BJP ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर संसद नहीं चलने देने के आरोप लगाये, अनुराग ठाकुर ने की विपक्षी सांसदों के भत्ते काटे जाने की मांग
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत आज गुरुवार को भी हंगामे के साथ हुई , तय एजेंडे के तहत समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर सदन के बाहर और सदन के अन्दर राम मंदिर दान चोरी और लाठीचार्ज पर अमित शाह के बयान की मांग पर हंगामा किया, लोकसभा में भारी शोर शराबे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया, विपक्ष सरकार पर हमलावर है और सवालों के उत्तर मांग रहा है तो वहीं सत्ता पक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार बता रहा है।
संसद परिसर में आज फिर विपक्ष ने प्रदर्शन का क्रम जारी रखा, मकर द्वार पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद अन्य विपक्षी दलों के सांसदों के साथ इकट्ठा हुए, कांग्रेस के सांसदों के हाथ में बड़ा सा बैनर था जिस पर लिखा था “अमित शाह जवाब दो” वहीं समाजवादी पार्टी के सांसदों के हाथ में राम मंदिर दान चढ़ावा चोरी से संबंधित पोस्टर थे, जमीन पर रोज की तरह एक दान पात्र रखा था जिसमें चंदा इकट्ठा किया जा रहा था, सभी सांसद भाजपा और मोदी सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे।
बता दें संसद के मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी है , एंटी पेपर लीक बिल सहित कुछ बिल चर्चा और हंगामे के बीच पास हो गए तो कुछ बिल विपक्ष के सहयोग और चर्चा के बिना बहुमत के आधार पर पास कर दिए, जबकि अभी कई बिल पेश होना शेष है ऐसे में विपक्ष के हंगामे के चलते संसद नहीं चल पा रही, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू संसद के संचालन में सहयोग के लिए बुधवार को राहुल गांधी से मिले भी थे, उन्होंने अनुरोध किया कि लोकसभा में चर्चा जरूरी है इसलिए विपक्ष का सहयोग जरूरी है लेकिन उन्हें राहुल गांधी की तरफ से कोई सहयोग का वादा नहीं मिला और आज कांग्रेस उसके एजेंडे पर कायम दिखाई दी।
अनुराग ठाकुर का राहुल गांधी पर बड़ा हमला
विपक्ष के इस रवैये पर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा यह संसद सत्र का तीसरा हफ़्ता है, लेकिन राहुल गांधी सदन में तीन बार भी नहीं दिखे हैं। वे लोकसभा नहीं आते। पेपर लीक विरोधी बिल पर 12 घंटे चली चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी ने बिल पर 12 शब्द भी नहीं बोले जबकि ये बिल युवाओं के भविष्य से जुड़ा था कांग्रेस के पास कोई ऐसा नेता नहीं था जो युवाओं के बिल पर बोल सके? ये कांग्रेस का खोखलापन है इससे उसकी नकारात्मक राजनीति का पता चलता है।
भाजपा का आरोप विपक्ष सदन नहीं चलने देना चाहता
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर हमला करते हुए वे सदन को चलने नहीं देते, सदन के बीच में आकर नारे लगाते हैं और वॉकआउट करते हैं। अगर उन्हें सिर्फ़ नारे ही लगाने हैं, तो उन्हें संसद के बाहर ऐसा करना चाहिए। इस समय देश में कहीं बाढ़ आई हुई है, कहीं फसल सूखने का संकट है कहीं कुछ और मुद्दे हैं जिसे दूसरे सांसद उठाना चाहते हैं लेकिन विपक्ष के सांसद सदन में उन्हें मुद्दे नहीं उठाने देते इसकी मुख्य वजह यह है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियां नहीं चाहतीं कि सदन चले।
अनुराग ठाकुर की मांग विपक्षी सांसदों के भत्ते काटे जाएँ
