JPSC परीक्षा धांधली: Jharkhand के 7 आरोपियों पर CID ने मारे छापे
अपराध अन्वेषण ब्यूरो (सीआईडी) ने बृहस्पतिवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट तामील कराने के लिए राज्य में कई स्थानों पर छापेमारी की। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, वांछित आरोपियों में रांची जिले के आदित्य पांडे व पवन कुमार सिंह, पलामू जिले के रविशंकर कुमार व संतोष कुमार सिंह, बोकारो के सनंद प्रकाश, हजारीबाग के ललू कुमार यादव और गिरिडीह के सौरव कुमार पांडे शामिल हैं।
सीआईडी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “आरोपियों की तलाश में राज्य में कई स्थानों पर छापे मारे गए। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।” बयान के अनुसार, सीआईडी द्वारा गठित एक टीम ने जांच के दौरान मिले ओएमआर की कार्बन प्रतियों का मिलान और बारीकी से जांच शुरू की ताकि मामले में साक्ष्य जुटाए जा सकें। सीआईडी ने इस मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते भी शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
Pune में 10.74 करोड़ की Digital Arrest ठगी में इन्फ्लुएंसर रोहन जाधव गिरफ्तार
‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी मामले में कथित भूमिका के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस धोखाधड़ी में पुणे के रहने वाले 82 वर्षीय बुजुर्ग से 10.74 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। अधिकारी ने बताया कि साइबर थाने के अधिकारियों ने पिंपले निलख निवासी रोहन जाधव (26) को गिरफ्तार किया है।
वह इंस्टाग्राम पर रील बनाने के लिए ‘रील-स्टार’ के रूप में जाना जाता है। पुलिस के अनुसार, 23 से 31 जनवरी 2026 के बीच अज्ञात लोगों ने शिकायतकर्ता (82) के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर केनरा बैंक में एक खाता खोला। उसने बताया कि आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर बुजुर्ग को फोन कर दावा किया कि यह खाता जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के खिलाफ मामलों से जुड़ा है और इसका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है।
ठगों ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार करने की धमकी भी दी। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को अपना पैसा ‘‘सुरक्षित’’ रखने के बहाने अपनी सभी निवेश राशि कुछ बैंक खातों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया। शिकायतकर्ता ने कुल 10,74,65,000 रुपये स्थानांतरित कर दिए।
पुलिस ने बताया कि इस संबंध में पुणे के हर्षद सुभाष धंतोले (24) और समर्थ सुरेश देशमुख (24), सोलापुर के अमर अत्तरगी (24) तथा दिल्ली निवासी प्रणव करनसिंह आर्य को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर का रहने वाला विज्ञान स्नातक जाधव, धंतोले और देशमुख का कथित मुख्य सहयोगी था। वह हांगकांग में मौजूद संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय संचालकों के संपर्क में भी था।
पुलिस ने उसके बैंक से जुड़े लेनदेन, वित्तीय गतिविधियों और अन्य आरोपियों के साथ संबंधों की जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया।
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