भगवान राम से जुड़ा है इस आम का नाम, शानदार है इसका स्वाद
Laxman Bhog Mango : आम के सीजन में अपनी मिठास और अनोखे स्वाद के लिए लक्ष्मण भोग आम काफी पसंद किया जाता है. माना जाता है कि रामायण काल में लक्ष्मण जी ने भगवान राम को भोजन के रूप में खिलाने के लिए इसे खुद चखा था, इसलिए इसका नाम लक्ष्मण भोग पड़ा. पकने पर सुनहरे और चमकदार दिखने वाले इस आम का आकार थोड़ा लंबा और टेढ़ा-मेढ़ा होता है. इसकी पतली परत को आसानी से छीला जा सकता है. साथ ही इसका बिना रेशे वाला रसीला व खुशबूदार गूदा खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है. वैसे तो यह पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की एक बेहद लोकप्रिय किस्म है, लेकिन बिहार और झारखंड के कुछ खास इलाकों में भी इसका भारी मात्रा में उत्पादन होता है. विशेष रूप से बिहार के मधुबनी और भागलपुर जिलों को इसका मुख्य उत्पादक क्षेत्र और ओरिजिन माना जाता है. इस वीडियो में जानिए लक्ष्मणभोग आम का नाम कैसे पड़ा.
आमों को तूफान में गिरने से बचाने का गजब का जुगाड़
Mango Farming Hacks : आम का सीजन आते ही बागवानों की सबसे बड़ी चिंता आंधी-तूफान को लेकर होती है. लेकिन इस तूफान के प्रकोप से बचाने के लिए किसानों ने गजब का देसी जुगाड़ निकाला है. उत्तर प्रदेश के रामपुर जैसे इलाकों में किसान आंधी के आसार देखते ही सींक वाली झाड़ू को एक भारी पत्थर के नीचे दबा देते हैं. किसानों का मानना है कि बुजुर्गों से सीखी गई इस परंपरा से आंधी का रुख बदल जाता है और उसका असर कम होने से पेड़ों से आम कम गिरते हैं. ग्रामीण बुजुर्ग इसे अंधविश्वास नहीं, बल्कि पुराने समय का अनुभव और लोक-मान्यता मानते हैं. हालांकि, इसके साथ ही किसान बागों को बचाने के लिए कुछ व्यावहारिक और वैज्ञानिक तरीके भी अपनाते हैं, जैसे बाग के चारों तरफ 'विंड ब्रेकर' के रूप में ऊंचे पेड़ लगाना. ये ऊंचे पेड़ तेज हवाओं की रफ्तार को रोक लेते हैं, जिससे अंदर लगे आम के पेड़ों को सुरक्षा मिलती है. किसानों का कहना है कि आज भले ही मौसम की सटीक जानकारी मोबाइल पर मिल जाती है, लेकिन सदियों पुराने ये छोटे-छोटे देसी जुगाड़ आज भी उन्हें बड़े नुकसान से बचाने में मददगार साबित हो रहे हैं.
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