IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान की मुल्लांपुर में होगी भिड़ंत, जानें क्या इस मैदान पर पहली बार खेला जाएगा टेस्ट मैच?
IND vs AFG: भारतीय टीम इसी महीने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेलने उतरेगी. टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए दोनों टीमों ने अपने-अपने स्क्वाड का ऐलान कर दिया है. टीम इंडिया इतिहास में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना सिर्फ दूसरा मैच खेलेगी. इस बार भी रोहित शर्मा और विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच का हिस्सा नहीं होंगे, क्योंकि दोनों रिटायरमेंट ले चुके हैं. इस सीरीज के लिए अफगानिस्तान की टीम भारतीय दौरे पर आएगी. भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला एकमात्र टेस्ट मैच मुल्लांपुर का महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा.
6 जून से जाएगा भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच
भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. टीम इंडिया की कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल संभालेंगे. जबकि उपकप्तान केएल राहुल को बनाया गया है. पंत से उपकप्तानी ले ली गई है. अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया के टेस्ट स्क्वाड में ज्यादातर युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है.
मुल्लांपुर में खेला जाएगा पहली बार टेस्ट मैच
आपको बता दें कि मुल्लांपुर का मैदान पहली बार टेस्ट मैच की मेजबानी करने जा रहा है. इस मैदान पर अब तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया है. हालांकि इस मैदान पर भारतीय पुरुष टीम ने एकमात्र इंटरनेशनल मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला है. मुल्लांपुर में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 इंटरनेशनल मैच पिछले साल दिसंबर 2025 में खेला गया था. वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इस मैदान पर वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं. यह मैदान आईपीएल की टीम पंजाब किंग्स का होमग्राउंड है. अब मुल्लांपुर में भारतीय पुरुष टीम दूसरा इंटरनेशनल मैच खेलने जा रही है.
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पंजाब का दूसरा सबसे आधुनिक स्टेडियम है मुल्लांपुर
आपको बता दें कि मुल्लांपुर का महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) द्वारा बनाया गया दूसरा आधुनिक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है. इससे पहले पंजाब में इंटरनेशनल मैच मोहाली के आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेले जाते थे. वहीं अगर पहले के भी स्टेडियम को जोड़ दें तो मुल्लांपुर का स्टेडियम पंजाब का चौथा स्टेडियम है. अमृतसर का गांधी ग्राउंड और जालंधर का बर्ल्टन पार्क भी पंजाब के स्टेडियम है, जहां पहले मुकाबला खेले जाते थे, लेकिन अब मुकाबले मुल्लांपुर में खेले जाएंगे.
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत का स्क्वाड
भारत की टेस्ट टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), साईं सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे.
???? News ????
— BCCI (@BCCI) May 19, 2026
Presenting #TeamIndia's squads for the @IDFCFIRSTBank Test match and the 3️⃣-match ODI series against Afghanistan in June ????#INDvAFG pic.twitter.com/hFiABALLld
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए अफगानिस्तान का स्क्वाड
अफगानिस्तान की टेस्ट टीम: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अब्दुल मलिक, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमानुल्लाह जादरान, अफसर ज़ज़ई (विकेटकीपर), इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), अज़मतुल्लाह उमरजई, शराफुदीन अशरफ, नांग्याल खारोताई, कैस अहमद, बिलाल सामी, जिया शरीफी, सलीम सफी
रिजर्व पूल: बशीर अहमद, बहिर शाह, इस्मत आलम.
???? Afghanistan Squads Are Out ????
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) May 26, 2026
Here are Afghanistan’s squads for the upcoming Test and ODI series against India, set to begin from June 6-20. ????
Happy with our lineups? #AfghanAtalan | #INDvAFG | #GloriousNationVictoriousTeam pic.twitter.com/Ut7cgJdEFN
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Explainer: क्या जोसा काउंसलिंग के लिए छात्रों को मिलेगी छूट? 75 फीसदी क्राइटेरिया बना परेशानी का कारण
JoSAA Counseling 2026: संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) काउंसलिंग की शुरुआत हो चुकी है. काउंसलिंग के दम पर ही स्टूडेंट्स को आईआईटी (IITs), एनआईटी (NITs) और ट्रिपल आईआईआईटी (IIITs), गीएफटीआई (GFTIs) की इंजीनियरिंग सीटों पर दाखिला मिलेगा. मगर छात्रों के लिए मसीबत है सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रोसेस. कई छात्र इसके जरिए अपने नंबर बढ़ने की उम्मीद बांधे हुए हैं. मसलन, सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रोसेस में अगर स्टूडेंट्स के नंबर बढ़ते हैं और वह 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिये को पूरा करता है तो ही वह इन इंस्टीट्यूट में दाखिला ले सकता है.
