Explainer: आखिर क्यों 'ओवर वेट' होती हैं भोजपुरी एक्ट्रेसेस? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
Bhojpuri Actresses Overweight: भोजपुरी सिनेमा की अपनी अलग पहचान है. जी हां, यहां फिल्मों की कहानियां, गाने, डांस और कलाकारों की स्क्रीन प्रेजेंस हिंदी सिनेमा से कई मायनों में अलग होती है. खासतौर पर भोजपुरी फिल्मों की एक्ट्रेसेस को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर उनकी बॉडी और वजन को लेकर चर्चा होती रहती है. कई बार दर्शक कुछ एक्ट्रेसेस को देखकर उन्हें ‘ओवरवेट’ तक कह देते हैं. लेकिन क्या वाकई भोजपुरी एक्ट्रेसेस का वजन ज्यादा होता है? या फिर इसके पीछे भोजपुरी सिनेमा की अपनी खास स्क्रीन लैंग्वेज, कॉस्ट्यूम, कैमरा एंगल और ब्यूटी स्टैंडर्ड्स की भूमिका होती है? चलिए जानते हैं इस सवाल का जवाब.
भोजपुरी सिनेमा का अपना अलग ब्यूटी स्टैंडर्ड
भोजपुरी सिनेमा लंबे समय से एक खास तरह की ग्लैमरस और ट्रेडिशनल प्रेजेंटेशन के लिए जाना जाता रहा है.फिल्मों और म्यूजिक वीडियोज में एक्ट्रेसेस को अक्सर ऐसे लुक में पेश किया जाता है, जिसमें भारतीय ट्रेडिशनल अटायर, भारी साड़ी, लहंगा, ज्वेलरी और मेकअप जरूरी होते हैं. ऐसे कपड़े और एक्सेसरीज शरीर को विजुअली ज्यादा भरा हुआ दिखा सकते हैं. खासकर भारी साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज और ज्वेलरी कैमरे के सामने शरीर का सिल्हूट बदल देते हैं. इसलिए स्क्रीन पर किसी एक्ट्रेस का लुक देखकर उसके रियल वजन का अंदाजा लगाना हमेशा सही नहीं होता.
कैमरा और लेंस भी बदल देते हैं बॉडी का लुक
फिल्मों में कैमरा सिर्फ कहानी रिकॉर्ड नहीं करता, बल्कि वो कलाकार की स्क्रीन इमेज भी बनाता है. कैमरा एंगल, लेंस, लाइटिंग और शूटिंग की दूरी किसी भी व्यक्ति के शरीर को अलग तरह से दिखा सकती है. वाइड एंगल लेंस से शूट किए गए कुछ शॉट्स में शरीर का आकार वास्तविकता से थोड़ा अलग दिखाई दे सकता है. इसी तरह नीचे से शूट किया गया कैमरा एंगल शरीर को ज्यादा भारी दिखा सकता है. इसके अलावा क्लोज-अप, मिड शॉट और फुल शॉट में भी शरीर का रेश्यो अलग महसूस हो सकता है. इसलिए किसी एक्ट्रेस की स्क्रीन इमेज को उसके वास्तविक शरीर से जोड़ना सही नहीं होगा.
कॉस्ट्यूम का भी बड़ा रोल
भोजपुरी फिल्मों में कॉस्ट्यूम का महत्व काफी ज्यादा है. खासकर गानों में एक्ट्रेसेस को चमकदार और भारी कपड़ों में दिखाया जाता है. साड़ी, लहंगा, घाघरा, भारी दुपट्टा और पारंपरिक ज्वेलरी का वजन भी काफी होता है. शूटिंग के दौरान इन कपड़ों की कई लेयर होने के कारण शरीर ज्यादा भरा हुआ नजर आ सकता है. वहीं अगर किसी एक्ट्रेस को डांस नंबर में लगातार मूवमेंट करना हो, तो कॉस्ट्यूम को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वो कैमरे पर ज्यादा विजुअल इम्पैक्ट दे. इसका परिणाम ये हो सकता है कि कलाकार का लुक रियल लाइफ के मुकाबले स्क्रीन पर ज्यादा भारी दिखाई दे.
भोजपुरी फिल्मों में ‘हेल्दी’ लुक की मांग
भोजपुरी सिनेमा की दर्शक संस्कृति भी इस चर्चा का एक अहम हिस्सा है. लंबे समय तक मुख्यधारा की भोजपुरी फिल्मों में महिला कलाकारों के लिए एक खास तरह का ‘हेल्दी’ या कर्वी लुक पॉपुलर रहा है. हिंदी सिनेमा में जहां लंबे समय तक बेहद स्लिम बॉडी को ग्लैमर से जोड़ा गया, वहीं भोजपुरी और कई अन्य रीजनल सिनेमा में ज्यादा कर्वी और भरे हुए शरीर को भी आकर्षक माना गया. ये जरूरी नहीं कि हर भोजपुरी एक्ट्रेस का वजन ज्यादा हो. बल्कि कई बार जो बॉडी टाइप भोजपुरी दर्शकों के बीच ग्लैमरस माना जाता है, वही किसी दूसरे सिनेमा के दर्शकों को भारी लग सकता है. यानी ‘ओवरवेट’ का पैमाना काफी हद तक सामाजिक और सांस्कृतिक नजरिए से भी प्रभावित होता है.
