चने का झाड़ नहीं, यहां मौजूद है चने का पेड़! 600 साल से है खड़ा, दूर-दूर से देखने आते हैं लोग
आज तक आपने सुना होगा कि चने के झाड़ होते हैं. खेतों में छोटे-छोटे झाड़ में चने उगते हैं. लेकिन अगर हम आपसे कहें कि भारत के मध्यप्रदेश के रतलाम के नजदीक एक ऐसा इलाका है, जहां चने का पेड़ है तो?
Explainer: बंगाल की नई कैबिनेट में किसका बढ़ा कद, कौन रह गया पीछे? शुभेंदु सरकार के पहले विस्तार से निकले बड़े राजनीतिक संकेत
West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार बनने के बाद आज कैबिनेट विस्तार किया गया है. जिसमें 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली है. बता दें इनमें 13 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री, 3 ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस विस्तार के बाद बंगाल में सरकार का आकार ही नहीं बढ़ा बल्कि यहां इस विस्तार से मुख्यमंत्री शुभेंदु सरकार ने राज्य में प्रशासन संचालन के अलावा प्रदेश में आने वाले सालों की राजनीति का पूरा खाका तैयार कर लिया है.
कैबिनेट में कौन लोग हैं उनके नामों की बात करें तो ऐसे में ये बताना जरूरी है कि जिन्हें जगह मिली है उनके और जिन्हें उम्मीद के बाद भी मंत्रीपद में स्थान नहीं मिला ऐसे दोनों तरह के विधायकों की चर्चा बंगाल की राजनीति में इस समय हो रही है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस कैबिनेट विस्तार से बंगाल सरकार ने क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है. इसमें उत्तर बंगाल, जंगलमहल, आदिवासी क्षेत्रों और शहरी इलाकों से आने वाले नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: BJP MLAs Jagannath Chattopadhyay, Swapan Dasgupta, Dr Sharadwat Mukherjee, Dr Kalyan Chakraborti, Ajoy Poddar take oath as Cabinet Ministers in CM Suvendu Adhikari's led state government
— ANI (@ANI) June 1, 2026
(Source: PWD IT Dept) pic.twitter.com/n39JqxmlMX
पश्चिम बंगाल सरकार के नए मंत्रियों की सूची
कैबिनेट मंत्री
1. दीपक बर्मन
2. तपस रॉय
3. डॉ. शंकर घोष
4. मनोज कुमार उरांव
5. अर्जुन सिंह
6. गौरी शंकर घोष
7. स्वपन दासगुप्ता
8. जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
9. कल्याण चक्रवर्ती
10. अजय पोद्दार
11. शारद्वत मुखर्जी
12. दूध कुमार मंडल
13. अनुप कुमार दास
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
1. डॉ. इंद्रनील खान
2. मालती रावा रॉय
3. राजेश महतो
राज्य मंत्री
1. जोएल मुर्मू
2. हरे कृष्ण बेरा
3. आनंदमय बर्मन
4. अशोक डिंडा
5. नदियार चंद बाउरी
6. विशाल लामा
7. शांतनु प्रमाणिक
8. मौमिता बिस्वास मिश्रा
9. उमेश राय
10. पूर्णिमा चक्रवर्ती
11. कौशिक चौधरी
12. भास्कर भट्टाचार्य
13. दिवाकर घरामी
14. अमिया किस्कू
15. कलिता माझी
16. गर्गी दास घोष
17. बिराज बिस्वास
18. दीपांकर जना
19. सुमना सरकार
#WATCH | Kolkata, West Bengal: BJP MLAs took oath as Cabinet Minister/ MoS /MoS (Independent Charge)
— ANI (@ANI) June 1, 2026
13 MLAs took oath as Cabinet ministers, 3 as MoS (Independent Charge) and 19 as MoS
Cabinet ministers WB Govt- 1) Deepak Barman
2) Tapas Roy
3) Dr Shankar Ghosh
4) Manoj Kumar… pic.twitter.com/1x3LGQT1tU
ऐसे चेहरों को मौका मिला जो दूसरे दलों से आकर BJP की राजनीति का हिस्सा बने
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नई कैबिनेट को देखने पर सबसे पहले यह समझ आता है कि BJP ने बंगाल में संगठन, चुनावी प्रदर्शन और सामाजिक समीकरण तीनों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है. पार्टी ने ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाया है जो लंबे समय से बंगाल में उसके विस्तार का चेहरा रहे हैं. वहीं, कुछ ऐसे चेहरों को भी मौका मिला है जो दूसरे दलों से आकर BJP की राजनीति का हिस्सा बने.
इन दो नेताओं की सबसे ज्यादा चर्चा, सत्ता परिवर्तन में साथ देने का मिला इनाम
कैबिनेट विस्तार के बाद सबसे ज्यादा पूर्व TMC नेता तपस रॉय और अर्जुन सिंह की हो रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि इन नेताओं को शामिल करके BJP ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी सिर्फ अपने पुराने कैडर पर नहीं बल्कि उन नेताओं पर भी भरोसा कर रही है जिन्होंने सत्ता परिवर्तन की लड़ाई में उसका साथ दिया.
Kolkata, West Bengal: BJP MLAs took oath as Cabinet Minister/ MoS /MoS (Independent Charge)
— ANI (@ANI) June 1, 2026
13 MLAs took oath as Cabinet ministers, 3 as MoS (Independent Charge) and 19 as MoS
Cabinet ministers WB Govt
1) Deepak Barman
2) Tapas Roy
3) Dr Shankar Ghosh
4) Manoj Kumar Oraon… pic.twitter.com/9AUH87UBsl
इस नेता को सरकार में रखकर मिला दिग्गजों का साथ
बंगाल में शंकर घोष, दीपक बर्मन और मनोज कुमार उरांव जैसे नेताओं को जगह देकर BJP ने उस क्षेत्र को मजबूत संदेश दिया है जिसने विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. वहीं, नई सरकार में सीमावर्ती और आदिवासी इलाकों को प्रतिनिधित्व देकर भी भविष्य की रणनीति पर काम किया गया दिखाई पड़ता है. उधर, पूर्व सांसद और विचारक स्वपन दासगुप्ता को मंत्रिमंडल में शामिल करके बीजेपी ने प्रदेश में सरकार के पास मजबूत वैचारिक और नीतिगत अनुभव जोड़ने का संदेश दिया है.
सरकार केवल पांच साल तक सीमित नहीं, 2029 के लोकसभा चुनाव पर नजर
इस पूरे विस्तार से ऐसा जाहिर हो रहा है कि BJP बंगाल में अपनी सरकार को केवल पांच साल की सत्ता के रूप में नहीं देख रही बल्कि पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद की राजनीति को ध्यान में रखकर काम कर रही है. नई सरकार ने ये साफ कर दिया है कि बंगाल की राजनीति अब केवल TMC बनाम BJP की सीधी लड़ाई नहीं रहने वाली बल्कि आने वाले समय में देश की राजनीति में नया अध्याय लिख सकती है.
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