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Uncovered With Manoj Gairola: क्या UPI से पेमेंट करना अब भी पूरी तरह फ्री रहेगा, नए Digital Payment कानून के बाद क्या होगा, जानें सबकुछ?

Uncovered With Manoj Gairola: क्या अब आपको UPI से payment करने पर पैसा देना होगा? सरकार का कहना है कि पार्लियामेंट में जो नया बिल पास हुआ है उससे आम आदमी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. लेकिन क्या वाक़ई में ऐसा है? और अगर नहीं है, तो क्या इसके पीछे विदेशी कंपनियाँ हैं जिन्हें UPI के आने से नुक़सान हुआ है. और क्या अमेरिकन government की नज़र हमारे डिजिटल पेमेंट के क़ानूनों पर बनी हुई हैं. अनकवर्ड में हम आपको बतायेंगे कि UPI के नये क़ानून के पीछे का खेल क्या है?

आपने कहावत तो सुनी होगी कि कान चाहे सीधे पकड़ो, या उल्टे, पकड़ने तो कान ही हैं.  कुछ ये ही हाल नये UPI से जुड़े digital पेमेंट क़ानून का है. बिल पास होने के बाद सरकार ने एक बयान जारी किया. इसमें बताया कि आम आदमी को किसी को भी और कहीं भी पेमेंट करने पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगेगा. लेकिन पेमेंट लेने वाले दुकानदार को फ़ीस देनी पड़ेगी, जो कि बहुत कम होगी. और ये फ़ीस भी तब लगेगी जब पेमेंट एक निश्चित सीमा से ऊपर होगा.

क्या है UPI फ्री पेमेंट की सीमा

ये सीमा क्या है, यह बिल में तो नहीं है. लेकिन जो बात चल रही थी वो 2000 रुपए की थी. इसका मतलब यह है कि अगर आपने 2000 रुपए या उससे ज़्यादा का सामान ख़रीदा तो उस दुकानदार को फ़ीस देनी पड़ेगी. यानी सरकार का बयान पड़ कर आपको लगेगा कि आपकी जेब पर तो इस क़ानून का कोई असर नहीं होगा. लेकिन सच्चाई कुछ और है. और आप इसे ऐसे समझिए.

अगर आप 4000 रुपए का राशन ख़रीद कर UPI से पेमेंट करते हैं, तो नये क़ानून के मुताबिक़ इस ख़रीद पर दुकानदार को चार्ज देना होगा. ये तो अभी तक डिसाइड नहीं हुआ कि कितना पैसा देना पड़ेगा. अगर हम माने कि यह चार्ज कुल ख़रीद का 0.5%  है, तो 4000  रुपए के पेमेंट पर दुकानदार को 20 रुपए देने होंगे.

कैश खरीद में कोई फायदा होगा?

हां. अगर  खरीद आप cash से करते हैं तो दुकानदार पर 20 रुपए का चार्ज नहीं लगेगा. ऐसे में दुकानदार आपसे कैश पेमेंट करने के लिए ही कहेगा. अगर आप पेमेंट UPI से करते हैं तो वो 20 रुपए आप से ही लेगा. ये एक simple और commonsense की बात है. अगर दुकानदार यह चार्ज आपसे सीधे नहीं लेगा तो तो समान महंगा कर देगा. वो अपना नुक़सान तो सहन नहीं करेगा.  यानी, ये बात साफ़ है कि चार्ज किसी पर भी लगे, पेमेंट तो अख़िरकार ग्राहक को ही करना होगा.……. 

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना और फ्री UPI पेमेंट की सर्विस देना - इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. इसमें कोई शक नहीं कि फ्री UPI सर्विस से हमारी ज़िंदगी आसान हो गई है. जब UPI सर्विसेज़ नहीं थी, तो सारा cashless ट्रांजेक्शन क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ही होता था. और इसके लिए 1.5-3% तक चार्ज लगता है. वैसे तो ये कार्ड बैंक्स इशू करते हैं, लेकिन इनके पीछे दो अमेरिकी कंपनियों हैं - मास्टर कार्ड और वीसा. ये कंपनियाँ ट्रांज़ेशन प्रोसेसिंग का काम करती हैं. 

UPI से अमेरिकी कंपनियों के plans चौपट हो गये

लेकिन जब से फ्री UPI सर्विसेज़ आयी हैं तो इन दोनों अमेरिकी कंपनियों के plans चौपट हो गये हैं. आपको एक आँकड़ा बताते है. UPI अब कितनी बड़ी चीज़ बन चुकी है ये आपको इस बात से पता चल जाएगा कि 2025  में UPI के ज़रिए जितनीं बार पेमेंट हुए, उतने तो मास्टर कार्ड और वीसा ने पूरे संसार में भी नहीं किए.

