ब्रेक फेल होने से खाई में जाने लगी रोडवेज बस, उत्तराखंड में चालक ने खुद की जान देकर ऐसे बचाई 34 यात्रियों की जान
Uttarakhand News: उत्तराखंड में एक रोडवेज चालक की बहादुर देख लोग हैरान हो गए। चंपावत में रोडवेज के ब्रेक फेल हो गए। बस के खाई में गिरने की पूरी संभावना थी। चालक ने साहस से सूझबूझ दिखाते हुए बस खाई में गिरने से बचा लिया और पहाड़ी से टिका दिया। बड़ा हादसा टल गया और बस में सवार 34 यात्रियों की जिंदगी बच गई। लेकिन इसमें चालक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
दरअसल, चंपावत जिले में लोहाघाट-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर टकनपुर डिपो की एक बस (Uk 07 PA-3122) धारचूला से टनकपुर जा रही थी। टनकपुर में एमजे होटल के पास अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए और ढलान पर बस की स्पीड़ काफी तेज हो गई। इससे बस में हड़कंप मच गया। बस खाई की तरफ बढ़ने लगी। हालांकि चालक बेनीराम थ्वाल ने साहस का परिचय देते हुए काफी मशक्कत करते हुए विपरीत दिशा में जाकर बस को पहाड़ी से सटा दिया। इससे कुछ ही दूरी पर बस रुक गई। इस घटना में बस में सवार 34 यात्रियों की जिंदगी तो बच गई लेकिन चालक की मौत हो गई।
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अपनी कुर्बानी देकर बचाईं 34 जिंदगियां
जानकारी के अनुसार, जैसे ही बस पहाड़ी से रगड़कर रुकी। बस पहाड़ से इतनी तेज टकराई थी कि बस को बड़ा झटका लगा और चालक को तेज झटका लगा। इससे चालक बस के छिटककर बस के आगे निकलकर गिर गया। बाहर गिरते ही चालक पहिए के नीचे आ गया। मौके पर ही चालक की दर्दनाक मौत हो गई। चालक बेनीराम थ्वाल चंपावत का रहने वाला था।
रोडवेज पर उठे सवाल
हादसे के बाद रोडवेज बस की गुणवत्ता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। मौके पर मौजूद लोगों और यात्रियों के अनुसार, हादसे में क्षतिग्रस्त बस बेहद पुरानी और ओवर-माइलेज हो चुकी थी। बस के अंदरूनी हिस्से टूटे हुए थे। जुगाड़ करके चलाया जा रहा था। यात्रियों ने लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
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पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य चलाया। लोहाघाट थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त बस को उठाकर दबे चालक के शव को बाहर निकाला। पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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