अब 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिया अगर पूरा नहीं होता है तो स्टूडेंट्स का साल खराब हो सकता है. हालांकि सीबीएसई ने 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन पोर्टल 2 जून से शुरू किया है. इस दौरान छात्र अभी भी आवेदन न कर पाने की शिकायते दर्ज कर रहे हैं. वहीं इस बीच 12वीं में 75 फीसदी नंबर वाले क्राइटेरिया से राहत देने की मांग कर रहे हैं. पहले भी केंद्र सरकार की ओर से IITs, NITs में दाखिले को लेकर 12वीं में 75 फीसदी नंबरों को पाने संबंधी क्राइटेरिया से छूट मिल चुकी है.
आइए इस मामले को विस्तार से समझने का प्रयास करते हैं. 12वीं में 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिया पूरा न होने के कारण किस तरह से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि 12वीं में 75 फीसदी नंबर से जुड़ी छूट कब दी गई थी.
JEE में पास तो 12वीं में ‘फेल’
जोसा की काउंसलिंग में ऐसे भी केस सामने आ रहे हैं, जब उम्मीदवार जेइई की परीक्षा तो पास कर गए मगर 12 वीं की परीक्षा नहीं पास कर सके. 12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने की योजना बना रहे कई स्टूडेंट्स को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. NITs, IITs, GFITs समेत अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जनवरी और अप्रैल में जेईई मेन सेशन 1 और सेशन 2 का आयोजन होता है. मई में IITs में दाखिले के लिए जेईई एडवांस्ड का आयोजन किया जाता है. जेईई मेन में टॉप स्कोर करने वाले उम्मीदवार ही एडवांस्ड परीक्षा में बैठ सकते हैं. इस बीच जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड के बीच में सीबीएसई 12वीं का परिणाम होता है.
इस वर्ष सीबीएसई 12वीं के परिणाम गिरावट देखने को मिली है.अधिकतर साइंस स्ट्रीम के परिणामों में अधिक गिरावट देखी गई है. छात्रों ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में 75 नंबर से कम अंक हासिल किए थे. कई स्टूडेंट्स ने जेईई मेन में बेहतर स्कोर किया. मगर अब परेशानी ये है कि बोर्ड में अंक कम होने से उनका दाखिला मुमकिन नहीं है.
75 फीसदी अंक जरूरी
सरकारी या बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे IITs, NITs, IIITs, GFITs समेत कई संस्थानों की इंजीनियरिंग की सीटों में एडमिशन के लिए 12वीं में 75 फीसदी अंक पाना जरूरी है. अगर आप जेईई एडवांस में निकले गए हैं, मगर 12 वीं की परीक्षा में 75 फीसदी अंक नहीं पा पाए हैं तो आपका एडमिशन नहीं हो पाएगा. इसके लिए 12वीं में 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी है. वहीं एससी/एसटी के लिए 65% का नियम जरूरी है.
12वीं में 75 प्रतिशत का नियम
इस क्राइटेरिया को नौ साल बीते चुके हैं. इस नियम को 2017 में लागू किया गया था. असल में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2017 में डॉ.अशोक मिश्रा समिति की सिफारिशों के आधार पर ये बदलाव किए थे. ये बदलाव जेईई मेन की रैंकिंग तय करने में 12वीं के नंबरों का वेटेज खत्म करने के लिए किए गए थे. इसकी जगह जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड के स्कोर के आधार पर एडमिशन का नियम बनाया गया था. इस नियम ने तय कर दिया कि IITs, NITs, IIITs में एडमिशन के लिए जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर के साथ 12वीं में 75 फीसदी नंबर जरूर होना चाहिए.
पहले किस तरह के थे नियम
2017 से पहले एडमिशन के लिए जेईई स्कोर और 12वीं के नंबरों के आधार पर रैंकिंग तय होती थी. मसलन, जेईई के नंबरों का वेटेज 60 फीसदी था तो वहीं 12वीं के नंबरों का वेटेज 40 फीसदी तक था. इस दौरान NITs और IIITs में दाखिले के लिए 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत नंबर प्राप्त करना जरूरी था.
75% नंबर वाले क्राइटेरिया से छूट
इससे पहले 2021 और 2022 में शिक्षा मंत्रालय की ओर से स्टूडेंट्स को IITs, NITs, IIITs में दाखिले को लेकर 12वीं में 75 फीसदी नंबर पाने के क्राइटेरिया से छूट प्राप्त हुई थी. इस दौरान कोरोना काल में स्टूडेंट्स को यह राहत दी गई थी. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यह निर्णय लिया था. इसके तहत दो सेशन में इस क्राइटेरिया से छूट मिल गई थी.
ग्रेस मॉर्क्स देने की मांग
इस दौरान छात्र और पैरेंट्स सीबीएसई 12वीं के स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देने की मांग कर रहे हैं. इसके तहत 20 ग्रेस मॉर्क्स देने की मांग हो रही है. 12वीं के रिजल्ट में गिरावट की वजह OSM सिस्टम को माना जा रहा है. सीबीएसई बोर्ड पर आरोप है कि ठीक से कॉपियों को स्कैन नहीं किया गया. इसके कारण छात्रों को नंबर गड़बड़ पाए गए.
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