'सुसाइड का आता था ख्याल', रुबीना ने बताया बेटियों के जन्म के बाद कैसा था हाल?
एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने पोस्टपार्टम डिप्रेशन के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें सुसाइड के ख्याल आते थे। उन्होंने कहा किपोस्टपार्टम डिप्रेशन के बारे में लोगों को खुलकर बात करनी चाहिए।
Gold-Silver Price: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, सिल्वर ₹3,300 टूटी और गोल्ड ₹1,030 सस्ता हुआ; जानें आज के रेट
सोना और चांदी की कीमतों में आज यानी 3 जून को एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, बुधवार को 1 किलो चांदी ₹3,300 प्रति किलो गिरकर 2.62 के लेवल पर कारोबार कर रही है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 1,030 रुपए कम होकर 1.55 लाख रुपए के स्तर पर आ गया है। आइए जानते हैं आज के लेटेस्ट गोल्ड-सिल्वर रेट और बाजार की स्थिति।
भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम
| शहर | कीमत (₹/10 ग्राम) |
| जयपुर | ₹1,56,370 |
| दिल्ली | ₹1,56,370 |
| कोलकाता | ₹1,56,220 |
| मुबंई | ₹1,56,220 |
| अहमदाबाद | ₹1,56,270 |
| पटना | ₹1,56,270 |
| लखनऊ | ₹1,56,370 |
| भोपाल | ₹1,56,270 |
चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: ₹3.86 लाख से ₹2.62 लाख तक फिसली
चांदी की कीमतों में इस दौरान सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अपने ऑल-टाइम हाई तक पहुंचने के बाद अब चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है और यह काफी नीचे आ चुकी है।
बाजार आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को चांदी का स्तर लगभग ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जबकि 29 जनवरी 2026 को यह अपने ऑल-टाइम हाई ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई थी। लेकिन इसके बाद लगातार गिरावट देखने को मिली और पिछले लगभग 125 दिनों में चांदी की कीमत करीब ₹1.24 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण
सोना और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के पीछे कई बड़े कारण सामने आ रहे हैं। आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय निवेशक सुरक्षित एसेट के रूप में सोने-चांदी में पैसा लगाते हैं, लेकिन इस बार ट्रेंड थोड़ा अलग देखने को मिल रहा है।
सबसे बड़ा कारण कैश की ओर झुकाव माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बीच निवेशक जोखिम से बचने के लिए अपने सोने और चांदी को बेचकर कैश में बदल रहे हैं, ताकि जरूरत के समय उनके पास लिक्विड फंड उपलब्ध रहे।
इसके अलावा, प्रॉफिट बुकिंग भी एक अहम वजह है। जनवरी में सोना-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी। भारी बिकवाली के कारण बाजार में सप्लाई बढ़ गई और इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा, जिससे लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
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