Explainer: क्या जोसा काउंसलिंग के लिए छात्रों को मिलेगी छूट? 75 फीसदी क्राइटेरिया बना परेशानी का कारण
JoSAA Counseling 2026: संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) काउंसलिंग की शुरुआत हो चुकी है. काउंसलिंग के दम पर ही स्टूडेंट्स को आईआईटी (IITs), एनआईटी (NITs) और ट्रिपल आईआईआईटी (IIITs), गीएफटीआई (GFTIs) की इंजीनियरिंग सीटों पर दाखिला मिलेगा. मगर छात्रों के लिए मसीबत है सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रोसेस. कई छात्र इसके जरिए अपने नंबर बढ़ने की उम्मीद बांधे हुए हैं. मसलन, सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रोसेस में अगर स्टूडेंट्स के नंबर बढ़ते हैं और वह 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिये को पूरा करता है तो ही वह इन इंस्टीट्यूट में दाखिला ले सकता है.
अब 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिया अगर पूरा नहीं होता है तो स्टूडेंट्स का साल खराब हो सकता है. हालांकि सीबीएसई ने 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन पोर्टल 2 जून से शुरू किया है. इस दौरान छात्र अभी भी आवेदन न कर पाने की शिकायते दर्ज कर रहे हैं. वहीं इस बीच 12वीं में 75 फीसदी नंबर वाले क्राइटेरिया से राहत देने की मांग कर रहे हैं. पहले भी केंद्र सरकार की ओर से IITs, NITs में दाखिले को लेकर 12वीं में 75 फीसदी नंबरों को पाने संबंधी क्राइटेरिया से छूट मिल चुकी है.
आइए इस मामले को विस्तार से समझने का प्रयास करते हैं. 12वीं में 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिया पूरा न होने के कारण किस तरह से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि 12वीं में 75 फीसदी नंबर से जुड़ी छूट कब दी गई थी.
JEE में पास तो 12वीं में ‘फेल’
जोसा की काउंसलिंग में ऐसे भी केस सामने आ रहे हैं, जब उम्मीदवार जेइई की परीक्षा तो पास कर गए मगर 12 वीं की परीक्षा नहीं पास कर सके. 12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने की योजना बना रहे कई स्टूडेंट्स को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. NITs, IITs, GFITs समेत अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जनवरी और अप्रैल में जेईई मेन सेशन 1 और सेशन 2 का आयोजन होता है. मई में IITs में दाखिले के लिए जेईई एडवांस्ड का आयोजन किया जाता है. जेईई मेन में टॉप स्कोर करने वाले उम्मीदवार ही एडवांस्ड परीक्षा में बैठ सकते हैं. इस बीच जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड के बीच में सीबीएसई 12वीं का परिणाम होता है.
इस वर्ष सीबीएसई 12वीं के परिणाम गिरावट देखने को मिली है.अधिकतर साइंस स्ट्रीम के परिणामों में अधिक गिरावट देखी गई है. छात्रों ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में 75 नंबर से कम अंक हासिल किए थे. कई स्टूडेंट्स ने जेईई मेन में बेहतर स्कोर किया. मगर अब परेशानी ये है कि बोर्ड में अंक कम होने से उनका दाखिला मुमकिन नहीं है.
75 फीसदी अंक जरूरी
सरकारी या बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे IITs, NITs, IIITs, GFITs समेत कई संस्थानों की इंजीनियरिंग की सीटों में एडमिशन के लिए 12वीं में 75 फीसदी अंक पाना जरूरी है. अगर आप जेईई एडवांस में निकले गए हैं, मगर 12 वीं की परीक्षा में 75 फीसदी अंक नहीं पा पाए हैं तो आपका एडमिशन नहीं हो पाएगा. इसके लिए 12वीं में 75 फीसदी नंबरों का क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी है. वहीं एससी/एसटी के लिए 65% का नियम जरूरी है.
