मोदी से मिले शरद पवार गुट के 8 सांसद, परिसीमन बिल पर समर्थन की अटकलों के बीच बढ़ी सियासी हलचल
NCP-SP MPs PM Modi meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के आठ लोकसभा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात संसद के मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते की शुरुआत के साथ हुई है। यह भेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि केंद्र सरकार संसद में परिसीमन (डिलिमिटेशन) और FCRA बिल को पारित कराने के लिए प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने में लगी हुई है।
करीब आधे घंटे चली मुलाकात
यह मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली। पार्टी ने बताया कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी, जिसमें सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात में शामिल सांसदों में सुरेश म्हात्रे (भिवंडी), भास्कर भगरे (दिंडोरी), अमर शरदराव काले (वर्धा), अमोल कोल्हे (शिरूर), नीलेश ज्ञानदेव लंके (अहमदनगर), बजरंग मनोहर सोनवणे (बीड), धैर्यशील मोहिते पाटिल (माढा) और सुप्रिया सुले (बारामती) शामिल थे।
क्या परिसीमन बिल का समर्थन कर सकती है NCP-SP?
विभिन्न रिपोर्टों में यह संकेत दिया गया है कि NCP-SP केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है। पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने पिछले महीने संकेत दिया था कि अगर प्रस्तावित बदलावों में सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में एक समान बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाती है, तो पार्टी इस विवादास्पद विधेयक का समर्थन कर सकती है।
सुले के अनुसार, अगर परिसीमन बिल में यह प्रावधान शामिल किया जाता है कि सभी राज्यों में लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी, तो NCP-SP इस बिल का समर्थन करने पर विचार कर सकती है। उस समय उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट्स को भी खारिज कर दिया था, जिनमें दावा किया गया था कि NCP-SP सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो सकती है।
महाराष्ट्र के बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने उस समय कहा था, "जब तक नया बिल पेश नहीं हो जाता, तब तक हम कुछ नहीं कह सकते। हमने महिला आरक्षण बिल को पूर्ण बहुमत के साथ पारित किया है।" उन्होंने आगे कहा था, "NCP-SP के सभी आठ सांसद और हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। NCP एक ऐसी पार्टी है जहां शरद पवार न केवल नेतृत्व करते हैं, बल्कि हर सदस्य में निवेश भी करते हैं और सबकी बात सुनते हैं।"
कांग्रेस ने की स्पष्ट रुख अपनाने की अपील
इस बीच NCP-SP की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने इससे पहले शरद पवार गुट से अपील की थी कि वे प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर INDIA गठबंधन के "स्पष्ट रुख" को उनके सामने रखें।
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "जानकारी मिली है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के सांसद सोमवार को महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।" उन्होंने आगे लिखा, "हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे प्रधानमंत्री मोदी को दृढ़ता से यह बताएं कि INDIA गठबंधन का स्पष्ट रुख यह है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू किया जाना चाहिए, और इसे परिसीमन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।"
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और यह 13 अगस्त को समाप्त होगा।
Rahul Navin ED Director: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ED निदेशक राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा
केंद्र सरकार ने वित्तीय अपराधों की जांच करने वाली शीर्ष एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रमुख राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की ओर से शनिवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, ईडी निदेशक के रूप में उनका सेवा विस्तार 13 अगस्त 2026 से प्रभावी होकर 13 अगस्त 2027 या अगले आदेश तक लागू रहेगा।
1993 बैच के आईआरएस अधिकारी और आईआईटी कानपुर से हैं शिक्षित
59 वर्षीय राहुल नवीन 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के आयकर कैडर के वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से बी.टेक और एम.टेक की डिग्री हासिल की है, जबकि ऑस्ट्रेलिया की स्विन्बर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से एमबीए किया है।
The Appointments Committee of the Cabinet has approved a one-year extension of Rahul Navin, IRS (IT:93074), as Director of Enforcement in the Directorate of Enforcement. His tenure is extended beyond August 13, 2026, until August 13, 2027, or further orders, whichever is earlier. pic.twitter.com/SU8ydXQD5J
— IANS (@ians_india) August 9, 2026
अंतरराष्ट्रीय कराधान, प्रत्यक्ष कराधान और ट्रांसफर प्राइजिंग जैसे जटिल विषयों के विशेषज्ञ माने जाने वाले राहुल नवीन को सितंबर 2023 में ईडी का कार्यवाहक निदेशक बनाया गया था, जिसके बाद 14 अगस्त 2024 को उन्हें एजेंसी का स्थायी निदेशक नियुक्त किया गया था।
आई-पैक और अनिल अंबानी समूह जैसे कई बड़े मामलों की जारी है जांच
राहुल नवीन के नेतृत्व में ईडी ने देश भर में कई बड़े और चर्चित वित्तीय मामलों की जांच को गति दी है। इनमें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक, रिलायंस अनिल अंबानी समूह और कई ऑनलाइन मनी गेमिंब कंपनियों से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले शामिल हैं।
इसके अलावा, उनके कार्यकाल के दौरान रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा घर खरीदारों के साथ की गई धोखाधड़ी पर भी सख्त कार्रवाई की गई और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत करोड़ों रुपये की संपत्तियों को जब्त कर पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
कानूनी प्रक्रियाओं के तहत मिला सेवा विस्तार, लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
नियमों के अनुसार, किसी अधिकारी को ईडी निदेशक के रूप में प्रारंभिक तौर पर दो साल के लिए नियुक्त किया जाता है, जिसके बाद एक-एक वर्ष के तीन सेवा विस्तार दिए जा सकते हैं।
राहुल नवीन के कार्यकाल में वर्षों से पेंडिंग चल रहे मुकदमों का बोझ कम करने की दिशा में भी विशेष पहल की गई, जिसके अंतर्गत निरस्त हो चुके विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) के पुराने मामलों का निपटारा और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कंपाउंडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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