केंद्र ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान को 340 करोड़ और तेलंगाना को 265 करोड़ रुपए दिए
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएमआरकेवीवाई) और कृषोन्नति योजना के तहत राजस्थान के लिए 340.59 करोड़ रुपए और तेलंगाना के लिए 265.12 करोड़ रुपए के आवंटन को मंजूरी दी।
यह वित्तीय मंजूरी चौहान द्वारा भोपाल से राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक के दौरान दी गई। बैठक में कृषि सचिव आतिश चंद्र और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ दोनों राज्यों के वरिष्ठ कृषि अधिकारी भी शामिल हुए।
दोनों राज्यों की परियोजना अनुमोदन समिति की बैठकों में स्वीकृत वार्षिक कार्य योजनाओं, पहली स्वीकृत राशि के उपयोग और अब तक की व्यय प्रगति की समीक्षा के बाद ये मंजूरी दी गई।
चौहान ने किसान पहचान पत्र और उर्वरक वितरण के लिए तेलंगाना के नए मॉडल की सराहना की और इस पहल के लिए राज्य के कृषि मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मॉडल किसानों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से सेवाएं प्रदान करने में सहायक होगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि तेलंगाना में तिलहन और दलहन परियोजनाओं के अंतर्गत व्यय निर्धारित समय से पीछे चल रहा है। उन्होंने राज्य द्वारा इन परियोजनाओं के अंतर्गत व्यय और कार्यान्वयन प्रगति की नियमित निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया।
राजस्थान के लिए चौहान ने किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया ताकि किसानों को समय पर और बिना किसी परेशानी के ऋण सहायता प्राप्त हो सके।
चौहान ने कहा कि वित्तीय स्वीकृतियां राज्यों में कृषि योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र सरकार किसानों के हित में संसाधनों, तकनीकी सहायता और निगरानी को मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है।
वित्तीय आवंटन से दोनों राज्यों में कृषि अवसंरचना, उत्पादकता वृद्धि, इनपुट समर्थन और किसान कल्याण से संबंधित गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निधियों से राज्य स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि उनका लाभ किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
--आईएएनएस
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दून विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद, कहा-बदलती तकनीक के अनुरूप ‘फ्यूचर रेडी’ बनें युवा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद किया. संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने, उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने, विज्ञान, तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में रोजगार की नई संभावनाओं तथा देहरादून में यातायात जाम की समस्या के समाधान को लेकर सीएम से सवाल किए.
पलायन रोकने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने से संबंधित सवाल पर सीएम ने कहा कि राज्य में अब रिवर्स माइग्रेशन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं सौर स्वरोजगार योजना सहित पर्यटन, उद्योग और फिल्म नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने को लेकर भी राज्य सरकार की ओर से निरंतर कार्य किया जा रहा है.
सुविधाओं के विस्तार पर खास ध्यान
उच्च शिक्षा को मजबूत करने के संंबंध में सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर खास ध्यान दे रही है. देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है, इससे प्रदेश में विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर मिलेगा.
नई तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास
विज्ञान, तकनीक एवं एआई के दौर में रोजगार की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलावों के साथ रोजगार के स्वरूप में परिवर्तन हो रहा है और नई संभावनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं. उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें बदलती तकनीक के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करते हुए ‘फ्यूचर रेडी’ बनना होगा. सरकार भी युवाओं को आधुनिक कौशल एवं नई तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.
जाम की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी
देहरादून में यातायात जाम की समस्या के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है. बिंदाल और रिस्पना नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं. इन परियोजनाओं के पूरा होने से देहरादून शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और जाम की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी.
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