CPI ने Special Train रद्द करने को साजिश बताया, बिनय विश्वम बोले- हर हाल में जाएंगे दिल्ली
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि विरोध मार्च के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को केरल से नयी दिल्ली ले जाने वाली विशेष ट्रेन को रद्द करने के पीछे राजनीतिक साजिश है। पार्टी ने कहा कि कार्यकर्ता अन्य माध्यमों से राजधानी पहुंचेंगे। भाकपा की केरल इकाई ने ‘दिल्ली चलो, बदलाव जरूरी है’ अभियान के तहत एक सितंबर को होने वाले विरोध मार्च के लिए कोच्चुवेली से दिल्ली तक 20 डिब्बों वाली विशेष ट्रेन बुक की थी।
ट्रेन 29 अगस्त को रवाना होकर दो सितंबर को वापस लौटने वाली थी। भाकपा के प्रदेश सचिव बिनय विश्वम ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आईआरसीटीसी ने हाल में पार्टी को सूचित किया कि विशेष ट्रेन रद्द कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ट्रेन की बुकिंग के लिए 10 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में जमा किए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया।
विश्वम ने कहा, “रुपये भेजने की प्रक्रिया चल ही रही थी कि कल (बुधवार को) हमें नोटिस मिला, जिसमें बताया गया कि सरकार और रेलवे ने विशेष ट्रेन रद्द कर दी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेन रद्द करने का फैसला राजनीति से प्रेरित है और इसका उद्देश्य लोगों को विरोध मार्च में शामिल होने से रोकना है। भाकपा नेता ने कहा कि ट्रेन रद्द होने से दिल्ली मार्च में शामिल होने की पार्टी की योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। विश्वम ने कहा, “हमारा फैसला पीछे हटने का नहीं बल्कि आगे बढ़ने का है।
केरल से कम्युनिस्ट पार्टी के साथी हरसंभव माध्यम से दिल्ली पहुंचेंगे।” उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता नियमित ट्रेनों और बसों से यात्रा करेंगे तथा जरूरत पड़ने पर आपस में पैसे जुटाकर विमान से भी दिल्ली पहुंचेंगे।
Delhi के Narela में DDA प्लॉट के पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत
दिल्ली के नरेला इलाके में डीडीए फ्लैट के पास बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में डूबने से नौ और 11 साल के दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह घटना नरेला इलाके के “100 फुटा” पर हुई, जहां बवाना के रहने वाले बच्चे कथित तौर पर खेलने गए थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, जहां स्थानीय निवासियों की मदद से बच्चों को पानी भरे गड्ढे से बाहर निकाला गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीड़ितों के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि एक बच्चा सुबह करीब 10 बजे अपने पिता से कुछ पैसे लेकर टॉफी खरीदने के लिए घर से निकला था।
वह पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता मजदूरी करते हैं। बच्चे की चाची लाडली ने कहा, हमें दुर्घटना की सूचना मिली और हम मौके पर पहुंचे।” दूसरे बच्चे की मां ने बताया कि जब वह काम पर थी, तब उसे स्थानीय निवासियों का फोन आया, जिन्होंने उसे बताया कि उसका बेटा डूब गया है।
उसने कहा, वह सुबह करीब 10 बजे ट्यूशन के लिए गया था। मैं यह जानने के लिए फोन कर रही थी कि क्या वह ट्यूशन से लौट आया है। मुझे नहीं पता कि वह वहां क्यों गया।
प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद शाहनवाज ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि दो बच्चे पानी से भरे गड्ढे में हैं और वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा, कुछ लोगों ने देखा था कि बच्चे पहले ही डूब चुके थे। हमने उन्हें बचाने की कोशिश की और पुलिस को सूचित किया।
स्थानीय निवासियों की मदद से हम दोनों बच्चों को बाहर निकालने में सफल रहे। यह घटना दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) फ्लैटों के पास खाली जमीन पर बने एक गड्ढे में हुई। निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान यह गड्ढा बनाया गया था और बाद में इसमें बारिश का पानी भर गया।
घटना के बाद, डीडीए ने एक बयान में कहा कि उसने अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए खाली भूखंड की चारदीवारी कर दी थी। इसने कहा कि हालांकि असामाजिक तत्वों द्वारा चारदीवारी के हिस्सों को बार-बार क्षतिग्रस्त किया गया है, जिसे बार-बार मरम्मत भी कराई गई है। डीडीए ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह के नुकसान, चोरी और अनधिकृत गतिविधियों की घटनाओं को लेकर समय-समय पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
प्राधिकरण ने कहा कि वह पुलिस को हरसंभव सहयोग दे रहा है और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए चारदीवारी को मजबूत करने और क्षेत्र में संवेदनशील खाली भूखंडों की निगरानी बढ़ाने सहित निवारक उपायों की भी समीक्षा की जा रही है। नाबालिगों के परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने स्थल के रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाया और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई की मांग की। यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में बारिश के बीच हुई है, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बारिश का पानी एकत्र हो गया है।
जांच के तहत बच्चों के गड्ढे में उतरने की सटीक परिस्थितियों और उनके डूबने से पहले की घटनाओं के क्रम का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर और जानकारी सामने आएगी।
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