गानों में ज्यादा ग्लैमरस प्रेजेंटेशन
भोजपुरी सिनेमा में गानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. कई फिल्मों के गाने रिलीज से पहले ही पॉपुलर हो जाते हैं और कलाकारों की पहचान भी उनके म्यूजिक वीडियोज से बनती है. गानों में कैमरा अक्सर कलाकारों की पूरी बॉडी, कॉस्ट्यूम और डांस मूवमेंट को प्रमुखता से दिखाता है. इसके अलावा मेकअप, हेयरस्टाइल और लाइटिंग भी काफी हाई-इंटेंसिटी वाली हो सकती है. ऐसे में एक्ट्रेस की स्क्रीन प्रेजेंस ज्यादा ग्लैमरस और भरी हुई दिखाई दे सकती है. यही वजह है कि किसी एक्ट्रेस को सिर्फ उसके गाने के वीडियो देखकर ‘ओवरवेट’ कहना सही निष्कर्ष नहीं है.
हर एक्ट्रेस का बॉडी टाइप होता है अलग
एक और जरूरी बात ये है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है. किसी की बॉडी नैचुरली स्लिम हो सकती है, किसी की मस्कुलर और किसी की कर्वी. भोजपुरी इंडस्ट्री में भी अलग-अलग तरह के बॉडी टाइप वाली एक्ट्रेसेस काम करती हैं. किसी कलाकार का वजन उसकी उम्र, लंबाई, जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल और फिटनेस रूटीन पर निर्भर कर सकता है. इसलिए सिर्फ किसी एक्ट्रेस की तस्वीर या वीडियो देखकर यह तय करना कि वो ‘ओवरवेट’ है, वैज्ञानिक या सही तरीका नहीं है.
जीवन के निर्णायक क्षणों में अपने मूल्यों, विश्वासों और दृढ़ निश्चय के प्रति सच्चे बने रहना सबसे जरूरी: गौतम अदाणी
अहमदाबाद, 13 अगस्त (आईएएनएस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को कहा कि जीवन के निर्णायक क्षणों में अपने मूल्यों, विश्वासों और दृढ़ निश्चय के प्रति सच्चे बने रहना सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है।
स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में अदाणी समूह के चेयरमैन ने विश्वास, त्याग और भारत की स्वतंत्रता के साथ आने वाली जिम्मेदारी पर विचार साझा किए।
उन्होंने कहा, “ऐसे समय आते हैं जब आप सबसे महत्वपूर्ण काम यह कर सकते हैं कि आप उस चीज के प्रति सच्चे रहें जिसे आप जानते हैं, जिसे आप महत्व देते हैं और जिस पर आप विश्वास करते हैं।”
15 अगस्त के महत्व पर गौतम अदाणी ने कहा कि उनके लिए स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन भी है। उन्होंने कहा कि बड़े बदलाव की यात्रा के लिए त्याग और धैर्य की आवश्यकता होती है।
अरबपति उद्योगपति ने कहा, “15 अगस्त मेरे लिए केवल उत्सव का दिन नहीं है बल्कि यह कृतज्ञता का दिन भी है। और शायद यह कृतज्ञता हमें जीवन का एक और गहरा सबक सिखाती है कि कोई भी बड़ा बदलाव त्याग के बिना और धैर्य के बिना संभव नहीं होता।”
गौतम अदाणी ने विश्वास के महत्व पर भी बात की और कहा कि विश्वास हर दिन कार्यों, प्रतिबद्धताओं और चरित्र के माध्यम से बनाया जाता है।
अदाणी समूह के चेयरमैन ने कहा कि इन्हीं मूल्यों ने उनकी यात्रा को आकार दिया है और ये आज भी अदाणी समूह के लोगों के साथ मिलकर काम करने के तरीके का मार्गदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा मूल्य है जिसने उनकी यात्रा का मार्गदर्शन किया है और आज भी हमारे साथ मिलकर काम करने के तरीके को आकार देता है।”
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित विचार-विमर्श के तहत “अपनी बात अपनों के साथ” कार्यक्रम के माध्यम से तीन लाख से अधिक कर्मचारी और साझेदार एक साथ आए और संगठन की साझा यात्रा पर विचार किया। इस दौरान विश्वास, चरित्र और प्रतिबद्धता को केंद्र में रखा गया।
गौतम अदाणी ने देश की विकास परियोजनाओं में शामिल श्रमिकों और युवा इंजीनियरों के योगदान को भी रेखांकित किया।
खावड़ा में कर्मचारियों के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए, जहां देश की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में से एक विकसित की जा रही है, उन्होंने कहा कि उनका काम केवल पेशेवर प्रतिबद्धता को ही नहीं दर्शाता, बल्कि खुद से भी बड़ी किसी चीज में योगदान देने का गौरव भी दिखाता है।
--आईएएनएस
एबीएस
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