साइबर लिटरेसी- पत्रकार के साथ ठगी:वॉट्सएप हैक कर मांगे पैसे, दोस्त के नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आए तो सावधान, करें ये काम
हाल ही में एक जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार ने फेसबुक पोस्ट में अपने साथ हुए एक स्कैम के बारे में बताया। पत्रकार के एक परिचित का वॉट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने QR कोड के जरिए उनसे कई बार पैसे ट्रांसफर करवा लिए। स्कैमर्स ने भरोसे और जल्दबाजी का फायदा उठाकर कुछ ही मिनटों में हजारों रुपए ठग लिए। ये स्कैम किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है। इसलिए इस बारे में अवेयरनेस जरूरी है। आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम ‘वॉट्सएप हैकिंग स्कैम’ के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- साइबर ठगों ने पत्रकार को कैसे स्कैम का शिकार बनाया? जवाब- पूरी घटना पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पत्रकार की तरफ से क्या गलती हुई यानी वो बेसिक गलतियां और लापरवाहियां, जिसकी वजह से लोग स्कैम का शिकार हो जाते हैं? जवाब- सबसे बड़ी गलती यह हुई कि पत्रकार ने पैसे भेजने से पहले अपने परिचित से सीधे फोन पर पुष्टि नहीं की। इसके अलावा कुछ और लापरवाहियां भी थीं, जिनका फायदा साइबर ठगों ने उठाया। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- साइबर ठग किन तरीकों से वॉट्सएप हैक कर सकते हैं? जवाब- साइबर ठग लोगों की छोटी-छोटी गलतियों का फायदा उठाकर वॉट्सएप अकाउंट हैक कर सकते हैं। ठग इस तरह वॉट्सएप हैक कर सकते हैं- सवाल- कौन-से लोग साइबर ठगों के निशाने पर ज्यादा होते हैं? जवाब- साइबर ठग आमतौर पर इन लोगों को निशाना बनाते हैं- सवाल- अगर किसी परिचित के नंबर से पैसे के लिए मैसेज आए तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में सतर्क हो जाएं। बिना पुष्टि किए पैसे न भेजें। पहले यह सुनिश्चित करें कि मैसेज वास्तव में उसी व्यक्ति ने भेजा है या नहीं। साथ ही ग्राफिक में दी गई बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- वॉट्सएप हैकिंग स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- वॉट्सएप हैकिंग से बचने के लिए सुरक्षा से जुड़े कुछ बुनियादी नियमों का पालन करें। छोटी-सी सावधानी भी बड़े नुकसान से बचा सकती है। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- कैसे पहचानें कि वॉट्सएप अकाउंट हैक हुआ है? जवाब- अगर वॉट्सएप अकाउंट में असामान्य गतिविधियां दिखें तो यह हैकिंग का संकेत है। वाॅट्सएप हैकिंग के सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर वॉट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो रिकवर कैसे करें? जवाब- वॉट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करें। जितनी जल्दी कदम उठाएंगे, अकाउंट वापस पाने और नुकसान रोकने की संभावना उतनी अधिक होगी। कुछ बाताें का खास ध्यान रखें- सवाल- अगर गलती से पैसे ट्रांसफर हो जाएं तो क्या करें? जवाब- ऐसे में तुरंत कार्रवाई करें। शुरुआती कुछ घंटे पैसे की रिकवरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसके लिए- सवाल- साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो कहां शिकायत करें? जवाब- साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए शिकायत दर्ज करें। ……………… ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से बचाएगा ‘ABHAY’: जानें कैसे काम करेगा ये चैटबॉट, कैसे पहचानें, सरकारी नोटिस असली है या नकली बीते कुछ सालों में देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के केस लगातार बढ़ रहे हैं। ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) के मुताबिक, साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट और इससे जुड़े साइबर अपराधों के 1.23 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए। इनमें करीब 1,935.51 करोड़ रुपए की ठगी हुई। आगे पढ़िए…
जरूरत की खबर- गर्मियों में स्किन इन्फेक्शन:धूप, उमस और पसीने से बढ़ता स्किन रैश, डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें बचाव के 10 टिप्स
