक खाड़ी देशों के लिए तेल बेचना बेहद आसान था। सबसे कम लागत में तेल निकालो, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दुनिया तक पहुंचाओ और सबसे ज्यादा कीमत देने वाले देशों को बेच दो। लेकिन ईरान के साथ जंग के बाद यह मॉडल बदल गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। इसी वजह से सऊदी अरब, UAE और कुवैत समेत कई खाड़ी देश अब होर्मुज पर निर्भरता कम करने में जुट गए हैं। नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं, पुरानी लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और एशिया में ऑयल स्टोरेज तैयार किया जा रहा है। UAE चाहता है, पूरा तेल होर्मुज से गुजरे बिना निर्यात हो इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल UAE है। ओमान की खाड़ी के किनारे बसे फुजैरा में दूसरी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है। यह पाइपलाइन अबू धाबी के तेल क्षेत्रों को सीधे फुजैरा बंदरगाह से जोड़ेगी, जिससे टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद UAE की होर्मुज स्ट्रेट को बायपास कर तेल निर्यात करने की क्षमता बढ़कर 36 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी। यानी कि अबू धाबी के लगभग पूरे ऑनशोर तेल को बिना होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश किए सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भेजा जा सकेगा। ऑनशोर तेल का मतलब है जमीन पर स्थित तेल इलाके से निकाला गया कच्चा तेल। इसके उलट ऑफशोर तेल समुद्र के अंदर बने तेल कुओं से निकाला जाता है। UAE सिर्फ तेल ही नहीं, गैस कारोबार को भी सुरक्षित बनाने में जुटा है। उसकी सरकारी कंपनी एडीएनओसी (ADNOC) ने प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में 8.2 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया है। साथ ही पूर्वी तट पर नया LNG निर्यात टर्मिनल बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में गैस निर्यात भी होर्मुज स्ट्रेट पर कम निर्भर रहे। सऊदी ने रेड सी को बनाया नया रास्ता होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बाद सऊदी अरब ने अपनी 1,201 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा दिया है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बनी यह पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को रेड सी के यानबू पोर्ट से जोड़ती है। अब सऊदी अरब इसी पाइपलाइन के जरिए हर दिन 70 लाख बैरल कच्चा तेल रेड सी के रास्ते दुनिया के बाजारों तक भेज रहा है। सरकार इसकी क्षमता में 10 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन की और बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। साथ ही रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के लिए समानांतर नई पाइपलाइन बनाने पर भी काम चल रहा है। कुवैत और इराक भी नए रास्ते तलाश रहे कुवैत सऊदी अरब और अन्य अरब देशों के साथ ऐसी पाइपलाइन पर चर्चा कर रहा है, जो उसके तेल क्षेत्रों को रेड सी या ओमान के बंदरगाहों से जोड़ सके। वहीं, इराक और जॉर्डन ने कई साल से रुकी पाइपलाइन परियोजना फिर शुरू कर दी है। इसके जरिए हर दिन 10 लाख बैरल तक तेल रेड सी के अकाबा बंदरगाह तक भेजा जा सकेगा। इराक, किरकुक से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट तक जाने वाली क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी तेज कर रहा है। भारत, जापान और दक्षिण कोरिया में भी तेल जमा कर रहे खाड़ी देशों की रणनीति सिर्फ नई पाइपलाइन बनाने तक सीमित नहीं है। वे भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अतिरिक्त तेल भंडारण भी तैयार कर रहे हैं। ताकि अगर भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद हो जाए, तो तेल पहले से ही उसके बाहर मौजूद रहे और सप्लाई नहीं रुके। नए रास्ते भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हालांकि, होर्मुज का विकल्प भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सऊदी का ज्यादा तेल अब रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजर रहा है, जहां यमन के हूती विद्रोही लगातार जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इसी सप्ताह रेड सी में एक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी देश होर्मुज पर अपनी निर्भरता जरूर कम करेंगे, लेकिन उसे पूरी तरह छोड़ नहीं पाएंगे। क्रिस्टोल एनर्जी की चीफ कैरोल नखले कहती हैं, “होर्मुज स्ट्रेट के फायदे इतने ज्यादा हैं कि उसे पूरी तरह बदला नहीं जा सकता। लेकिन अब केवल उसी पर भरोसा करना भी संभव नहीं है।”

Continue reading on the app

घर की नजर उतारने से पहले भूलकर भी न करें ये गलती, पहले करें ये 3 जरूरी काम, दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा​​​​​​​

घर की नजर उतारने से पहले भूलकर भी न करें ये गलती, पहले करें ये 3 जरूरी काम, दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा​​​​​​​

Continue reading on the app

  Sports

भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट में तेज गेंदबाजों के रोल पर बॉलिंग कोच मॉर्ने मॉर्कल का बड़ा बयान

भारत और श्रीलंका के बीच आगामी टेस्ट सीरीज़ में KL राहुल का अनुभव कितना महत्वपूर्ण होगा? युगल और सरफराज खान जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए यह कितना बड़ा अवसर है? पिच की स्थिति, मौसम और टीम की रणनीति पर खिलाड़ियों के विचार. #INDvSL #CricketNews #TestCricket #KL राहुल #युवाप्रतिभा Fri, 14 Aug 2026 16:51:53 +0530

  Videos
See all

Delhi Protest के आंदोलनकारियों ने खोली पोल..कहां से आया पैसा किसका मिला साथ #viralshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-14T11:45:02+00:00

AIMIM नेता शादाब खान का सपा पर बड़ा हमला, बोले- मुसलमान सपा का गुलाम या रोबोट नहीं | UP Politics #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-14T11:41:44+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers