बच्चों की बातचीत का पैटर्न बताता है भविष्य में कैसी रहेगी उनकी मेंटल हेल्थ, ऐसे बच्चों को भविष्य में ज्यादा खतरा
Child Psychology Tips: बच्चों की बातचीत का पैटर्न उनकी भविष्य की मेंटल हेल्थ का संकेत दे सकता है. एक नए अध्ययन के अनुसार, जिन बच्चों के बातचीत करने का तरीका कुछ खास पैटर्न दिखाता है, उन्हें भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का अधिक खतरा हो सकता है. यह जानकारी माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वे शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें और समय रहते आवश्यक सहायता प्रदान कर सकें. इस अध्ययन से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर समझ और समय पर हस्तक्षेप के नए रास्ते खुल सकते हैं.
Explainer: आखिर क्यों 'ओवर वेट' होती हैं भोजपुरी एक्ट्रेसेस? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
Bhojpuri Actresses Overweight: भोजपुरी सिनेमा की अपनी अलग पहचान है. जी हां, यहां फिल्मों की कहानियां, गाने, डांस और कलाकारों की स्क्रीन प्रेजेंस हिंदी सिनेमा से कई मायनों में अलग होती है. खासतौर पर भोजपुरी फिल्मों की एक्ट्रेसेस को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर उनकी बॉडी और वजन को लेकर चर्चा होती रहती है. कई बार दर्शक कुछ एक्ट्रेसेस को देखकर उन्हें ‘ओवरवेट’ तक कह देते हैं. लेकिन क्या वाकई भोजपुरी एक्ट्रेसेस का वजन ज्यादा होता है? या फिर इसके पीछे भोजपुरी सिनेमा की अपनी खास स्क्रीन लैंग्वेज, कॉस्ट्यूम, कैमरा एंगल और ब्यूटी स्टैंडर्ड्स की भूमिका होती है? चलिए जानते हैं इस सवाल का जवाब.
भोजपुरी सिनेमा का अपना अलग ब्यूटी स्टैंडर्ड
भोजपुरी सिनेमा लंबे समय से एक खास तरह की ग्लैमरस और ट्रेडिशनल प्रेजेंटेशन के लिए जाना जाता रहा है.फिल्मों और म्यूजिक वीडियोज में एक्ट्रेसेस को अक्सर ऐसे लुक में पेश किया जाता है, जिसमें भारतीय ट्रेडिशनल अटायर, भारी साड़ी, लहंगा, ज्वेलरी और मेकअप जरूरी होते हैं. ऐसे कपड़े और एक्सेसरीज शरीर को विजुअली ज्यादा भरा हुआ दिखा सकते हैं. खासकर भारी साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज और ज्वेलरी कैमरे के सामने शरीर का सिल्हूट बदल देते हैं. इसलिए स्क्रीन पर किसी एक्ट्रेस का लुक देखकर उसके रियल वजन का अंदाजा लगाना हमेशा सही नहीं होता.
कैमरा और लेंस भी बदल देते हैं बॉडी का लुक
फिल्मों में कैमरा सिर्फ कहानी रिकॉर्ड नहीं करता, बल्कि वो कलाकार की स्क्रीन इमेज भी बनाता है. कैमरा एंगल, लेंस, लाइटिंग और शूटिंग की दूरी किसी भी व्यक्ति के शरीर को अलग तरह से दिखा सकती है. वाइड एंगल लेंस से शूट किए गए कुछ शॉट्स में शरीर का आकार वास्तविकता से थोड़ा अलग दिखाई दे सकता है. इसी तरह नीचे से शूट किया गया कैमरा एंगल शरीर को ज्यादा भारी दिखा सकता है. इसके अलावा क्लोज-अप, मिड शॉट और फुल शॉट में भी शरीर का रेश्यो अलग महसूस हो सकता है. इसलिए किसी एक्ट्रेस की स्क्रीन इमेज को उसके वास्तविक शरीर से जोड़ना सही नहीं होगा.
कॉस्ट्यूम का भी बड़ा रोल
भोजपुरी फिल्मों में कॉस्ट्यूम का महत्व काफी ज्यादा है. खासकर गानों में एक्ट्रेसेस को चमकदार और भारी कपड़ों में दिखाया जाता है. साड़ी, लहंगा, घाघरा, भारी दुपट्टा और पारंपरिक ज्वेलरी का वजन भी काफी होता है. शूटिंग के दौरान इन कपड़ों की कई लेयर होने के कारण शरीर ज्यादा भरा हुआ नजर आ सकता है. वहीं अगर किसी एक्ट्रेस को डांस नंबर में लगातार मूवमेंट करना हो, तो कॉस्ट्यूम को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वो कैमरे पर ज्यादा विजुअल इम्पैक्ट दे. इसका परिणाम ये हो सकता है कि कलाकार का लुक रियल लाइफ के मुकाबले स्क्रीन पर ज्यादा भारी दिखाई दे.
भोजपुरी फिल्मों में ‘हेल्दी’ लुक की मांग
भोजपुरी सिनेमा की दर्शक संस्कृति भी इस चर्चा का एक अहम हिस्सा है. लंबे समय तक मुख्यधारा की भोजपुरी फिल्मों में महिला कलाकारों के लिए एक खास तरह का ‘हेल्दी’ या कर्वी लुक पॉपुलर रहा है. हिंदी सिनेमा में जहां लंबे समय तक बेहद स्लिम बॉडी को ग्लैमर से जोड़ा गया, वहीं भोजपुरी और कई अन्य रीजनल सिनेमा में ज्यादा कर्वी और भरे हुए शरीर को भी आकर्षक माना गया. ये जरूरी नहीं कि हर भोजपुरी एक्ट्रेस का वजन ज्यादा हो. बल्कि कई बार जो बॉडी टाइप भोजपुरी दर्शकों के बीच ग्लैमरस माना जाता है, वही किसी दूसरे सिनेमा के दर्शकों को भारी लग सकता है. यानी ‘ओवरवेट’ का पैमाना काफी हद तक सामाजिक और सांस्कृतिक नजरिए से भी प्रभावित होता है.
गानों में ज्यादा ग्लैमरस प्रेजेंटेशन
भोजपुरी सिनेमा में गानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. कई फिल्मों के गाने रिलीज से पहले ही पॉपुलर हो जाते हैं और कलाकारों की पहचान भी उनके म्यूजिक वीडियोज से बनती है. गानों में कैमरा अक्सर कलाकारों की पूरी बॉडी, कॉस्ट्यूम और डांस मूवमेंट को प्रमुखता से दिखाता है. इसके अलावा मेकअप, हेयरस्टाइल और लाइटिंग भी काफी हाई-इंटेंसिटी वाली हो सकती है. ऐसे में एक्ट्रेस की स्क्रीन प्रेजेंस ज्यादा ग्लैमरस और भरी हुई दिखाई दे सकती है. यही वजह है कि किसी एक्ट्रेस को सिर्फ उसके गाने के वीडियो देखकर ‘ओवरवेट’ कहना सही निष्कर्ष नहीं है.
हर एक्ट्रेस का बॉडी टाइप होता है अलग
एक और जरूरी बात ये है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है. किसी की बॉडी नैचुरली स्लिम हो सकती है, किसी की मस्कुलर और किसी की कर्वी. भोजपुरी इंडस्ट्री में भी अलग-अलग तरह के बॉडी टाइप वाली एक्ट्रेसेस काम करती हैं. किसी कलाकार का वजन उसकी उम्र, लंबाई, जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल और फिटनेस रूटीन पर निर्भर कर सकता है. इसलिए सिर्फ किसी एक्ट्रेस की तस्वीर या वीडियो देखकर यह तय करना कि वो ‘ओवरवेट’ है, वैज्ञानिक या सही तरीका नहीं है.
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