भास्कर अपडेट्स:दिल्ली के पंजाबी बाग में फ्लाईओवर से गिरने से महिला की मौत; परिवार को बिना बताए घर से निकली थी
दिल्ली के पंजाबी बाग में ब्रिटानिया चौक के पास फ्लाईओवर से गिरने के बाद 29 साल की महिला की मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने महिला को मोती नगर के आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल पहुंचाया। महिला उस समय बोल नहीं पा रही थी। बाद में उसकी पहचान शकूरपुर निवासी के रूप में हुई। उसकी शादी 2019 में हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि महिला की पिछले एक हफ्ते से तबीयत ठीक नहीं थी। वह मानसिक रूप से भी परेशान बताई जा रही थी। महिला दोपहर करीब 1 बजे परिवार को बताए बिना घर से निकली थी। घटना की जांच के लिए क्राइम टीम ने मौके का मुआयना किया। इसके बाद महिला को आरएमएल अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… इतिहासकार सुमित सरकार का निधन, 87 साल की उम्र में ली आखिरी सांस; मार्क्सवादी इतिहासकार के रूप में जाने जाते थे इतिहासकार सुमित सरकार का गुरुवार को दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 87 साल के थे। इतिहासकार और परिवार की करीबी मित्र अरुणिमा ने यह जानकारी दी। अरुणिमा ने बताया कि प्रोफेसर सरकार लंबे समय से बीमार थे। कुछ समय से उम्र संबंधी परेशानियों के कारण उनकी तबीयत ज्यादा खराब थी। सुमित सरकार का जन्म 1939 में इतिहासकार सुशोभन सरकार के घर हुआ था। उन्होंने कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज और कलकत्ता यूनिवर्सिटी से इतिहास की पढ़ाई की थी। उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी में लेक्चरर और यूनिवर्सिटी ऑफ बर्दवान में रीडर के तौर पर पढ़ाया। इतिहास के प्रोफेसर के रूप में उनका सबसे लंबा कार्यकाल दिल्ली यूनिवर्सिटी में रहा। उनकी प्रमुख किताबों में द स्वदेशी मूवमेंट इन बंगाल, मॉडर्न इंडिया 1885-1947 और राइटिंग सोशल हिस्ट्री शामिल हैं। इन किताबों ने उन्हें औपनिवेशिक शासन, राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता आंदोलन को अलग-अलग सामाजिक समूहों, वर्गों और जन आंदोलनों के नजरिए से समझने वाले प्रमुख इतिहासकार के रूप में स्थापित किया। सुमित सरकार मार्क्सवादी इतिहासकार के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने स्वदेशी आंदोलन पर महत्वपूर्ण अध्ययन किया और भारतीय राष्ट्रवाद के केवल बड़े नेताओं पर केंद्रित पारंपरिक इतिहास को चुनौती दी। वह सबाल्टर्न स्टडीज कलेक्टिव के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल थे, हालांकि बाद में उन्होंने इस विचारधारा की आलोचना भी की। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर अपने काम के लिए सुमित सरकार को 2003 में इंडियन हिस्ट्री एंड कल्चर सोसाइटी का सरित चटर्जी मेमोरियल अवॉर्ड मिला था। 2004 में उनकी किताब राइटिंग सोशल हिस्ट्री के लिए उन्हें रवींद्र पुरस्कार दिया गया। हालांकि, 2007 में उन्होंने पश्चिम बंगाल की CPI(M) के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार के किसानों के साथ व्यवहार के विरोध में यह पुरस्कार लौटा दिया था।
अंबाला SP बोले- अंधेरा होते ही भीड़ ने अटैक किया:दावा-गैस टैंकर से बड़ी शरारत की साजिश थी, फरसे-भालों से लैस थे हमलावर; 7 पुलिसकर्मी ICU में
हरियाणा के अंबाला में हुए बवाल को पुलिस ने बड़ी साजिश बताया है। पुलिस ने कुछ फोटो जारी किए, जिनमें कई सिख युवक फरसे-भाले व अन्य हथियार लिए दिखे। अंबाला SP अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि अंधेरा होते ही भीड़ ने अटैक किया। गैस टैंकर से बड़ी शरारत की साजिश थी। एसपी ने कहा- हमारे एक DSP के ऊपर फरसे से अटैक हुआ, जिससे उनका हाथ का अंगूठा कटने के कगार पर है। DGP अजय सिंघल ने भी इसी दावे को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा-कुछ शरारती तत्वों ने मामला सुलझने नहीं दिया। गुरसिमरन सिंह मंड पर FIR की मांग मान भी ली गई थी, लेकिन पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा। गुरुवार को 11 घंटे चले बवाल के बीच अंबाला DSP वीरेंद्र के हाथ का अंगूठा धारदार हथियार लगने से कट गया, जबकि कई कर्मियों को कैंट सिविल और मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सात पुलिसकर्मियों की हालत नाजुक देखते हुए आईसीयू में रखा गया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं, हालांकि उनकी सही संख्या सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से जारी PHOTOS एसपी ने 4 बड़े दावे….पूरे बवाल को साजिश क्यों बताया अब समझिये…7 दिन से कैसे पूरा विवाद चल रहा 7 अगस्तः इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड Y+ सिक्योरिटी के साथ अंबाला के पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में आए। आरोप है कि मंड की गाड़ी से कुछ लोगों को चोट लगी। जिसके बाद निहंगों व भीड़ ने मंड को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इनोवा गाड़ी तोड़ दी। 9 अगस्तः मंड पर हमला करने को दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। सिख जत्थेबंदियों ने पंजोखरा थाने को घेर लिया और तुरंत रिहाई की मांग की। 13 अगस्तः गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई के लिए पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में बैठक हुई। जिसके बाद सिख जत्थेबंदियां जीटी रोड जाम लगाने पहुंच गई। PHOTOS में देखिए पिछले सात दिन में अंबाला क्या हुआ…. ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. अंबाला में सिखों-किसानों और पुलिस में टकराव:DSP का अंगूठा कटा, सिख नेता पर हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग हरियाणा के अंबाला में प्रदर्शन कर रहे सिख-किसान गुरुवार शाम पुलिस से भिड़ गए। वे पंजाब के खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर 6 दिन पहले हुए हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने दोपहर 1 बजे से दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर रखा था। (पूरी खबर पढ़ें)
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