Mithila Terracotta Art : मिथिला की धरती पर सदियों पुरानी टेराकोटा मूर्तिकला आज अपनी पहचान बचाने के लिए संघर्ष कर रही है. दरभंगा के मौलागंज और हसनचक की गलियों से निकली ये कलाकृतियां कभी दरभंगा राजघराने के संरक्षण में फली-फूली थीं. आज भी यहां के करीब 400 परिवार पुश्तैनी हुनर के दम पर सुराही, खिलौने और मूर्तियां गढ़ रहे हैं. इस कला की अंतरराष्ट्रीय ख्याति का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां के मशहूर शिल्पी लाला पंडित की कलाकृतियां जापान के मिथिला म्यूज़ियम से लेकर देश के उदयपुर, मैसूर, केरल और पटना के बुद्ध स्मृति पार्क की शोभा बढ़ा रही हैं. अफ़सोस की बात यह है कि इस अद्भुत कला को एक जिला-एक उत्पाद योजना में शामिल करने के बावजूद जमीनी स्तर पर शिल्पियों की हालत बदहाल है. छह साल पहले मदारपुर में बना सरकारी टेराकोटा क्लस्टर उद्घाटन से पहले ही बंद हो गया, जहां आज मशीनें जंग खा रही हैं. संगठित बाज़ार और स्थायी सरकारी मदद न मिलने के कारण अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले ये कलाकार आज आर्थिक तंगी और बेबसी की ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं.
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गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान आया, जिससे कई दिनों की भीषण गर्मी से राहत मिली। आसमान में बादल छा जाने के कारण भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया। तस्वीरों में नोएडा के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलती दिख रही हैं और आईएमडी ने भविष्यवाणी की है कि शहर में 6 जून तक 'आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक या दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें' पड़ सकती हैं।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को मानसून के आगमन की घोषणा की, क्योंकि यह अपने अनुमानित आगमन की तारीख से तीन दिन बाद केरल के तट पर पहुंचा। इसके साथ ही देश के चार महीने के वर्षा ऋतु का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। 15 मई को, आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरल में प्रवेश कर सकता है, जिसमें मॉडल त्रुटि का मार्जिन ± चार दिन का होगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बृहस्पतिवार को केरल में दस्तक दे दी। आमतौर पर मानसून एक जून के आसपास केरल पहुंचता है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु (जून से सितंबर) की शुरुआत का संकेत माना जाता है। आईएमडी ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून चार जून, 2026 को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ भागों, पूरे लक्षद्वीप द्वीपसमूह, केरल और माहे, कर्नाटक तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र के शेष भागों, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तक आगे बढ़ गया है।
इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंचेगा। पिछले सप्ताह विभाग ने मौसमी वर्षा के अपने पूर्वानुमान में संशोधन करते हुए कहा था कि इस वर्ष बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।
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