विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस-2026 पर राज्य एवं जनपदों में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
भारत सरकार के निर्देशन में भारत विभाजन की दुःखद स्मृतियों एवं उससे जुड़ी वास्तविकताओं के प्रति आम जनमानस में जागरूकता उत्पन्न करने तथा विभाजन से प्रभावित लाखों लोगों के संघर्ष एवं बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से 14 अगस्त, 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस-2026 मनाया जाएगा. इस अवसर पर राज्य एवं जनपद स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत विभाजन की त्रासदी, उससे प्रभावित लोगों के संघर्ष एवं बलिदान से अवगत कराना तथा विभाजन पीड़ितों की स्मृतियों को सम्मानपूर्वक संजोए रखना है.
विशेष प्रदर्शनी का आयोजन
महानिदेशक, सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में जनपद देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में विभाजन विभीषिका से प्रभावित परिवारों को भी आमंत्रित किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान विभाजन के समय दिवंगत हुए सभी लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा जाएगा. कार्यक्रम में मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं योगदान पर निर्मित लघु वृत्तचित्र की आधिकारिक स्क्रीनिंग की जाएगी. साथ ही, विभाजन विभीषिका से संबंधित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा.
पोर्टल से डाउनलोड कर प्रदर्शित किया
उन्होंने बताया कि राज्य के समस्त जनपदों में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विभाजन से प्रभावित परिवारों की पीड़ा एवं संघर्ष को प्रदर्शित करने के लिए तैयार की गई डिजिटल प्रदर्शनी को भारत सरकार के पोर्टल से डाउनलोड कर प्रदर्शित किया जाएगा. इसके साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद, भाषण, क्विज प्रतियोगिता, व्याख्यान एवं परिचर्चा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. छात्र-छात्राओं को डलळवअ पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज में प्रतिभाग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा.
स्मृति चिह्न वितरित किए जाएंगे
इस संबंध में सचिव, संस्कृति श्री युगल किशोर पन्त द्वारा भी सभी विभागाध्यक्षों, आयुक्त एवं जिलाधिकारियों को विभाजन विभिषिका आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी. विभाजन से प्रभावित परिवारों एवं उनके परिजनों को अपने अनुभव एवं स्मृतियां साझा करने का अवसर दिया जाएगा तथा उन्हें स्मृति चिह्न वितरित किए जाएंगे. कैंडल मार्च एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.
स्वतंत्रता दिवस को लेकर इंदौर पुलिस अलर्ट, एयरपोर्ट पर CISF-BSF और पुलिस का हाई-लेवल एंटी-टेरर मॉक ड्रिल, पढ़ें खबर
स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर आपकी सुरक्षा को पूरी तरह पुख्ता करने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार मुस्तैद हैं। त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने और आम जनता को सुरक्षित माहौल देने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शहर के तमाम संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का लगातार जायजा लिया जा रहा है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में सभी सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासनिक विभाग बिना किसी देरी के तुरंत एक्शन में आ सकें। इसके लिए सुरक्षा के हर पहलू को बारीकी से परखा और जांचा जा रहा है।
इसी कड़ी में आगामी स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए इंदौर एयरपोर्ट की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया। एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा असरदार बनाने के लिए सीआईएसएफ, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस ने मिलकर एक हाई-लेवल एंटी-टेरर मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस संयुक्त अभ्यास का मकसद किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तैयारी का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल में तैयार किया गया संदिग्ध घुसपैठ और आतंकी खतरे का काल्पनिक परिदृश्य
मॉक ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट परिसर में एक काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें संदिग्ध घुसपैठ और आतंकी खतरे का माहौल बनाया गया। जैसे ही इस खतरे की सूचना मिली, सीआईएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम यानी क्यूआरटी, बीएसएफ के जांबाज जवान और स्थानीय पुलिस ने बिजली की गति से मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे एयरपोर्ट परिसर को अपने सुरक्षित घेरे में ले लिया। इसके बाद पूर्वनिर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी जवानों ने मिलकर एक संयुक्त रेस्क्यू और काउंटर ऑपरेशन चलाया और स्थिति पर काबू पाया।
मॉक ड्रिल में परखी गई सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और रिस्पॉन्स टाइम
इस मॉक ड्रिल को आयोजित करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह था कि आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और उनके रिस्पॉन्स टाइम को परखा जा सके। इसके साथ ही विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल, बातचीत और समन्वय को और बेहतर बनाना भी इसका लक्ष्य था, ताकि कम से कम समय में सबसे प्रभावी कार्यवाही की जा सके। इस बेहद महत्वपूर्ण अभ्यास में सीआईएसएफ, बीएसएफ और स्थानीय जिला पुलिस के साथ-साथ बम डिस्पोजल स्क्वाड यानी बीडीडीएस, दमकल विभाग और चिकित्सा दल ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। अभ्यास पूरा होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने एक विशेष समीक्षा बैठक की, जिसमें सुरक्षा तैयारियों और रिस्पॉन्स टाइम का बारीकी से आकलन किया गया।
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट
त्योहार के इस सीजन में एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से भी एक विशेष अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा जांच के दौरान वे सुरक्षाकर्मियों का पूरा सहयोग करें। इसके साथ ही, यदि कहीं भी कोई लावारिस वस्तु या कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या सुरक्षाकर्मी को दें। आपकी यही जागरूकता और सतर्कता आपको और आपके पूरे शहर को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Mp Breaking News









