How to get rid of Flies: बारिश में घर में मक्खियों ने जमा लिया है डेरा? इन घरेलू तरीकों से परेशानी से पाएं छुटकारा
How to get rid of Flies: बारिश का मौसम आते ही घर में नमी बढ़ने लगती है और जगह-जगह पानी जमा होने से मक्खियों के लिए अनुकूल माहौल बन जाता है। रसोई, सिंक, कूड़ेदान और खाने-पीने की चीजों के आसपास मंडराती मक्खियां सिर्फ परेशान नहीं करतीं, बल्कि गंदगी और कई तरह के कीटाणुओं को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकती हैं। खासकर जब घर में छोटे बच्चे हों, तब साफ-सफाई को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
मक्खियों से छुटकारा पाने के लिए हर बार तेज केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों और साफ-सफाई की आदतों की मदद से मक्खियों की संख्या को कम किया जा सकता है। हालांकि, सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि मक्खियां घर में आखिर आकर्षित क्यों हो रही हैं और उनके पनपने की जगहों को कैसे खत्म किया जाए।
इन घरेलू तरीकों को करें ट्राई
कूड़ेदान को रखें हमेशा साफ
घर में मक्खियों के आने की सबसे बड़ी वजह खुला या गंदा कूड़ेदान हो सकता है। खासकर फलों के छिलके, सब्जियों के अवशेष और गीला कचरा मक्खियों को आकर्षित करता है। गीले कचरे को लंबे समय तक घर में न रखें। कूड़ेदान में ढक्कन लगाकर रखें और उसे नियमित रूप से साबुन या सामान्य क्लीनर से साफ करें।
नींबू और लौंग का करें इस्तेमाल
नींबू की खुशबू के साथ लौंग की तेज महक कई लोगों को मक्खियां दूर रखने में उपयोगी लगती है। इसके लिए एक नींबू को आधा काटकर उसमें कुछ लौंग लगाकर रसोई या खिड़की के पास रखा जा सकता है। यह कोई गारंटीड कीटनाशक उपाय नहीं है, लेकिन मक्खियों को कुछ जगहों से दूर रखने में मदद कर सकता है।
सिरका ट्रैप आजमाएं
फ्रूट फ्लाइज जैसी छोटी मक्खियों के लिए सिरका आधारित ट्रैप उपयोगी हो सकता है। एक छोटे बर्तन में थोड़ा सेब का सिरका डालकर उसके ऊपर पेपर या प्लास्टिक की शीट में छोटे छेद किए जा सकते हैं। इसकी गंध छोटी मक्खियों को आकर्षित कर सकती है और वे ट्रैप में फंस सकती हैं। इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें।
खिड़की और दरवाजों पर लगाएं जाली
अगर घर की खिड़कियों और दरवाजों से लगातार मक्खियां अंदर आ रही हैं, तो मच्छरदानी जैसी महीन जाली लगाना लंबे समय के लिए ज्यादा प्रभावी उपाय हो सकता है। जाली में छेद हों तो उन्हें ठीक करें। रसोई और बालकनी के दरवाजे लंबे समय तक खुले रखने से भी बचें, खासकर कूड़ा या खाने की चीजें आसपास हों।
रसोई की सफाई पर दें खास ध्यान
रसोई के प्लेटफॉर्म, सिंक और गैस स्टोव के आसपास खाने के छोटे कण भी मक्खियों को आकर्षित कर सकते हैं। खाना बनाने के बाद सतहों को साफ करें और गिरे हुए मीठे पदार्थ या जूस को तुरंत पोंछ दें। सिंक में बर्तन और गीला कचरा लंबे समय तक जमा न होने दें। फलों और सब्जियों को भी साफ करके उचित तरीके से रखें।
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लेखक: (कीर्ति)
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Sabudana Khichdi: साबूदाना खिचड़ी बनेगी एकदम खिली-खिली! अपनाएं ये आसान ट्रिक, स्वाद और पोषण दोनों मिलेगा भरपूर
