जून की एमपीसी बैठक में रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम, वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी वृद्धि 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान: एसबीआई रिपोर्ट
नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जून में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दरों में बढ़ोतरी से फिलहाल परहेज कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू मुद्रा पर दबाव को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई को अल्पकालिक ब्याज दरों और अन्य नीतिगत उपायों का इस्तेमाल करना चाहिए।
रिपोर्ट में कहा गया है, हमारा अनुमान है कि ब्याज दरों को फिलहाल यथावत रखा जाएगा और आगे का फैसला आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। हालांकि, महंगाई को नियंत्रित करने वाला केंद्रीय बैंक बाजार की स्थिति को संभालने के लिए ऑपरेशन ट्विस्ट जैसे ब्याज दर आधारित उपकरणों का उपयोग कर सकता है।
रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण आगे आने वाले आंकड़ों के आधार पर इस अनुमान में बदलाव संभव है।
एसबीआई रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर करीब 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वृद्धि और महंगाई के मौजूदा रुझानों को देखते हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई अगले तीन तिमाहियों में 5 प्रतिशत से ऊपर रह सकती है। मौजूदा तिमाही में महंगाई दर 4.0 से 4.1 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीपीआई महंगाई का अनुमान फिलहाल 5 प्रतिशत है, हालांकि इसमें ऊपर की ओर जोखिम बने हुए हैं। फिर भी यह आरबीआई के निर्धारित लक्ष्य दायरे के भीतर है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत व्यापक आर्थिक आधार होने के बावजूद भारतीय रुपया अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अधिक कमजोर हो रहा है। इसलिए आरबीआई को बाजार में हस्तक्षेप बढ़ाने की जरूरत है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रुपए की एकतरफा गिरावट को रोकने और अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त है। साथ ही भुगतान संतुलन (बीओपी) को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी शांति वार्ताओं को लेकर अभी भरोसे की स्थिति नहीं बनी है। ऐसे में जोखिम प्रीमियम लंबे समय तक ऊंचा बना रह सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव रहेगा, और वर्ष 2026 के अधिकांश समय में कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि तेल विपणन कंपनियों के नुकसान की पूरी भरपाई करनी है तो पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती करनी होगी। अन्यथा मौजूदा स्तरों से घरेलू ईंधन कीमतों में लगभग 6 रुपए प्रति लीटर की और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
--आईएएनएस
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बढ़ती उम्र में भी सेहतमंद शरीर संभव, आयुष मंत्रालय ने बताए 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग'
नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। बढ़ती उम्र अपने साथ कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं लेकर आती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि शरीर अकड़ जाए और दिन-ब-दिन कमजोर होता जाए। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि नियमित योग अभ्यास से उम्र बढ़ने पर भी शरीर चुस्त, लचीला और स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है।
मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) की आधिकारिक थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ है। इसके साथ ही खास तौर पर बुजुर्गों के लिए आसान योगासनों की सिफारिश की है। इनमें एक महत्वपूर्ण अभ्यास है- ‘कटि शक्ति विकासक’। यह आसान योग क्रिया मुख्य रूप से शरीर के मध्य भाग (धड़) को मजबूत और लचीला बनाती है। इससे रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता बढ़ती है, कमर की अकड़न कम होती है और रोजमर्रा के काम जैसे झुकना, बैठना और चलना आसान हो जाता है।
योग एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह अभ्यास बुजुर्गों में शारीरिक हलचल बनाए रखने और दैनिक जीवन की गुणवत्ता सुधारने में बहुत उपयोगी है। स्वस्थ बुढ़ापा कोई संयोग नहीं बल्कि छोटे-छोटे और लगातार प्रयासों का परिणाम होता है। योग इन प्रयासों का सबसे अच्छा माध्यम है। ‘कटि शक्ति विकासक’ जैसे अभ्यास नियमित करने से न सिर्फ शारीरिक लचीलापन बढ़ता है बल्कि संतुलन, मजबूती और स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।
‘कटि शक्ति विकासक’ खड़े होकर किया जाने वाला आसान अभ्यास है। इसमें कमर को धीरे-धीरे दाईं और बाईं तरफ घुमाया जाता है। शुरुआत में धीरे-धीरे करें और सांस पर पूरा ध्यान दें। किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में शुरू करना बेहतर होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से कमर या जोड़ों की समस्या हो।
विश्व योग दिवस को लेकर मंत्रालय लगातार नए-नए योगासनों के अभ्यास, उनसे मिलने वाले फायदों के बारे में जानकारी दे रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि उम्र चाहे जितनी भी हो, योग के जरिए स्वस्थ और सक्रिय जीवन जिया जा सकता है। इसी कड़ी में मंत्रालय लगातार कई हस्तियों से जुड़े पोस्ट भी कर रहा है, जो आमजन को योग के प्रति प्रोत्साहित भी कर रहे हैं।
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