जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस एक्शन: सदन में जवाब देंगे अमित शाह, रिजिजू बोले- विपक्ष को सुननी होगी गृह मंत्री की बात
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में विस्तार से जवाब देंगे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमित शाह किस दिन सदन में बयान देंगे।
रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि जब गृह मंत्री जवाब दें तो सदन में हंगामा न किया जाए और उनका पूरा पक्ष सुना जाए। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़ी पुलिस कार्रवाई समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
मुख्य बिंदु
- अमित शाह संसद में छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर जवाब देंगे।
- दिल्ली में 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार बयान की मांग कर रहा है।
- रिजिजू ने कहा- गृह मंत्री का जवाब बिना हंगामे के सुनना होगा।
- शाह कब सदन में बोलेंगे, इसकी तारीख अभी स्पष्ट नहीं।
- राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह पर निशाना साधा है।
- मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और 13 अगस्त को समाप्त होना है।
छात्र प्रदर्शन पर संसद में क्या बोले किरेन रिजिजू?
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर पूरी और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि गृह मंत्री जब जवाब दें तो उन्हें अपना पक्ष रखने दिया जाए और सदन में हंगामा न किया जाए।
अमित शाह कब देंगे जवाब?
रिजिजू ने यह तो स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देंगे, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वह लोकसभा में किस दिन बोलेंगे। विपक्ष की ओर से लगातार गृह मंत्री के बयान की मांग की जा रही है।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
20 जुलाई को पेपर लीक के मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था। इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
राहुल गांधी ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाए?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक लेख के जरिए गृह मंत्री अमित शाह पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच और गृह मंत्री के बयान की जरूरत है।
राहुल गांधी ने दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल और बिहार के सिवान में प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किसने दिया।
संसद में क्यों बना हुआ है गतिरोध?
मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने के बाद से विपक्ष लगातार छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई है। सरकार का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलने देनी होगी।
मानसून सत्र कब तक चलेगा?
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और 13 अगस्त को इसका समापन प्रस्तावित है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमित शाह सदन में कब जवाब देते हैं और विपक्ष की ओर से उस दौरान क्या रुख अपनाया जाता है।
मोदी से मिले शरद पवार गुट के 8 सांसद, परिसीमन बिल पर समर्थन की अटकलों के बीच बढ़ी सियासी हलचल
NCP-SP MPs PM Modi meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के आठ लोकसभा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात संसद के मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते की शुरुआत के साथ हुई है। यह भेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि केंद्र सरकार संसद में परिसीमन (डिलिमिटेशन) और FCRA बिल को पारित कराने के लिए प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने में लगी हुई है।
करीब आधे घंटे चली मुलाकात
यह मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली। पार्टी ने बताया कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी, जिसमें सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात में शामिल सांसदों में सुरेश म्हात्रे (भिवंडी), भास्कर भगरे (दिंडोरी), अमर शरदराव काले (वर्धा), अमोल कोल्हे (शिरूर), नीलेश ज्ञानदेव लंके (अहमदनगर), बजरंग मनोहर सोनवणे (बीड), धैर्यशील मोहिते पाटिल (माढा) और सुप्रिया सुले (बारामती) शामिल थे।
क्या परिसीमन बिल का समर्थन कर सकती है NCP-SP?
विभिन्न रिपोर्टों में यह संकेत दिया गया है कि NCP-SP केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है। पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने पिछले महीने संकेत दिया था कि अगर प्रस्तावित बदलावों में सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में एक समान बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाती है, तो पार्टी इस विवादास्पद विधेयक का समर्थन कर सकती है।
सुले के अनुसार, अगर परिसीमन बिल में यह प्रावधान शामिल किया जाता है कि सभी राज्यों में लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी, तो NCP-SP इस बिल का समर्थन करने पर विचार कर सकती है। उस समय उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट्स को भी खारिज कर दिया था, जिनमें दावा किया गया था कि NCP-SP सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो सकती है।
महाराष्ट्र के बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने उस समय कहा था, "जब तक नया बिल पेश नहीं हो जाता, तब तक हम कुछ नहीं कह सकते। हमने महिला आरक्षण बिल को पूर्ण बहुमत के साथ पारित किया है।" उन्होंने आगे कहा था, "NCP-SP के सभी आठ सांसद और हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। NCP एक ऐसी पार्टी है जहां शरद पवार न केवल नेतृत्व करते हैं, बल्कि हर सदस्य में निवेश भी करते हैं और सबकी बात सुनते हैं।"
कांग्रेस ने की स्पष्ट रुख अपनाने की अपील
इस बीच NCP-SP की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने इससे पहले शरद पवार गुट से अपील की थी कि वे प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर INDIA गठबंधन के "स्पष्ट रुख" को उनके सामने रखें।
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "जानकारी मिली है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के सांसद सोमवार को महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।" उन्होंने आगे लिखा, "हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे प्रधानमंत्री मोदी को दृढ़ता से यह बताएं कि INDIA गठबंधन का स्पष्ट रुख यह है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू किया जाना चाहिए, और इसे परिसीमन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।"
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और यह 13 अगस्त को समाप्त होगा।
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