Petrol-Diesel Price: देशभर में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल कहां मिलता है? जानिए आज के लेटेस्ट रेट
देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई शहरों में पेट्रोल करीब ₹3 प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। ऐसे में आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल कहां मिलता है? अगर आप भी अपने शहर के फ्यूल रेट जानना चाहते हैं, तो यहां देखें देश के सबसे सस्ते और महंगे राज्यों के साथ प्रमुख शहरों की लेटेस्ट कीमतें।
भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल कहां मिलता है?
फिलहाल भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल और डीजल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मिल रहा है। यहां कम VAT और टैक्स के कारण बाकी राज्यों के मुकाबले कीमतें काफी कम हैं।
सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल वाले राज्य/UT
| रैंक | राज्य/UT | पेट्रोल (₹/L) | डीजल (₹/L) |
| 1 | अंडमान-निकोबार | 85-88 | 78-82 |
| 2 | अरुणाचल प्रदेश | ~92.57 | ~80.50 |
| 3 | दादरा-नगर हवेली | ~92.57 | ~81+ |
| 4 | दमन-दीव | ~93 | ~82+ |
| 5 | हिमाचल प्रदेश | ~94-95 | ~82-84 |
आज के पेट्रोल-डीजल रेट (15 मई 2026)
| शहर | पेट्रोल (₹/L) | डीजल (₹/L) |
| दिल्ली | 97.77 | 90.67 |
| मुंबई | 106.68 | 93.14 |
| कोलकाता | 108.74 | 95.13 |
| बेंगलुरु | 106.21 | 94.10 |
| भोपाल | 109.71 | ~95+ |
| इंदौर | ~109-110 | ~94-95 |
| जयपुर | 107.97-108.19 | 93.43 |
| लखनऊ | 97.55 | ~90+ |
| रायपुर | 103.56 | ~95+ |
| पटना | 108.55 | 94.63 |
क्यों अलग-अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकारों के VAT, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करती हैं। यही वजह है कि हर राज्य और शहर में ईंधन के दाम अलग-अलग होते हैं।
आम लोगों पर क्या असर?
पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
जरूरी सलाह
तेल कंपनियां रोज सुबह 6 बजे नई कीमतें जारी करती हैं। यात्रा या लंबी ड्राइव से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक करें।
सेंसेक्स डे हाई से 600 अंक गिरा: निफ्टी भी 23650 से नीचे बंद हुआ, क्यों बाजार में तेजी के बाद आई गिरावट?
Closing Bell: शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी शानदार बढ़त के साथ खुले, लेकिन दोपहर बाद मुनाफावसूली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये की रिकॉर्ड गिरावट ने बाजार का पूरा मूड बदल दिया। दिन के आखिर में सेंसेक्स करीब 600 अंक ऊपर के स्तर से फिसलकर लाल निशान में बंद हुआ जबकि निफ्टी 23650 के नीचे आ गया।
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 471 अंकों की तेजी के साथ 75870 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी भी 149 अंकों की बढ़त लेकर 23839 तक चला गया। लेकिन ऊपरी स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके बाद बाजार की तेजी धीरे-धीरे खत्म हो गई। कारोबार बंद होने तक सेंसेक्स 160.73 अंक गिरकर 75237.99 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 46 अंक टूटकर 23643.50 पर आ गया।
पूरे हफ्ते में सेंसेक्स में 2.2 फीसदी की गिरावट
पूरे हफ्ते की बात करें तो सेंसेक्स में 2.2 फीसदी और निफ्टी में 2.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इससे बाजार की दो हफ्तों की लगातार तेजी भी टूट गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव दिखा। स्मॉलकैप इंडेक्स 4.6 फीसदी और मिडकैप इंडेक्स 2.2 फीसदी गिर गया।
बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों का बड़ा दबाव
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों का रहा। ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई और व्यापार घाटे की चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
डॉलर के मुकाबले रुपया ऑलटाइम लो पर
रुपये की कमजोरी ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी। डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96 के स्तर तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि मजबूत डॉलर, महंगा कच्चा तेल और मिडिल ईस्ट तनाव की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
वैश्विक बाजारों से भी अच्छे संकेत नहीं मिले। एशियाई बाजारों में कमजोरी रही। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग लाल निशान में कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी कमजोर रहे।
इस बीच जियोपॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। ईरान से जुड़े घटनाक्रम और अमेरिका-ईरान विवाद ने बाजार में डर का माहौल बनाया। चीन और अमेरिका के बीच हुई बातचीत से भी कोई बड़ा समाधान नहीं निकला।
हालांकि आईटी शेयरों में कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए काफी नहीं रही। वहीं अदाणी एंटरप्राइजेज और ओएनजीसी जैसे शेयरों में मजबूती रही। दूसरी ओर टाइटन के शेयर कमजोर तिमाही नतीजों के बाद टूट गए।

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