Congress नेता विजय वडेट्टीवार का दावा, Monsoon Session में विपक्ष से डरे PM और गृह मंत्री
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भाजपा-नीत केंद्र सरकार संसद में विपक्षी दलों का सामना करने से डर रही है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेतृत्व ने मानसून सत्र में हिस्सा नहीं लिया। वडेट्टीवार ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद यह सरकार डर गई है और विपक्ष का सामना भी नहीं कर पाई, यह बात साफ हो गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सत्र पूरे तीन हफ्ते तक चला, लेकिन न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री (सदन में) दिखाई दिए।’’ कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा, ‘‘वे वहां मौजूद क्यों नहीं रहे?
उन्हें किस बात का डर था? जब संसद का सत्र चल रहा हो और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री मौजूद न हों, तो आप देश की जनता के प्रति जवाबदेह नहीं रह जाते। आप विपक्ष से डरते हैं, आप राहुल (गांधी) जी से डरते हैं... पूरे देश की जनता तक यही संदेश पहुंचा है।’’ संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
इसके साथ ही हंगामेदार मानसून सत्र का समापन हुआ। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर विपक्ष ने इस सत्र के दौरान जोरदार विरोध किया और कई अहम विधेयक बिना किसी बहस के पास कर दिए गए।
Rahul Gandhi का PM Modi पर हमला, BJP-RSS को बताया जोकरों का समूह
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘‘जोकरों का समूह’’ करार दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके दिमाग में यह बात घर कर गई है कि ‘‘गले मिलना ही विदेश नीति है।’’ उन्होंने कांग्रेस के प्रकोष्ठ ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह दावा भी किया कि लड़ाई को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में अब तक बहुत सारे लोग भाजपा-आरएसएस के सामने डरपोक की तरह व्यवहार कर रहे थे, जबकि मुकाबला ऐसे लोगों से है जिन्हें देश के दर्शन या इतिहास की कोई समझ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे होते और अचानक कहते कि आप डर गए हैं, तो मैं समझ सकता हूं।
लेकिन आज आप जोकरों और मसखरों से लड़ रहे हैं, जिन्हें हमारे दर्शन या इतिहास के बारे में कुछ पता नहीं है।’’ राहुल गांधी ने छात्रों के हालिया आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों से चुप रहने को कहा गया तथा अभिव्यक्ति को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ‘‘व्यवस्था थोपना’’ चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘और हमारा काम भारत को अपनी बात कहने देना और इस व्यवस्था को तोड़ना है।’’ कांग्रेस नेता का कहना था कि जिस दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को भी खत्म करने की बात की जाएगी, वह उसकी रक्षा भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब सभी लोगों को अभिव्यक्ति का अवसर दिया जाएगा तो ‘‘देश की ताकत दुनिया को दिखाई देगी।’’ प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को प्रतीकात्मक रूप से गले लगाया और कहा प्रधानमंत्री के दिमाग में पता नहीं कहां से यह बात घुस गई कि ‘‘गले मिलना ही विदेश नीति है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल तब तक सरकार को सोने नहीं देंगे, जब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस्तीफा नहीं देते और गृह मंत्री अमित शाह पद से हट नहीं जाते। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘आप लिख लो, जब तक तक नरेन्द्र मोदी इस्तीफा नहीं देते हैं, गृह मंत्री हट नहीं जाते, तब तक हम उनको सोने नहीं देंगे, हम इन्हें जगाकर रखेंगे...हम यह सब मोहब्बत से करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष यह लड़ाई ‘‘मोहब्बत से’’ लड़ेगा, ‘‘नफरत से नहीं’’, क्योंकि वह देश की संस्कृति की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह दिखाया जाएगा कि भारत नफरत का नहीं, बल्कि मोहब्बत का देश है।
राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘आजकल प्रधानमंत्री मोदी रात में सो नहीं रहे हैं और इसके कई कारण हैं, कुछ स्पष्ट हैं और कुछ छिपे हुए।’’ उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘‘चाणक्य’’ और न जाने क्या-क्या कहा जाता था, लेकिन वह संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘‘गायब हो गए’’ और 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात कहने की आजादी होनी चाहिए और विपक्ष इस अधिकार की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








.jpg)
