लखनऊ में इंसानियत शर्मसार! पिता की मौत के बाद शव से लगवाया अंगूठा, वीडियो ने मचाई सनसनी
Lucknow Viral Video: लखनऊ में संपत्ति विवाद से जुड़ा चौंकाने वाला वीडियो वायरल है। आरोप है कि बेटे ने पिता की मौत के बाद शव के हाथ से खाली कागज पर अंगूठा लगवाया। मामले में अभी पुलिस शिकायत या कार्रवाई की जानकारी नहीं है।
यूपी में बनेगी ‘वंदे मातरम् वाटिका’, 75 जिलों में लगाए जाएंगे 150-150 पौधे
उत्तर प्रदेश में इस बार स्वतंत्रता दिवस का पौधारोपण अभियान राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संदेश के साथ आयोजित किया जाएगा. योगी सरकार ने 15 अगस्त को प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘वंदे मातरम् वाटिका’ विकसित करने की योजना बनाई है. इन वाटिकाओं में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 150-150 पौधे लगाए जाएंगे.
सरकार का प्रयास है कि इन वाटिकाओं को केवल एक दिन के पौधारोपण कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि आने वाले वर्षों में इन्हें स्थानीय स्तर पर हरित धरोहर के रूप में विकसित किया जाए.
75 जिलों में एक साथ होगा पौधारोपण
वन विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में प्रस्तावित वाटिकाओं को तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. प्रत्येक जिले में एक उपयुक्त स्थान का चयन कर वहां 150 पौधे रोपे जाएंगे. पौधों का चयन संबंधित क्षेत्र की जलवायु और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाएगा.
वाटिकाओं में छायादार, फलदार और पर्यावरण के लिहाज से उपयोगी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ लोगों को लंबे समय तक हरित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
पौधों की देखभाल पर भी रहेगा जोर
सरकार की योजना सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं है. पौधों की सुरक्षा और उनके संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी. इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि स्वतंत्रता दिवस के बाद भी पौधों की नियमित देखभाल हो और अधिक से अधिक पौधे विकसित होकर पेड़ बन सकें. इस पहल का उद्देश्य पौधारोपण को एक औपचारिक आयोजन के बजाय दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण अभियान में बदलना है.
लखनऊ के कुकरैल में दिखेगा खास स्वरूप
राजधानी लखनऊ के कुकरैल पिकनिक स्पॉट में पहले से विकसित अशोक चक्र के आसपास वंदे मातरम् वाटिका को विशेष रूप से विस्तार दिया जाएगा. अशोक चक्र की 24 तीलियों के बाहरी हिस्से में अशोक के पौधे लगाए जाने की योजना है.
पौधों को सुरक्षित रखने के लिए वाटिका के चारों ओर फेंसिंग भी की जाएगी. यहां भारतीय वन सेवा के वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
युवाओं से लेकर सामाजिक संगठनों तक होगी भागीदारी
वंदे मातरम् वाटिका अभियान को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ने की तैयारी है. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के अलावा स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे.
इसके साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, ट्रस्ट, वंदे मातरम् फाउंडेशन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार, एनसीसी, एनएसएस, युवक और महिला मंगल दल तथा वन विभाग से जुड़े वर्तमान और पूर्व अधिकारी भी पौधारोपण में भाग लेंगे.
राष्ट्रप्रेम के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अधिकारियों के मुताबिक, ‘वंदे मातरम् वाटिका’ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी होगी. इसके जरिए राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक विरासत को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
सरकार की सोच है कि जब बच्चे, युवा, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक इन वाटिकाओं से जुड़ेंगे तो उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी. साथ ही पौधों की देखभाल सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित की जा सकेगी.
इस पहल के जरिए स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति की भावना को हरियाली के संदेश से जोड़ने का प्रयास होगा. यदि इन वाटिकाओं का नियमित संरक्षण सुनिश्चित होता है, तो आने वाले वर्षों में ये प्रदेश के विभिन्न जिलों में राष्ट्रप्रेम, पर्यावरण जागरूकता और जनभागीदारी की स्थायी पहचान बन सकती हैं.
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