'गेंद बल्ले पर लगी मैं मैदान से बाहर जाने वाला था, लेकिन अंपायर ने बचाया...', स्टीव स्मिथ के Not Out पर खड़ा हुआ विवाद
स्टीव स्मिथ को फील्ड अंपायर ने दिया 'नॉट आउट'
स्टीव स्मिथ जब बल्लेबाजी कर रहे थे, तब गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर या फील्डर के पास गई. फील्ड अंपायर ने स्टीव को नॉट आउट करार दिया, जिसके बाद बांग्लादेश ने DRS लिया, लेकिन तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से DRS में भी गेंद का बल्ले से संपर्क साफ दिखाई नहीं दिया और फील्ड अंपायर का 'नॉट आउट' का फैसला बरकरार रहा. इस तरह स्टीव स्मिथ आउट होने से बच गए.
????SNICKO CONTROVERSY HITS AUSTRALIA AGAIN????
— Sam (@cricsam02) August 13, 2026
- Steve Smith looked like he had edged the ball
- Bangladesh appealed & then took the review
- Smith had almost started walking back
- The fielders were sure it was OUT
- But Snicko showed NO SPIKE
The decision has already started a… pic.twitter.com/8mtpFfLLYV
स्टीव स्मिथ ने कबूला की कि बल्ले के किनारे लगी थी गेंद
इसके बाद, स्टीव स्मिथ ने दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उन्होंने पूरी ईमानदारी दिखाते हुए इस बात का खुलासा किया और माना कि मैच के दौरान गेंद उनके बल्ले का किनारा (एज) लेकर गई थी. पत्रकार ने जब उनसे पूछा, "क्या गेंद बल्ले से छुई थी?", तो स्मिथ ने स्वीकार किया, "हां, मुझे ऐसा ही लगता है." स्टीव ने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि उन्हें बल्ले पर गेंद का संपर्क महसूस हुआ था और वह क्रीज छोड़कर वापस जाने ही वाले थे. हालांकि, DRS के फैसले ने आज उनके पक्ष में काम किया और उन्हें बचा लिया, जिसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आम तौर पर क्रिकेट में यह टेक्नोलॉजी काफी अच्छी साबित होती है.
"Did you nick that?"
— cricket.com.au (@cricketcomau) August 13, 2026
"I think so, yeah."
Watch Steve Smith's full press conference after day one of #AUSvBAN: https://t.co/UPFVhNe5II pic.twitter.com/hzoOHz4xVR
क्यों खड़ा हुआ विवाद ?
क्रिकेट जगत में स्टीव स्मिथ के इस बयान के बाद बहस छिड़ गई है. सभी का कहना है कि अगर बल्लेबाज खुद जानता था कि वह आउट है और क्रीज छोड़ने वाला था, तब DRS और अंपायर इस बड़े मैच में इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकते हैं. फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स अब अंपायरिंग के लेवल और DRS की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं. थर्ड अंपायर की काफी आलोचना हो रही है.
198 रनों पर सिमटी ऑस्ट्रेलिया, हसन महमूद ने लिए 6 विकेट
इस मैच की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 198 रनों पर ही सिमट गई. बांग्लादेश के खिलाफ पहले बार ऑस्ट्रेलिया की टीम इतने रन पर ढेर हुई है. कंगारू टीम के लिए स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 71 रनों पर पारी खेली. इसके अलावा कोई बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका. वहीं बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने 6 विकेट लेकर इतिहास रचा. वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट की एक पारी में 6 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के सिर्फ तीसरे तेज गेंदबाज बन गए हैं.
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भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में 440 स्टार्टअप सक्रिय, 18 स्टार्टअप्स को इन-स्पेस से मिली मंजूरी: सरकार
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और निजी कंपनियों तथा स्टार्टअप्स की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद को बताया कि देश में वर्तमान में लगभग 440 स्पेस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स पंजीकृत हैं। इसके साथ ही भारतीय निजी अंतरिक्ष कंपनियां अगले दो वर्षों के दौरान आठ से अधिक वाणिज्यिक रॉकेट लॉन्च कर सकती हैं, जो देश के उभरते अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर करीब 440 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े स्टार्टअप्स पंजीकृत हैं। यह संख्या दर्शाती है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार और निजी निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि इन-स्पेस यानी भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (आईएन-एसपीएसीई) ने अब तक 52 गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए 113 अधिकृत मंजूरियां प्रदान की हैं, जिनमें से 18 कंपनियां स्टार्टअप्स हैं, जिन्हें भारत के बढ़ते निजी अंतरिक्ष इकोसिस्टम का अग्रणी माना जा रहा है।
इन स्टार्टअप्स में अग्निकुल कॉसमॉस, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस, ध्रुवा स्पेस, दिगंतारा रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज, गैलेक्सीआई स्पेस सॉल्यूशंस, मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज, पिक्सल स्पेस इंडिया, स्काईरूट एयरोस्पेस और स्पेस किड्ज इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा अक्षत एयरोस्पेस, अजिस्ता बीएसटी, कॉसमोसर्व स्पेस इंडिया, हेक्स20 लैब्स इंडिया, इनऑर्बिट स्पेस टेलीकम्युनिकेशंस, एनस्पेस टेक इंडिया, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस, पियरसाइट स्पेस और टेकमी2स्पेस टेक्नोलॉजीज को भी मंजूरी दी गई है।
सरकार ने बताया कि इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च पैड्स, के उपयोग के लिए आने वाले आवेदनों को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत मंजूरी दी जाती है। इन-स्पेस के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का विशेषज्ञ समिति द्वारा तकनीकी और परिचालन तैयारी के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है।
निजी क्षेत्र की रॉकेट लॉन्च गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान दो निजी रॉकेट लॉन्च प्रस्तावित हैं। वहीं वित्त वर्ष 2027-28 के लिए लॉन्च कार्यक्रम को अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन उस वर्ष भारतीय निजी कंपनियों द्वारा छह से अधिक रॉकेट लॉन्च किए जाने की संभावना है।
सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने अपने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए बड़े पैमाने पर खोल दिया है। पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स और निजी कंपनियां उपग्रह निर्माण, लॉन्च सेवाओं, अंतरिक्ष डेटा विश्लेषण, पृथ्वी अवलोकन और अंतरिक्ष आधारित संचार सेवाओं जैसे क्षेत्रों में तेजी से सक्रिय हुई हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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