12वीं में 75 प्रतिशत का नियम
इस क्राइटेरिया को नौ साल बीते चुके हैं. इस नियम को 2017 में लागू किया गया था. असल में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2017 में डॉ.अशोक मिश्रा समिति की सिफारिशों के आधार पर ये बदलाव किए थे. ये बदलाव जेईई मेन की रैंकिंग तय करने में 12वीं के नंबरों का वेटेज खत्म करने के लिए किए गए थे. इसकी जगह जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड के स्कोर के आधार पर एडमिशन का नियम बनाया गया था. इस नियम ने तय कर दिया कि IITs, NITs, IIITs में एडमिशन के लिए जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर के साथ 12वीं में 75 फीसदी नंबर जरूर होना चाहिए.
पहले किस तरह के थे नियम
2017 से पहले एडमिशन के लिए जेईई स्कोर और 12वीं के नंबरों के आधार पर रैंकिंग तय होती थी. मसलन, जेईई के नंबरों का वेटेज 60 फीसदी था तो वहीं 12वीं के नंबरों का वेटेज 40 फीसदी तक था. इस दौरान NITs और IIITs में दाखिले के लिए 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत नंबर प्राप्त करना जरूरी था.
75% नंबर वाले क्राइटेरिया से छूट
इससे पहले 2021 और 2022 में शिक्षा मंत्रालय की ओर से स्टूडेंट्स को IITs, NITs, IIITs में दाखिले को लेकर 12वीं में 75 फीसदी नंबर पाने के क्राइटेरिया से छूट प्राप्त हुई थी. इस दौरान कोरोना काल में स्टूडेंट्स को यह राहत दी गई थी. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यह निर्णय लिया था. इसके तहत दो सेशन में इस क्राइटेरिया से छूट मिल गई थी.
ग्रेस मॉर्क्स देने की मांग
इस दौरान छात्र और पैरेंट्स सीबीएसई 12वीं के स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देने की मांग कर रहे हैं. इसके तहत 20 ग्रेस मॉर्क्स देने की मांग हो रही है. 12वीं के रिजल्ट में गिरावट की वजह OSM सिस्टम को माना जा रहा है. सीबीएसई बोर्ड पर आरोप है कि ठीक से कॉपियों को स्कैन नहीं किया गया. इसके कारण छात्रों को नंबर गड़बड़ पाए गए.
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Kal Ka Mausam: मौसम का बड़ा अलर्ट! 15 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी, 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
कल का मौसम: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 3 जून को उत्तर भारत, पूर्वी भारत और कुछ दक्षिणी राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी न हो तो खराब मौसम में यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. तो आइए नजर डालते हैं कल (3 जून 2026) और आने वाले दिनों में देशभर में कैसा रहेगा मौसम का हाल…
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा 3 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसी वजह से कई राज्यों में बारिश और तेज आंधी का दौर देखने को मिल सकता है.
मौसम संबंधी चेतावनी
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 2, 2026
मुख्य बिंदु
(i) केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग 4 जून, 2026 को शुरू होने की संभावना है।
(ii) अगले 6-7 दिनों के दौरान केरल में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7-20 सेमी) और तमिलनाडु और कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की प्रबल… pic.twitter.com/eb7EGjjEzb
इन 15 राज्यों में अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है. कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है.
दिल्ली और यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली में 3 जून को बारिश और तेज आंधी की संभावना है. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. राजधानी में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. जबकि उत्तर प्रदेश के मेरठ, नोएडा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
बिहार और झारखंड में भी असर
बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और कई अन्य जिलों में 3 से 5 जून तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट है. यहां हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. वहीं झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और पलामू समेत कई जिलों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. भारी बारिश की भी संभावना है.
पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
3 जून को उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में तेज बारिश और तूफान की चेतावनी है. वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और किन्नौर में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है. वहीं जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, कुपवाड़ा, अनंतनाग और उधमपुर सहित कई क्षेत्रों में 3 से 5 जून तक बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है.
पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में भी बारिश
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. वहीं असम में भी तेज बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है. दक्षिण भारत में केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की उम्मीद है. यहां भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है.
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