अनुराग ठाकुर ने कहा जनता ने उन्हें चुनकर इसलिए भेजा है कि वे सदन में उनकी आवाज बने उनके मुद्दे उठायें, यहाँ कई सांसद स्वास्थ्य, शिक्षा और जनता से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाना चाहते हैं लेकिन विपक्ष उन्हें ऐसा करने से रोक रहा है, भाजपा सांसद ने कहा क्या विपक्ष संसद का उपयोग लोकहित के लिए नहीं करना चाहता? क्या विपक्षी सांसद उन्हें मिलने वाला रोज का डीए अपनी जेब में डालने यहाँ आते हैं? इसलिए इन विपक्षी सांसदों में भत्ते काटे जाने चाहिए क्योंकि ये खुद काम नहीं करते और दूसरों को भी नहीं करने देते।
आरती में कपूर जलाने का क्या है खास महत्व? जानें इसकी धार्मिक मान्यता और वैज्ञानिक कारण
Kapoor jalane ka mahatva: हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की आरती के समय कपूर जलाने की परंपरा अत्यंत प्राचीन काल से चली आ रही है। मान्यता है कि कपूर की लौ से निकलने वाली सुगंध और प्रकाश वातावरण को पवित्र बनाते हैं और देवी-देवताओं को प्रसन्न करते हैं। यही कारण है कि लगभग हर मंदिर और घर की आरती में कपूर का इस्तेमाल जरूर किया जाता है।
कपूर जलाने के पीछे की धार्मिक मान्यता
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कपूर को शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि कपूर जलाने पर वह पूरी तरह जल जाता है और अपने पीछे कोई अवशेष नहीं छोड़ता, जिसे मनुष्य के अहंकार और नकारात्मकता के पूर्ण रूप से नष्ट होने का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से कपूर को आत्मसमर्पण और निःस्वार्थ भक्ति का भी प्रतीक बताया गया है।
इसके अलावा यह भी मान्यता है कि कपूर की सुगंध और प्रकाश से घर और मंदिर परिसर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, जिससे वातावरण में सकारात्मकता और शांति का संचार होता है।
भगवान शिव और कपूर का है खास नाता
धार्मिक कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव को कपूर अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है कि भगवान शिव की आरती में कपूर जलाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, और शिवलिंग के समक्ष कपूर आरती करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही वजह है कि सावन के महीने में शिव मंदिरों में कपूर आरती का विशेष आयोजन देखने को मिलता है।
कपूर के वैज्ञानिक लाभ भी हैं खास
धार्मिक महत्व के साथ-साथ कपूर को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि कपूर जलाने से वातावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्म कीटाणु नष्ट होते हैं, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध और स्वच्छ बना रहता है। इसके अलावा कपूर की सुगंध को मानसिक तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
कपूर आरती का सही तरीका और नियम
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, आरती के समय कपूर को हमेशा किसी थाली या पात्र में रखकर ही जलाना चाहिए, ताकि इसकी लौ नियंत्रित रहे। इसके अलावा यह भी मान्यता है कि कपूर आरती करते समय मन को पूरी तरह भगवान के ध्यान में लगाना चाहिए। कुछ परंपराओं में कपूर के साथ लौंग या अन्य सुगंधित सामग्री मिलाने की भी प्रथा है, जिसे विशेष अवसरों पर शुभ माना जाता है।
आज भी हर पूजा में निभाई जाती है यह परंपरा
समय के साथ भले ही पूजा पद्धतियों में कुछ बदलाव आया हो, लेकिन कपूर आरती की यह परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। चाहे घर की छोटी पूजा हो या मंदिर का बड़ा अनुष्ठान, आरती के समय कपूर जलाना आज भी एक अनिवार्य और पवित्र रस्म मानी जाती है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। किसी भी उपाय, व्रत या धार्मिक कर्मकांड को अपनाने से पहले संबंधित विषय के विद्वान या पंडित से सलाह अवश्य लें।
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