अब आपको कुछ डेटा बताते हैं. आज हमारे देश में जितने भी कैशलेस ट्रांजेक्शन होते हैं उन्मे से 70% से ज़्यादा UPI के ज़रिए होते हैं. इसी जुलाई के महीने में UPI से 2400 करोड़ ट्रांजैक्शंस हुए थे. और इनकी टोटल वैल्यू 30 लाख करोड़ रुपए थी. इससे आपको पता चल गया होगा कि इन अमेरिकी कंपनियों के हाथ से कितना बड़ा बिज़नेस निकल गया. 

सिर्फ़ RuPay क्रेडिट कार्ड ही UPI से लिंक

UPI की कामयाबी के बाद अमेरिकी क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ अपनी सरकार से भारत की policies के ख़िलाफ़ शिकायत कर रही थी. आज हमारी पालिसी ये है कि सिर्फ़ RuPay क्रेडिट कार्ड को ही UPI से लिंक कर सकते हैं. अमेरिकी सरकार चाहती है कि मास्टर कार्ड और वीसा को भी ये फैसिलिटी मिले. यानी UPI ने जो cashless ट्रांजैक्शंस का जो मार्केट बनाया है उसमे इनको भी हिस्सा मिले. 

आपको बता दें कि भारत के UPI की ही तरह, ब्राज़ील में भी उनका अपना डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. इसका नाम है पिक्स. अमेरिका को पिक्स से भी बहुत परेशानी है क्यों की वहाँ भी अमेरिकी क्रेडिट कार्ड कंपनियों का बिज़नेस चौपट हो चुका है. इसलिए अमेरिकन गवर्नमेंट ने जब ब्राज़ील पर 25% टैरिफ लगाया तो उसकी एक वजह पिक्स को भी बताया गया. और भारत की भी ट्रेड डील की बातचीत अभी चल ही रही है.

सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि UPI और अन्य डिजिटल इंफ़्रास्ट्रक्चर जानता कि भलाई की services हैं. और हमे इसे इसी तरह देखना चाहिए. इसके लिए अगर subsidy भी देनी हो तो इसमें कोई ग़लत बात नहीं है.

यह भी पढ़ें - Uncovered With Manoj Gairola: भारत विदेशी NGO फंडिंग के नियमों को क्यों सख्त कर रहा है?

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CM के अनुरोध पर राष्ट्रीय राजमार्गों के स्पर अनुमोदन, प्रस्तावों पर केंद्र सरकार करेगी विचार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर राज्य की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को राष्ट्रीय राजमार्गों के स्पर (सहायक शाखा मार्ग) के रूप में अनुमोदित किए जाने संबंधी प्रस्तावों पर केंद्र सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को अवगत कराया है कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को संबंधित अधिकारियों के पास विचार एवं आवश्यक परीक्षण हेतु प्रेषित कर दिया गया है.

परीक्षण एवं विचारार्थ प्रेषित कर दिया गया 

ज्ञातब्य है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 24 जुलाई, 2026 को भेजे गए अनुरोध के क्रम में  सिकुड़ा बैंड से एन.टी.डी. (अल्मोड़ा) तक सुरंग (टनल) सहित करीब 1 किलोमीटर मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-309बी के स्पर के रूप में अनुमोदित किए जाने, सेराघाट–बाड़ेछीना मोटर मार्ग (45 किलोमीटर) को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने, मरचूला–भिकियासैंण मोटर मार्ग (72 किलोमीटर) को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने तथा कालसी–चकराता मोटर मार्ग (44 किलोमीटर) को राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए एवं 507 के स्पर के रूप में किए जाने का अनुरोध केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से किया गया था. केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उक्त सभी प्रस्तावों को संबंधित अधिकारियों को परीक्षण एवं विचारार्थ प्रेषित कर दिया गया है.

प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय होगा 

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़कर क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देना है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक सहयोग से इन प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय होगा और राज्य के सड़क ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा. मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विकास संबंधी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया.

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भारत ने आजादी के बाद कई खेलों में धीरे-धीरे तरक्की की और आज कई उपलब्धियां हासिल कर ली हैं. मगर इनमें से कुछ की दमदार बुनियाद आजादी से पहले ही पड़ चुकी थी, जिनमें कुछ महान खिलाड़ियों का योगदान था. Fri, 14 Aug 2026 23:43:57 +0530

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