कांग्रेस के अधिवेशन में राहुल बोले:अब इस सरकार को समझ आ गया है कि ये देश अपने आपको express करने से नहीं रोकेगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में हो रहे कांग्रेस का ‘रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ’ के अधिवेशन में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- आपने जंतर-मंतर पर देखा होगा कि स्टूडेंट्स ने खुद को एक्सप्रेस किया। अमित शाह को चाणक्य और न जाने क्या-क्या कहा जाता था, लेकिन वो गायब हो गए। वे 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। क्योंकि, अब इस सरकार को समझ आ गया है कि ये देश अपने आपको express करने से नहीं रोकेगा। गुरुवार को अधिवेशन का दूसरा दिन था। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी लोगों से संवाद किया। अधिवेशन में शिक्षा, सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय, बेरोजगारी और पर्यावरण सहित समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राहुल गांधी ने आगे कहा- भारत में बहुत से लोग इस कायर शक्ति के सामने कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे हों और अचानक डर लगने की बात कहें तो समझ में आता है। लेकिन आज आप उन मसखरों और जोकरों से लड़ रहे हैं, जिन्हें हमारे दर्शन या इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है। जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स को चुप रहने को कहा गया। एक दुखी मां को चुप रहने को कहा गया। वे (भाजपा-आरएसएस) व्यवस्था थोपना चाहते हैं। और हमारा काम है भारत को अपनी अभिव्यक्ति देना और उस व्यवस्था को तोड़ना। आरएसएस की अभिव्यक्ति की भी रक्षा करेंगे राहुल ने अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर आरएसएस को भी अपने निशाने पर लिया, लेकिन कहा कि यदि किसी दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को खत्म करने की बात होगी तो वह उसकी भी रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरे लिए लोकतंत्र का मतलब है कि जो कुछ भी आपके दिल में है, आप खुलकर बोलो। जब देश की अभिव्यक्ति बाहर आएगी तो दुनिया भारत की ताकत देखेगी। दो दिन के अधिवेशन में कई मुद्दों पर चर्चा रचनात्मक कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 12 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में शुरू हुआ था। इसमें सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अकादमिक जगत, कलाकारों, समुदाय प्रतिनिधियों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। पहले दिन अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी और असमानता, पर्यावरण, विकास, विस्थापन, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, अधिकार, संस्कृति और शोध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले-कांग्रेस हो या केंद्र सरकार, स्टूडेंट की बात सुनें:इंस्टाग्राम पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन शुरू किया राहुल गांधी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट में कहा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम बर्बाद है। हर सरकार को स्टूडेंट्स की बात सुननी चाहिए। एजुकेशन सिस्टम को बदलने के लिए एक्शन लेना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
महंगे रोबोट, धीमा काम; इंसान अब भी मशीनों से आगे:जो काम 9,500 में हो सकता था, उसके लिए लगाए 9.5 करोड़, पर कारगर नहीं
कार फैक्ट्री में इंसानों जैसे रोबोट्स (ह्यूमनॉइड) पर अरबों का दांव लगाने के बावजूद इनकी उत्पादकता इंसानों से काफी कम और सुस्त बनी हुई है। साउथ कैरोलाइना के बीएमडब्ल्यू और जॉर्जिया के ह्युंडई प्लांट में एआई रोबोट्स ट्रॉली खींचने और पुर्जे उठाने का काम कर रहे हैं। बीएमडब्ल्यू के लॉजिस्टिक्स वाइस प्रेसिडेंट उलरिच विएलैंड ने माना कि रोबोट्स इंसानों से धीमे हैं। एमआईटी के बेन आर्मस्ट्रांग के मुताबिक, पुर्जे छांटने जैसे साधारण काम के लिए ह्यूमनॉइड ‘100 डॉलर (9,500) की समस्या का 10 लाख डॉलर (9.5 करोड़) का महंगा हल’ हैं। कंपनियां बिना कारखानों में बदलाव किए ऑटोमेशन बढ़ाने के लिए इन पर दांव लगा रही हैं, क्योंकि ये लंच ब्रेक, यूनियन या हेल्थ इंश्योरेंस नहीं मांगते। हालांकि प्रो. सुसान हेल्पर और प्रो. लॉरेंस एल्स के अनुसार देखा-देखी महंगे रोबोट्स लाने से काम सुस्त होगा और इंसानों के पास केवल कम सैलरी वाली बोरिंग नौकरियां बचेंगी। चीन में मजबूत कम्पोनेंट सप्लाई चेन से रोबोट सस्ते बनते हैं, जिसे देखते हुए अमेरिकी संचार नियामक (एफसीसी) ने इनके आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। टेस्ला के इलॉन मस्क ने ‘ऑप्टिमस’ रोबोट के उत्पादन के लिए कैलिफोर्निया में मॉडल एस और एक्स कारों का उत्पादन रोक दिया। लॉस एंजिलिस स्थित टेस्ला के रेस्टोरेंट में इस रोबोट का इस्तेमाल करने के बाद मस्क ने माना कि इंसानी हाथ की निपुणता और संवेदनशीलता की नकल बनाना सबसे मुश्किल चुनौती है। इसी वजह से रोबोट्स काम करने की गति और उत्पादकता में इंसानों से पिछड़ रहे हैं। इसके बावजूद कंपनियां कारखानों में रोबोट्स का दायरा लगातार बढ़ा रही हैं। ह्युंडई के एलाबेल प्लांट में ऑटोमैटिक गाड़ियाँ, रोबोटिक कुत्ते और चपटे रोबोट्स इयोनिक 5 और 9 कारों को टेस्टिंग स्टेशनों तक ले जाते हैं। असेंबली प्रबंधक जेरी रोच के अनुसार ये खंभों से नहीं टकराते। हुंडई ने रोबोटिक्स कंपनी बोस्टन डायनामिक्स को खरीद लिया है। वहीं बीएमडब्ल्यू ‘फिगर एआई’ और मर्सिडीज ‘एपट्रोनिक’ के रोबोट्स इस्तेमाल कर रही हैं। ह्युंडई के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ब्रेंट स्टब्स दावा है कि रोबोट्स आने से इंसानों को उनकी देखभाल और मेंटेनेंस में बेहतर नौकरियां मिलेंगी। हालांकि अमेरिकी यूनाइटेड ऑटोमोटिव वर्कर्स यूनियन (यूएडब्ल्यू) के प्रेसिडेंट शॉन फेन ने इसे इंसानी नौकरियों के लिए गंभीर खतरा बताया है। इसी विरोध में दक्षिण कोरिया में हुंडई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। यू टर्न - फोर्ड ने 350 अनुभवी इंजीनियर वापस बुलाए एआई की गलतियों और सुस्त काम से तंग आकर फोर्ड ने 350 अनुभवी और रिटायर्ड इंजीनियरों को वापस बुला लिया। इनकी मदद से क्वालिटी सुधरी। इसी वजह से फोर्ड को जेडी पावर स्टडी में पहला स्थान मिला। वहीं जनरल मोटर्स के स्टर्लिंग एंडरसन के मुताबिक पैरों वाले महंगे रोबोट्स किसी काम के नहीं हैं। इनकी जगह पहियों वाले सस्ते ‘कोबॉट्स’ ज्यादा असरदार हैं। ये रोबोट इंसानों को नौकरी से हटाए बिना उनका काम आसान बनाते हैं।
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