नौतपा में गर्मी चरम पर है। देश के कई हिस्सों में तापमान 45°C से ऊपर पहुंच गया है। चिलचिलाती धूप, उमस और ज्यादा पसीने से स्किन इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। हाई टेम्परेचर और ह्यूमिडिटी बैक्टीरिया व फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं। इससे दाद, खुजली और रैशेज जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते लक्षणों को पहचानकर बचाव के सही उपाय किए जाएं। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ की एक स्टडी के मुताबिक, गर्मी में पसीना और नमी बढ़ने पर स्किन ज्यादा सेंसेटिव हो जाती है। इससे कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर‘ में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- स्किन इन्फेक्शन क्या होता है? जवाब- जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या दूसरे जर्म्स स्किन के संपर्क में आकर बढ़ने लगते हैं। दरअसल, हमारी स्किन शरीर को जर्म्स से बचाती है, लेकिन कट, खरोंच, घाव या ज्यादा नमी और पसीने की वजह से ये जर्म्स स्किन के अंदर चले जाते हैं। ये जर्म्स शरीर को प्रभावित करते हैं, यही स्किन इन्फेक्शन है। इससे- सवाल- स्किन इन्फेक्शन कितनी तरह का होता है? जवाब- यह इस बात पर निर्भर है कि इन्फेक्शन किस तरह के जर्म्स के कारण हुआ है। ग्राफिक में सभी तरह के स्किन इन्फेक्शन की लिस्ट देखिए- सवाल- गर्मियों में स्किन इन्फेक्शन का रिस्क क्यों बढ़ जाता है? जवाब- इसके कई कारण हैं। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- स्किन इन्फेक्शन के क्या संकेत होते हैं? जवाब- स्किन इन्फेक्शन के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि संक्रमण किस प्रकार का है। हालांकि कई स्किन इन्फेक्शन में कुछ लक्षण आमतौर पर देखे जाते हैं। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए- सवाल- गर्मियों में शरीर के किन हिस्सों में स्किन इन्फेक्शन ज्यादा होता है? जवाब- गर्मियों में स्किन इन्फेक्शन आमतौर पर शरीर के उन हिस्सों में ज्यादा होता है, जहां पसीना ज्यादा आता है और नमी बनी रहती है। ग्राफिक से समझिए किन हिस्सों में ज्यादा होता है- इन जगहों पर ज्यादा पसीने की वजह से फंगस और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। सवाल- किन लोगों को गर्मियों में स्किन इन्फेक्शन का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए किन्हें ज्यादा रिस्क रहता है- सवाल- क्या स्किन इन्फेक्शन संक्रामक होता है यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है? जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमण बैक्टीरिया, फंगस, वायरस या एलर्जी के कारण हुआ है। पॉइंटर्स से समझिए संक्रमण कैसे फैल सकता है- सवाल- गर्मियों में स्किन इन्फेक्शन से बचने के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए? जवाब- कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस रिस्क को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ग्राफिक में बचाव के टिप्स देखिए- सवाल- स्किन इन्फेक्शन होने पर कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? जवाब- अगर स्किन इन्फेक्शन हल्का है तो सामान्य देखभाल से कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ स्थितियों में यह गंभीर रूप ले सकता है। अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें तुरंत डॉक्टर को दिखाएं- सवाल- क्या गलत साबुन या स्किन प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से भी स्किन इन्फेक्शन हो सकता है? जवाब- हां, कुछ मामलों में गलत या बहुत ज्यादा केमिकल वाले साबुन, क्रीम या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये स्किन की नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर (स्किन बैरियर) को कमजोर कर देते हैं। इससे जलन, एलर्जी या छोटे घाव बन सकते हैं। इसलिए हमेशा स्किन टाइप के अनुसार और माइल्ड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। ……………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- नौतपा में छोटे बच्चों को रखें सेफ:बाहर भेजते हुए ध्यान रखें 7 बातें, आइसक्रीम की जगह पिलाएं ये हेल्दी ड्रिंक्स मौसम विभाग के मुताबिक, देश के कई शहरों में इन दिनों टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस के पार है। नौतपा के दौरान हाई टेम्परेचर और गर्म हवाओं से लू (हीट स्ट्रोक) का रिस्क बढ़ जाता है।इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है। पूरी खबर पढ़ें…
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