Patanjali Rose Kanti Body Cleanser: फ्लोरल और लग्जरी एक्सपीरियंस के लिए रोज इस्तेमाल करें पतंजलि Rose Body Cleanser
Patanjali Rose Kanti Body Cleanser: दिनभर की भागदौड़, धूल-मिट्टी और प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है. ऐसे में त्वचा की नियमित सफाई बेहद जरूरी हो जाती है. एक अच्छा बॉडी क्लींजर न केवल आपपकी त्वचा को साफ रखने में मदद करता है, बल्कि उसे तरोताजा महसूस कराने में भी मदद करता है. इसी कारण लोग ऐसे उत्पादों की तलाश करते हैं जो सफाई के साथ-साथ त्वचा की देखभाल भी कर सकें. पतंजलि रोज कांति बॉडी क्लींजर भी इसी लिस्ट में आने वाला एक लोकप्रिय उत्पाद माना जाता है. इसकी गुलाब की खुशबू और ताजगी भरा अनुभव इसे कई लोगों की पसंद बनाता है.
गुलाब की खुशबू से मिलेगी भरपूर ताजगी
गुलाब को लंबे समय से सुंदरता और ताजगी का प्रतीक माना जाता है. इसकी मनमोहक सुगंध मन को शांत करने का एहसास देती है. रोज कांति बॉडी क्लींजर का इस्तेमाल करने पर नहाने के दौरान हल्की और सुखद खुशबू का अनुभव हो सकता है. यह पूरे दिन तरोताजा महसूस कराने में मदद कर सकता है. त्वचा रोजाना धूल, पसीने और वातावरण में मौजूद कई बीमारियों के संपर्क में आती है. यदि त्वचा की सही तरीके से सफाई न की जाए तो यह बेजान और रूखी दिखाई देनी लगती है. एक अच्छा बॉडी क्लींजर त्वचा पर जमी गंदगी को हटाने में मदद करता है. इससे त्वचा अधिक साफ और ताजा महसूस होती है.
स्किन को कोमल बनाए रखने में सहायक
कई बार कठोर साबुन त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर देते हैं. इससे त्वचा में रूखापन महसूस हो सकता है. ऐसे में लोग ऐसे प्रोडक्ट्स पसंद करते हैं जो त्वचा को साफ करने के साथ उसकी मुलायमियत बनाए रखने में भी मदद करें. नियमित देखभाल त्वचा को बेहतर महसूस करा सकती है.
रोजाना इस्तेमाल के लिए लाभकारी
व्यस्त जीवनशैली में लोग ऐसे उत्पाद चाहते हैं जिन्हें आसानी से अपने दैनिक रूटीन का हिस्सा बनाया जा सके. बॉडी क्लींजर का उपयोग नहाने के दौरान आसानी से किया जा सकता है. इसकी मदद से त्वचा को साफ रखने की आदत विकसित की जा सकती है.
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— Patanjali Ayurved (@PypAyurved) June 2, 2026
स्किनकेयर रूटीन क्यों है जरूरी?
त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है. इसलिए इसकी देखभाल केवल सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि स्वच्छता के लिए भी जरूरी माना जाता है. एक अच्छी स्किनकेयर रूटीन में आमतौर पर ये बातें शामिल होती हैं जैसे- त्वचा की नियमित सफाई करना, पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, धूप से बचाव करना और त्वचा को मॉइस्चराइज रखना. इन आदतों के साथ सही उत्पादों का चयन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
ताजगी का एहसास क्यों पसंद आता है?
नहाने के बाद ताजगी महसूस करना हर व्यक्ति को अच्छा लगता है. सुगंधित बॉडी क्लींजर इस अनुभव को और बेहतर बना सकते हैं. खासकर गर्मी और उमस वाले मौसम में त्वचा को साफ और तरोताजा रखना अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है. ऐसे समय में ताजगी देने वाले उत्पाद लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं.
स्किन की प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए क्या करें?
- भरपूर पानी पिएं.
- पर्याप्त नींद लें.
- पौष्टिक भोजन खाएं.
- तनाव कम करें.
- त्वचा की नियमित सफाई करें.
- इन छोटी-छोटी आदतों का असर लंबे समय में त्वचा पर दिखाई दे सकता है.
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भारत की ब्लू इकोनॉमी विकास के एक शक्तिशाली इंजन के रूप में उभर रही है: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत की ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) तेजी से विकास का एक शक्तिशाली इंजन बनकर उभर रही है। इसकी प्रमुख वजह समुद्री खाद्य उत्पादों (सीफूड) के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी और वैश्विक बाजार में भारतीय समुद्री उत्पादों की बढ़ती मांग है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के मछुआरों को अब बड़े बाजारों तक पहुंच और बढ़ते निर्यात अवसरों का लाभ मिल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत के समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
पीयूष गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में समुद्री खाद्य निर्यात में लगभग 145 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा, हमारे मछुआरों को नए बाजारों और बढ़ते निर्यात का लाभ मिल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में समुद्री खाद्य निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2013-14 से निर्यात में लगभग 145 प्रतिशत की वृद्धि के साथ भारत की ब्लू इकोनॉमी विकास के एक शक्तिशाली इंजन के रूप में उभर रही है।
इस बीच, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात मात्रा और मूल्य दोनों के लिहाज से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह उपलब्धि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की स्थिति को और मजबूत बनाती है।
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 19.72 लाख मीट्रिक टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 73,890 करोड़ रुपए (8.46 अरब डॉलर) रही। यह इस क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा निर्यात प्रदर्शन है।
आंकड़ो की घोषणा करते हुए एमपीईडीए के चेयरमैन पी. जवाहर ने कहा कि यह रिकॉर्ड उपलब्धि वैश्विक बाजार में मांग के उतार-चढ़ाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं जैसी कई चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई है।
भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में फ्रोजन झींगा का दबदबा बना रहा। कुल निर्यात आय का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा इसी उत्पाद से आया।
फ्रोजन झींगा के निर्यात से 49,038 करोड़ रुपए (5.62 अरब डॉलर) की आय हुई, जो कुल समुद्री खाद्य निर्यात से होने वाली विदेशी मुद्रा आय का 66.5 प्रतिशत है।
फ्रोजन झींगा का निर्यात बढ़कर 7.93 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया। इस उत्पाद का सबसे बड़ा खरीदार अमेरिका रहा, जबकि चीन और यूरोपीय संघ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
मूल्य के लिहाज से अमेरिका भारत का सबसे बड़ा समुद्री खाद्य बाजार बना रहा। अमेरिका ने 2.33 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय समुद्री उत्पादों का आयात किया।
हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में अमेरिका को होने वाले निर्यात की मात्रा और मूल्य दोनों में कुछ गिरावट दर्ज की गई, जो बदलती बाजार परिस्थितियों और कीमतों पर दबाव को दर्शाता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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