ये गोल्ड मेडल हमारा है, हमें इसे जीतना है... मैट के बाहर से कोच की ललकार, अस्मिता डे ने बताई इतिहास रचने की इनसाइड स्टोरी
Asmita Dey Exclusive: कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाकर अस्मिता डे ने नया इतिहास रच दिया. अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय उन्होंने अपने कोच यशवंत सोलंकी के प्रेरणादायक शब्दों को दिया. एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अस्मिता ने बताया कि जब वह फाइनल मुकाबले में खेल रही थीं, तब मैट के बाहर से उनके कोच यशपाल सोलंकी ने कहा, 'ये गोल्ड मेडल हमारा है और इसे जीतना है.' कोच की इसी ललकार ने उनमें नया जोश भर दिया और उन्होंने इतिहास रच दिया.
9 साल की उम्र में ताइक्वांडो का ऐसा जुनून, स्टेट लेवल पर जीता गोल्ड मेडल, सुल्तानपुर की आयशा की प्रेरक कहानी
sultanpur News: सुल्तानपुर की 9 वर्षीय खिलाड़ी अयात शाह ताइक्वांडो में अब तक गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. प्रांतीय स्तर पर भी कई प्रतियोगिताएं खेली हैं. अब वह नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने का अभ्यास कर रही हैं. इसके साथ ही वे सुल्तानपुर के एक स्कूल में कक्षा 4वीं की पढ़ाई भी कर रही हैं.
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