टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का मुनाफा 80% गिरा:पहली तिमाही में ₹775 करोड़ रहा; वजह- जगुआर लैंडरोवर की सप्लाई चेन में रुकावट
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का अप्रैल-जून तिमाही में मुनाफा 80% से ज्यादा घटकर ₹775 करोड़ रह गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,924 करोड़ का मुनाफा हुआ था। मुनाफे में यह गिरावट स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई में आई रुकावटों, एक बड़े कंपोनेंट सप्लायर के यहां लगी आग, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और जगुआर मॉडल्स के बंद होने की वजह से हुई है। रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹95,799 करोड़ हुआ कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 9% से ज्यादा बढ़कर ₹95,799 करोड़ हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹87,677 करोड़ था। JLR का मुनाफा 73% घटा, रेवेन्यू 10% कम हुआ टाटा ग्रुप की प्रीमियम कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) की होलसेल बिक्री में सालाना आधार पर 9% की गिरावट आई है। इस गिरावट की मुख्य वजहें सप्लायर के यहां आग लगना, मिडिल ईस्ट संघर्ष और जगुआर टाइप 01 की लॉन्चिंग से पहले पुराने जगुआर मॉडल्स का प्रॉडक्शन बंद होना रहीं। JLR के सीईओ पीबी बालाजी ने कहा, "शुरुआती चुनौतियों के बावजूद हमारे ब्रांड्स की मजबूत मांग बनी हुई है। हम जल्द ही रेंज रोवर इलेक्ट्रिक, रेंज रोवर स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक, रेंज रोवर GT और जगुआर टाइप 01 लॉन्च करने जा रहे हैं। मैं अपनी टीम और पार्टनर्स का धन्यवाद करता हूं।" Sierra.ev को मिला बेहतर रिस्पॉन्स टाटामोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा ने बताया, "FY27 की पहली तिमाही की शुरुआत कंपनी के लिए काफी मजबूत रही है। हाल ही में लॉन्च हुए मॉडल्स को मिली सफलता से हमारी बिक्री 46% बढ़ी है। हालांकि सप्लाई की दिक्कतों से सिएरा का वॉल्यूम प्रभावित हुआ, लेकिन ग्राहकों की रुचि बनी हुई है और Sierra.ev को काफी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है।" उन्होंने कहा कि मजबूत ऑर्डर बुक, नए प्रोडक्ट्स की पाइपलाइन और मार्जिन सुधारने के कदमों से कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में यह तेजी बनी रहेगी। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है EBITDA और EPS?
कांग्रेस के अधिवेशन में राहुल बोले:अब इस सरकार को समझ आ गया है कि ये देश अपने आपको express करने से नहीं रोकेगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में हो रहे कांग्रेस का ‘रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ’ के अधिवेशन में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- आपने जंतर-मंतर पर देखा होगा कि स्टूडेंट्स ने खुद को एक्सप्रेस किया। अमित शाह को चाणक्य और न जाने क्या-क्या कहा जाता था, लेकिन वो गायब हो गए। वे 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। क्योंकि, अब इस सरकार को समझ आ गया है कि ये देश अपने आपको express करने से नहीं रोकेगा। गुरुवार को अधिवेशन का दूसरा दिन था। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी लोगों से संवाद किया। अधिवेशन में शिक्षा, सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय, बेरोजगारी और पर्यावरण सहित समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राहुल गांधी ने आगे कहा- भारत में बहुत से लोग इस कायर शक्ति के सामने कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे हों और अचानक डर लगने की बात कहें तो समझ में आता है। लेकिन आज आप उन मसखरों और जोकरों से लड़ रहे हैं, जिन्हें हमारे दर्शन या इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है। जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स को चुप रहने को कहा गया। एक दुखी मां को चुप रहने को कहा गया। वे (भाजपा-आरएसएस) व्यवस्था थोपना चाहते हैं। और हमारा काम है भारत को अपनी अभिव्यक्ति देना और उस व्यवस्था को तोड़ना। आरएसएस की अभिव्यक्ति की भी रक्षा करेंगे राहुल ने अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर आरएसएस को भी अपने निशाने पर लिया, लेकिन कहा कि यदि किसी दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को खत्म करने की बात होगी तो वह उसकी भी रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरे लिए लोकतंत्र का मतलब है कि जो कुछ भी आपके दिल में है, आप खुलकर बोलो। जब देश की अभिव्यक्ति बाहर आएगी तो दुनिया भारत की ताकत देखेगी। दो दिन के अधिवेशन में कई मुद्दों पर चर्चा रचनात्मक कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 12 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में शुरू हुआ था। इसमें सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अकादमिक जगत, कलाकारों, समुदाय प्रतिनिधियों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। पहले दिन अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी और असमानता, पर्यावरण, विकास, विस्थापन, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, अधिकार, संस्कृति और शोध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले-कांग्रेस हो या केंद्र सरकार, स्टूडेंट की बात सुनें:इंस्टाग्राम पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन शुरू किया राहुल गांधी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट में कहा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम बर्बाद है। हर सरकार को स्टूडेंट्स की बात सुननी चाहिए। एजुकेशन सिस्टम को बदलने के लिए एक्शन लेना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
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