चैंपियंस लीग जीत के बाद पेरिस में हिंसा, PSG फैंस ने लगाई वाहनों में आग, पुलिस से हुई झड़प
पेरिस की सड़कों पर रविवार रात चैंपियंस लीग 2026 के जश्न ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। दरअसल पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) ने आर्सेनल को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर यूईएफए चैंपियंस लीग 2026 का खिताब अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पेरिस में क्लब के प्रशंसकों ने जश्न मनाना शुरू किया, हालांकि यह जश्न जल्द ही हिंसा में बदल गया। शहर में स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े। फैंस और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़पों में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस दौरान पुलिस ने सैंकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है।
दरअसल PSG के चैंपियन बनते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक पेरिस की सड़कों पर उतर आए थे। वे अपनी टीम की जीत का जश्न मना रहे थे, लेकिन कुछ उपद्रवी तत्वों ने इस खुशी के माहौल को हिंसक बना दिया। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि फैंस सड़कों पर खुलेआम आग लगा रहे थे। कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया, जिससे शहर के कई इलाकों में धुएं के गुबार उठने लगे। एफिल टावर के पास भी इसी तरह की घटनाएं सामने आईं, जहां भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया। पुलिस ने उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और फैंस के बीच सीधी झड़पें हुईं। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
PSG की लगातार दूसरी चैंपियंस लीग
यह PSG की लगातार दूसरी चैंपियंस लीग जीत है, और यह लगातार दूसरा मौका भी है जब टीम की जीत के जश्न के बाद शहर में हिंसा और उपद्रव देखने को मिला है। यह घटनाक्रम पेरिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। रिपोर्टों के अनुसार, मैच से पहले भी Parc des Princes स्टेडियम में बड़ी स्क्रीन पर मैच देख रहे कुछ दर्शकों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई थी। इन पूर्व-मैच झड़पों के दौरान ही शहर में तनाव का संकेत मिल गया था। पुलिस के हवाले से बताया गया है कि इन हिंसक घटनाओं में कम से कम छह गाड़ियां, दो दुकानें और एक बस स्टॉप क्षतिग्रस्त हो गए थे। संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है।
Un énorme incendie a été allumé aux pieds de la Tour Eiffel. Il s’agit d’un local poubelle.
Plusieurs départs de feux en dessous de la Tour Eiffel également.#PSG #PSGARS #Arsenal #UCLfinal #Paris pic.twitter.com/cblBpY2ctw
— Luc Auffret (@LucAuffret) May 30, 2026
पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल अभी भी तैनात है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
चैंपियंस लीग के फाइनल मुकाबले की बात करें तो, निर्धारित समय के बाद PSG और आर्सेनल का स्कोर 1-1 की बराबरी पर था। दोनों ही टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। अतिरिक्त समय में भी कोई भी टीम बढ़त हासिल नहीं कर पाई, जिससे मैच और भी रोमांचक हो गया। आखिरकार, मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें PSG ने आर्सेनल को 4-3 से मात देकर बहुप्रतीक्षित खिताब अपने नाम कर लिया। हालांकि, इस जीत के बाद पेरिस में हुए उपद्रव ने जश्न की खुशी को फीका कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रही है।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर बंगाल पुलिस का बड़ा एक्शन, 5 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल पुलिस ने इस मामले में तपन माइती और आकाश को भी हिरासत में लिया है, जिनके नाम घटना से जुड़े वीडियो फुटेज में सामने आए थे। आरोपितों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए अपनी जांच को तेज कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस हमले में शामिल अन्य षड्यंत्रकारियों और मददगारों की भूमिका भी जल्द ही तय कर ली जाएगी।
वहीं यह घटना उस समय सामने आई जब अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान, कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया और राज्य की राजनीति में भी गरमाहट देखी गई। पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर अपनी पड़ताल आगे बढ़ाई है। आरोपितों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है, जो इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने ला सकते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला सुनियोजित था और इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।
ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कथित हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की भी कोशिश की जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर लगातार दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती न किया जाए। ममता बनर्जी के अनुसार, ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे नहीं चाहते कि अभिषेक बनर्जी का उचित इलाज हो सके।
पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा और इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में इस प्रकार की राजनीतिक हिंसा और चिकित्सा सुविधाओं में हस्तक्षेप की कोशिशें स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। जांच दल तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण कर रहा है ताकि सभी आरोपितों की पहचान सुनिश्चित की जा सके और उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सके। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपितों से पुराने मामलों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है, ताकि उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि और इस घटना से उनके संबंध का पता चल सके। पुलिस सभी पहलुओं पर गौर कर रही है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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