Breakfast या Lunch? कन्फ्यूजन खत्म... घर पर ट्राई करें सत्तू की ये शानदार रेसिपी, हर मील के लिए परफेक्ट
सत्तू पूरी बिहार और पूर्वी भारत का एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है, जो अपने स्वाद और पौष्टिकता के लिए जाना जाता है. चने के सत्तू से तैयार यह रेसिपी कम समय, कम सामग्री और कम खर्च में आसानी से बन जाती है. खास बात यह है कि इसे नाश्ते, लंच या हल्के भोजन के रूप में दही, अचार या सब्जी के साथ परोसा जा सकता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
बघेलखंड की रसाज कढ़ी क्यों है इतनी खास? जानिए इसकी रेसिपी और स्वाद का राज
Rasaj Ki Kadhi: रसाज कढ़ी बघेलखंड का पारंपरिक व्यंजन माना जाता है. शादी-ब्याह, त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में इसे विशेष रूप से बनाया जाता है. रसाज कढ़ी का स्वाद इतना अलग होता है कि इसे एक बार खाने वाला व्यक्ति इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाता. कढ़ी बनाने के लिए दही और बेसन का पतला घोल तैयार किया जाता है. फिर कड़ाही में तेल गर्म कर उसमें राई और मेथी का तड़का लगाया जाता है. इसके बाद प्याज और लहसुन डालकर अच्छी तरह भूना जाता है. फिर हल्दी और नमक डालकर मसालों को पकाया जाता है. अब इसमें दही और बेसन का घोल डालकर धीमी आंच पर पकाया जाता है. जब कढ़ी अच्छी तरह तैयार हो जाती है, तब उसमें पहले से बने रसाज डाल दिए जाते हैं. गरमागरम रसाज कढ़ी को चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है. इसका स्वाद खट्टा, मसालेदार और बेहद लजीज होता है. यही वजह है कि बघेलखंड आने वाले लोग यहां के इस पारंपरिक व्यंजन का स्वाद जरूर चखना पसंद करते हैं.
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