Sabudana Khichdi: साबूदाना खिचड़ी का नाम सुनते ही व्रत के साथ-साथ स्वादिष्ट और हल्के नाश्ते की याद आती है। लेकिन घर पर इसे बनाते समय अक्सर साबूदाना चिपचिपा हो जाता है और पूरी खिचड़ी एक साथ चिपक जाती है। ऐसे में स्वाद तो बिगड़ता ही है, देखने में भी डिश उतनी आकर्षक नहीं लगती। अगर आप भी दानेदार और खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं, तो इसकी तैयारी में थोड़ी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
दरअसल, साबूदाना खिचड़ी का परफेक्ट टेक्सचर सिर्फ ज्यादा तेल या घी डालने से नहीं आता। साबूदाने को सही तरीके से भिगोना, पानी की मात्रा का ध्यान रखना और पकाते समय ज्यादा चलाने से बचना इसकी सबसे बड़ी ट्रिक है। इसके साथ मूंगफली, हरी मिर्च, जीरा और नींबू का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के साथ इसे ज्यादा पौष्टिक भी बना सकता है। आइए जानते हैं खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाने का आसान तरीका।
साबूदाना भिगोने का तरीका है सबसे जरूरी
साबूदाना खिचड़ी बनाने से पहले इसे अच्छी तरह धोना जरूरी है। साबूदाने को 2-3 बार हल्के हाथ से धोकर उसका अतिरिक्त स्टार्च निकाल दें। इसके बाद इतना पानी डालें कि साबूदाना बस हल्का-सा भीग जाए। बहुत ज्यादा पानी डालने पर यह जरूरत से ज्यादा नरम होकर चिपचिपा हो सकता है।
इसे करीब 4-6 घंटे या जरूरत के अनुसार भिगोकर रखें। अच्छे से भीगा हुआ साबूदाना उंगलियों से दबाने पर आसानी से मैश हो जाना चाहिए। पकाने से पहले अतिरिक्त पानी हो तो उसे पूरी तरह निकाल दें।
मूंगफली देगी स्वाद और क्रंच
साबूदाना खिचड़ी में भुनी हुई मूंगफली इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देती है। मूंगफली को हल्का भूनकर दरदरा पीस लें। इसे पूरी तरह पाउडर न बनाएं, क्योंकि छोटे-छोटे टुकड़े खिचड़ी में अच्छा टेक्सचर देते हैं।
मूंगफली में प्रोटीन और हेल्दी फैट भी पाए जाते हैं। इससे साबूदाना खिचड़ी सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि ज्यादा संतोषजनक भी बन सकती है।
तड़के में डालें जीरा और हरी मिर्च
कड़ाही में थोड़ा घी या तेल गर्म करें। इसमें जीरा डालकर चटकाएं। इसके बाद हरी मिर्च और जरूरत के अनुसार करी पत्ता डाल सकते हैं। अगर व्रत के लिए बना रहे हैं तो सेंधा नमक का इस्तेमाल करें।
अब इसमें उबले या छोटे टुकड़ों में कटे आलू डालकर हल्का भूनें। इससे आलू पर तड़के का स्वाद अच्छी तरह चढ़ जाता है।
अब अपनाएं सबसे जरूरी ट्रिक
भीगे हुए साबूदाने को कड़ाही में डालने के बाद इसे तेज आंच पर लगातार न चलाएं। गैस को धीमा से मध्यम रखें और साबूदाने को हल्के हाथ से मिलाएं। इसे बहुत देर तक पकाने की जरूरत नहीं होती। जब साबूदाना पारदर्शी दिखने लगे और दाने अलग-अलग नजर आएं, तो गैस बंद कर दें।
यही छोटी-सी ट्रिक खिचड़ी को ज्यादा चिपचिपा होने से बचाने में मदद करती है। ऊपर से दरदरी मूंगफली, थोड़ा नींबू का रस और हरा धनिया डालें।
स्वाद के साथ पोषण भी रहेगा बरकरार
साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है। मूंगफली और अन्य सामग्री जोड़ने से भोजन में कुछ प्रोटीन, फैट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी शामिल होते हैं। अगर डायबिटीज या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या है, तो साबूदाना जैसी हाई-कार्ब डिश की मात्रा अपने डाइट प्लान के अनुसार रखें।
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