नौतपा की भीषण गर्मी में गलत डाइट से बढ़ सकता है हीट स्ट्रोक का खतरा, जानें कैसा होना चाहिए खानपान
नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। इन दिनों गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। इसे नौतपा कहा जाता है। इस समय सूरज की किरणें बहुत तेज हो जाती हैं और वातावरण का तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो इस दौरान शरीर पर हीट स्ट्रोक यानी गर्मी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे शरीर अपना सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है।
ऐसे में गलत खानपान शरीर के तापमान को और बढ़ा सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नौतपा के दौरान शरीर को ऐसे भोजन की जरूरत होती है जो हल्का हो, जल्दी पच जाए और शरीर को अतिरिक्त गर्मी न दे, लेकिन इसके उलट अगर हम भारी और तैलीय भोजन लेते हैं तो शरीर को उसे पचाने में ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। वैज्ञानिक भाषा में इसे मेटाबॉलिक हीट प्रोडक्शन कहा जाता है। बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और अन्य तले-भुने चीजें पाचन तंत्र को धीमा करती हैं और शरीर के अंदर गर्मी बढ़ाकर थकान और कमजोरी पैदा कर सकती हैं।
इसी तरह ज्यादा मसालेदार भोजन भी शरीर के तापमान को प्रभावित करता है। मिर्च और तीखे मसालों में मौजूद कुछ यौगिक शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज कर देते हैं, जिससे अंदरूनी गर्मी बढ़ सकती है। ऐसे में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
वहीं भारी प्रोटीन वाले भोजन को पचाने में शरीर को ज्यादा ऊर्जा लगती है। पाचन के दौरान शरीर ज्यादा गर्मी उत्पन्न करता है, जिससे गर्म मौसम में शरीर और ज्यादा थका हुआ महसूस करता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस मौसम में हल्के प्रोटीन वाली चीजों को बेहतर मानते हैं।
पेय पदार्थों की बात करें तो कोल्ड ड्रिंक और सोडा तुरंत ठंडक का एहसास देते हैं, लेकिन इनमें मौजूद शुगर शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को प्रभावित कर सकती है। ज्यादा शुगर शरीर में पानी को रोकने की क्षमता को कम करती है, जिससे धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। इसी तरह चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन शरीर से पानी को तेजी से निकालता है। इससे पेशाब के जरिए शरीर का पानी कम होता है और गर्मी में कमजोरी और थकान बढ़ सकती है।
ज्यादा नमक वाले पैकेज्ड स्नैक्स, जैसे चिप्स और नमकीन, भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसमें मौजूद ज्यादा सोडियम शरीर की कोशिकाओं से पानी खींच लेता है, जिससे शरीर में फ्लूइड बैलेंस बिगड़ जाता है। शरीर में पहले से ही पानी की कमी होने के चलते यह स्थिति गर्मियों में और भी खतरनाक हो जाती है।
नौतपा के दौरान बासी और खुले में रखा भोजन भी संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है। गर्म मौसम में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह बहुत ठंडी चीजें या बर्फ वाला पानी अचानक शरीर के तापमान में बदलाव ला सकता है, जो पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।
इन सभी जोखिमों से बचने के लिए हल्का, ताजा और हाइड्रेटिंग भोजन सबसे बेहतर माना जाता है। नारियल पानी, छाछ, लस्सी, सत्तू और मौसमी फलों का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर को हीट स्ट्रोक से सुरक्षित रखता है।
--आईएएनएस
पीके/वीसी
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‘भारत भाग्य विधाता’ ट्रेलर लॉन्च पर कंगना रनौत ने बताया फिल्म का टाइटल कैसे मिला, इस एक्टर को दिया क्रेडिट
फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' का ट्रेलर लॉन्च कर दिया गया है. ट्रेलर में एक ऐसी कहानी दिखाई गई है जो वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है. कहानी उस कठिन रात की है जब शहर आतंक के साये में था, लेकिन अस्पताल में काम करने वाले नर्स, वार्ड बॉय और अन्य कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 400 से ज्यादा लोगों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई. फिल्म में अभिनेत्री कंगना रनौत एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं. यह फिल्म उन लोगों को सम्मान देने की कोशिश करती है, जो अक्सर पर्दे के पीछे रहकर अपना कर्तव्य निभाते हैं.
फिल्म का नाम कैसे पड़ा?
ट्रेलर लॉन्च के दौरान कंगना रनौत ने फिल्म के नाम से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि शुरुआत में फिल्म का नाम "नर्सेस ऑफ कामा" रखा गया था. लेकिन जब उन्होंने पूरी कहानी सुनी तो उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक अस्पताल की कहानी नहीं, बल्कि पूरे देश की एकजुटता, सेवा और मानवता की कहानी है. इसलिए उन्होंने फिल्म का नाम "भारत भाग्य विधाता" रखने का सुझाव दिया. हालांकि यह नाम पहले से अभिनेता जॉन अब्राहम के पास पंजीकृत था. कंगना ने उन्हें फोन किया और फिल्म के लिए यह टाइटल मांगा. कंगना के मुताबिक, जॉन अब्राहम ने बिना किसी शुल्क के एक ही दिन में यह टाइटल उन्हें दे दिया.
अस्पताल के कर्मचारियों की बहादुरी पर फोकस
फिल्म की पूरी कहानी एक अस्पताल के अंदर घटित होती है. जब बाहर अफरा-तफरी और डर का माहौल था, तब अस्पताल का स्टाफ अपने काम पर डटा रहा. नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड, लिफ्ट ऑपरेटर और प्रशासनिक कर्मचारी सभी ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं. कंगना ने कहा कि मेडिकल ट्रेनिंग दी जा सकती है, लेकिन बहादुरी सिखाई नहीं जा सकती. संकट के समय लोगों की मदद करना और अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखना ही असली साहस है.
VIDEO | At the trailer launch event of movie 'Bharat Bhagya Vidhata' in Mumbai, actress and BJP leader Kangana Ranaut (@KanganaTeam) says, "When the script came to me, I was hurt, as something of that sort that happened, I feel that where people die, the incidents are widely… pic.twitter.com/vn7LabVdeE
— Press Trust of India (@PTI_News) June 2, 2026
12 जून को होगी फिल्म रिलीज
डॉ. जयंतीलाल गडा (PEN Studios) द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म का निर्माण PEN Studios, मणिकर्णिका फिल्म्स और परम्हंस क्रिएशन्स ने किया है. फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
Mumbai, Maharashtra: On the trailer launch of the film 'Bharat Bhagya Vidhata', actress and BJP MP Kangana Ranaut says, "There is depth and thought behind it. The title 'Bharat Bhagya Vidhata' is dedicated to our labourers, and I think that really touched us. That is why we… pic.twitter.com/202Ct9uC12
— IANS (@ians_india) June 2, 2026
फिल्म में कंगना रनौत के अलावा गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलर, सुहिता थट्टे, रसीका अघासे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान भी नजर आएंगे.
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