Responsive Scrollable Menu

मुंबई की लाइफलाइन रहे डिब्बावालों का वजूद संकट में:हार्वर्ड ने कभी लॉजिस्टिक्स का मास्टरक्लास बताया था, प्रिंस चार्ल्स खुद देखने आए थे

जब मुंबई पूरी तरह जागी भी नहीं होती, सफेद टोपी और कुर्ते में कुछ लोग साइकिलों पर ऊंचे-ऊंचे टिफिन के ढेर लेकर रेलवे स्टेशनों पर पहुंच जाते हैं। ट्रेन में चढ़ते हैं, शहर पार करते हैं और फिर पैदल या साइकिल से घर का बना गरम खाना दफ्तरों तक पहुंचाते हैं। ये हैं मुंबई के डिब्बावाले- एक ऐसी व्यवस्था, जिसे हार्वर्ड बिजनेस स्कूल ने कम लागत के लॉजिस्टिक्स का मास्टरक्लास बताया और जिसे देखने 2003 में तत्कालीन प्रिंस चार्ल्स खुद मुंबई आए थे। लेकिन आज यही डिब्बावाले वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं। डिब्बावाला व्यवस्था की शुरुआत 19वीं सदी के आखिर में हुई, जब ब्रिटिश राज के दौरान बॉम्बे (अब मुंबई) तेजी से फैल रहा था। दफ्तर जाने वाले लोगों को घर का खाना चाहिए था। बीबीसी वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, 1890 में महादेव बाचचे ने 100 कामगारों के साथ इसे व्यवस्थित रूप दिया। धीरे-धीरे यह व्यवस्था इतनी सटीक हो गई कि बिना किसी एप या जीपीएस के रोज हजारों टिफिन सही पते पर पहुंचने लगे। अपने चरम पर 4,500 डिब्बावाले रोज 50,000 से ज्यादा टिफिन पहुंचाते थे। फिर कोरोना आया और सब बदल गया। दफ्तर बंद हुए, वर्क फ्रॉम होम शुरू हुआ और टिफिन की जरूरत अचानक खत्म हो गई। रिपोर्ट में मुंबई टिफिन बॉक्स सप्लायर्स एसोसिएशन के सचिव किरण गवंडे के हवाले से कहा गया है, ‘लॉकडाउन के बाद से कई लोग हफ्ते में सिर्फ 2-3 दिन दफ्तर जाते हैं। इसका डिब्बावालों पर बड़ा असर हुआ। 2018 में जो संख्या 4,500 थी, वह अब 1,500 रह गई है।’ जो बचे हैं, उनकी हालत भी अच्छी नहीं हैं। बालू शिंदे 20 साल तक डिब्बावाला रहे। रोज 15-20 टिफिन पहुंचाते थे। हर माह 20,000 रुपए कमाते थे। 2020 के अंत तक सिर्फ दो ग्राहक बचे। अब वे ऑटो चलाते हैं। जो टिके हैं, वे दो-दो काम कर रहे हैं। एसोसिएशन अब शिफ्ट आधारित काम की योजना बना रही है। लेकिन अध्यक्ष रामदास कार्वांडे कहते हैं, ‘अभी तो चल रहा है, लेकिन आगे क्या होगा, कह नहीं सकते।’ हर सुबह मुंबई की ट्रेनों में स्टील के टिफिन लिए ये लोग अब भी दिखते हैं। ये एक ऐसी परंपरा को जिंदा रखते हुए जो कभी इस शहर की रफ्तार की पहचान थी, पर अब उसी रफ्तार से पीछे छूटती जा रही है। स्विगी-जोमैटो, क्लाउड किचन और महंगाई ने बढ़ाई डिब्बावालों की चुनौती डिब्बावाला सिर्फ 2,000 रुपए प्रति माह में घर का खाना पहुंचाता था। अब स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी एप स्क्रीन के एक टच पर बिरयानी से बर्गर तक उपलब्ध करा रहे हैं। इस बीच उभरते क्लाउड किचन ने मुकाबला कड़ा कर दिया है। नतीजतन कभी एकछत्र राज करने वाला डिब्बावाला सिस्टम सिमट रहा है। 35 साल से डिब्बावाले रहे बाबन कदम कहते हैं, ‘आज की महंगाई में नई पीढ़ी इस काम में नहीं आएगी। सब बेहतर नौकरी या कारोबार चाहते हैं।’

Continue reading on the app

एआई बदल रहा है विज्ञापन उद्योग की तस्वीर, भारत बन सकता है वैश्विक एडटेक हब: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वैश्विक विज्ञापन उद्योग के हर स्तर को तेजी से बदल रहा है और भारत को दुनिया की अग्रणी एडटेक (विज्ञापन प्रौद्योगिकी) कंपनियों का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026 के बाद पत्नी Anushka संग वृंदावन पहुंचे Virat Kohli, प्रेमानन्द महाराज से लिया आशीर्वाद

लगातार दूसरे वर्ष रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु (आरसीबी) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ट्रॉफी में जीत दिलाने वाले क्रिकेटर विराट कोहली अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा संग मंगलवार को संत प्रेमानन्द महाराज के वृन्दावन स्थित आश्रम पहुंचे और गुरु का आशीर्वाद पाकर आभार जताया। आश्रम सूत्रों के अनुसार वे दोनों मुंह पर मास्क लगाए सुबह—सुबह करीब सात बजे कार से वृन्दावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे और संत के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। वे यहां करीब दो घण्टे तक रहे।

दोनों जब आश्रम के एकांतिक वार्ता कक्ष से बाहर निकले तो उनके माथे पर संत के समान ही चंदन और त्रिपुण्ड नजर आ रहा था। उन्हें आश्रम से एक पुस्तक भी उपहार स्वरूप मिली जो वे बगल में दबाए चले आ रहे थे। उन्होंने स्वामी हित गोविंद शरण के आश्रम पहुंचकर उनके भी दर्शन किए।

वे इससे पूर्व अप्रैल माह में अक्षय तृतीया के अवसर पर भी वृन्दावन पहुंचे थे और प्रेमानन्द के दर्शन कर बड़े ही प्रफुल्लित नजर आए थे। कोहली की टीम ने 31 मई को खेले गए आईपीएल के फाइनल मैच में गुजरात टाइटन्स को पांच विकेट से हराकर लगातार दूसरा आईपीएल खिताब जीता था।

Tue, 02 Jun 2026 15:36:17 +0530

  Videos
See all

LIVE : Paper Leak मामले पर बीच Debate में भिड़ गए Teacher Abhinay Sharma और Radhika Khera! |Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-02T10:40:03+00:00

Sai Murder Case: साई हत्याकांड के बाद छतरपुर में शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन | Chhatarpur Protest #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-02T10:33:50+00:00

CM Suvendu Adhikari News | बदलते Bengal की एक-एक पिक्चर..सिर्फ Navbharat पर.. | Hindi News Today #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-02T10:37:58+00:00

Iran America War Update: अमेरिकी हमले का ईरान ने दिया मुंहतोड़ जवाब! | IRGC Trump | Ceasefire | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-02T10:37:22+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers