आपके ई-मेल, यूट्यूब का वारिस कौन:दुनिया के करीब 70% लोग डिजिटल संपत्ति को लेकर चिंतित, 10-15% ही नॉमिनी तय करते हैं
डिजिटल क्रांति के दौर में हम अपने मकान, जमीन, दुकान और बैंक खातों के लिए तो वारिस/नॉमिनी चुन लेते हैं, लेकिन अपनी ‘डिजिटल संपत्ति’ को भूल जाते हैं। मृत्यु के बाद ई-मेल, यूट्यूब चैनल, इंस्टा-फेसबुक अकाउंट, वॉट्सऐप व पेटीएम जैसे वॉलेट का वारिस कौन होगा, ये तय ही नहीं करते। मैकएफी का 'डिजिटल आफ्टरलाइफ' सर्वे के मुताबिक, दुनियाभर में 70% से ज्यादा लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनके मरने के बाद उनके ऑनलाइन डेटा का क्या होगा? लेकिन 10-15% लोग ही ‘डिजिटल वसीयत’ बनाते हैं। डिजिटल वसीयत ऐसा कानूनी दस्तावेज है, जिसमें आप तय करते हैं कि आपके मरने के बाद आपकी डिजिटल संपत्तियों का क्या होगा। निवेशकों के 1,800 करोड़ रु. डूबने और लंबी कानूनी लड़ाई के उदाहरण मौजूद हैं क्वाड्रिगासीएक्स (कनाडा): 2018 में क्रिप्टो एक्सचेंज प्रमुख जेराल्ड कॉटन की मौत के बाद पासवर्ड बैकअप या डिजिटल वसीयत न होने से निवेशकों के 19 करोड़ डॉलर (करीब 1,804 करोड़ रु.) हमेशा के लिए लॉक हो गए, जिससे बाद में यह कंपनी दिवालिया भी हो गई। एप्पल बनाम राशेल (यूके): पति की मौत के बाद लेगेसी कॉन्टैक्ट न होने से एप्पल ने प्राइवेसी का हवाला देकर डेटा ब्लॉक कर दिया। पत्नी को पारिवारिक तस्वीरें पाने के लिए कई महीनों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। -------------------------- पूरी खबर पढ़ें… बेंगलुरु में बुजुर्ग महिला से ₹24 करोड़ की ठगी:5 महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा; मुंबई समेत 3 जगहों से 5 आरोपी गिरफ्तार कर्नाटक के बेंगलुरु में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट और मनी लॉन्ड्रिंग केस का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से करीब 24 करोड़ रुपए ठग लिए। पुलिस ने मुंबई, प्रयागराज और दिल्ली से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक बैंक खाते से 60 लाख रुपए भी फ्रीज किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
साइबर लिटरेसी- पत्रकार के साथ ठगी:वॉट्सएप हैक कर मांगे पैसे, दोस्त के नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आए तो सावधान, करें ये काम
हाल ही में एक जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार ने फेसबुक पोस्ट में अपने साथ हुए एक स्कैम के बारे में बताया। पत्रकार के एक परिचित का वॉट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने QR कोड के जरिए उनसे कई बार पैसे ट्रांसफर करवा लिए। स्कैमर्स ने भरोसे और जल्दबाजी का फायदा उठाकर कुछ ही मिनटों में हजारों रुपए ठग लिए। ये स्कैम किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है। इसलिए इस बारे में अवेयरनेस जरूरी है। आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम ‘वॉट्सएप हैकिंग स्कैम’ के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- साइबर ठगों ने पत्रकार को कैसे स्कैम का शिकार बनाया? जवाब- पूरी घटना पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पत्रकार की तरफ से क्या गलती हुई यानी वो बेसिक गलतियां और लापरवाहियां, जिसकी वजह से लोग स्कैम का शिकार हो जाते हैं? जवाब- सबसे बड़ी गलती यह हुई कि पत्रकार ने पैसे भेजने से पहले अपने परिचित से सीधे फोन पर पुष्टि नहीं की। इसके अलावा कुछ और लापरवाहियां भी थीं, जिनका फायदा साइबर ठगों ने उठाया। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- साइबर ठग किन तरीकों से वॉट्सएप हैक कर सकते हैं? जवाब- साइबर ठग लोगों की छोटी-छोटी गलतियों का फायदा उठाकर वॉट्सएप अकाउंट हैक कर सकते हैं। ठग इस तरह वॉट्सएप हैक कर सकते हैं- सवाल- कौन-से लोग साइबर ठगों के निशाने पर ज्यादा होते हैं? जवाब- साइबर ठग आमतौर पर इन लोगों को निशाना बनाते हैं- सवाल- अगर किसी परिचित के नंबर से पैसे के लिए मैसेज आए तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में सतर्क हो जाएं। बिना पुष्टि किए पैसे न भेजें। पहले यह सुनिश्चित करें कि मैसेज वास्तव में उसी व्यक्ति ने भेजा है या नहीं। साथ ही ग्राफिक में दी गई बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- वॉट्सएप हैकिंग स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- वॉट्सएप हैकिंग से बचने के लिए सुरक्षा से जुड़े कुछ बुनियादी नियमों का पालन करें। छोटी-सी सावधानी भी बड़े नुकसान से बचा सकती है। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- कैसे पहचानें कि वॉट्सएप अकाउंट हैक हुआ है? जवाब- अगर वॉट्सएप अकाउंट में असामान्य गतिविधियां दिखें तो यह हैकिंग का संकेत है। वाॅट्सएप हैकिंग के सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर वॉट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो रिकवर कैसे करें? जवाब- वॉट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करें। जितनी जल्दी कदम उठाएंगे, अकाउंट वापस पाने और नुकसान रोकने की संभावना उतनी अधिक होगी। कुछ बाताें का खास ध्यान रखें- सवाल- अगर गलती से पैसे ट्रांसफर हो जाएं तो क्या करें? जवाब- ऐसे में तुरंत कार्रवाई करें। शुरुआती कुछ घंटे पैसे की रिकवरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसके लिए- सवाल- साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो कहां शिकायत करें? जवाब- साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए शिकायत दर्ज करें। ……………… ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से बचाएगा ‘ABHAY’: जानें कैसे काम करेगा ये चैटबॉट, कैसे पहचानें, सरकारी नोटिस असली है या नकली बीते कुछ सालों में देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के केस लगातार बढ़ रहे हैं। ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) के मुताबिक, साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट और इससे जुड़े साइबर अपराधों के 1.23 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए। इनमें करीब 1,935.51 करोड़ रुपए की ठगी हुई। आगे पढ़िए…
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