कोरियाई पॉप संस्कृति आज दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। पहले जहां इसका प्रभाव केवल संगीत (K-pop) और फिल्मों (K-dramas) तक सीमित था, वहीं अब कोरियाई थिएटर भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को आकर्षित करने लगा है। लेकिन भाषा की बाधा अक्सर दर्शकों के अनुभव को प्रभावित करती थी। इसी समस्या का समाधान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट चश्मों ने कर दिया है।
थिएटर अनुभव को मिला नया आयाम
ताइवान के 22 वर्षीय युरोय वांग जैसे कई विदेशी दर्शक कोरियाई थिएटर के बड़े प्रशंसक हैं, लेकिन उन्हें कोरियाई भाषा नहीं आती। पहले उन्हें संवाद समझने में कठिनाई होती थी, जिससे पूरा अनुभव अधूरा रह जाता था। लेकिन अब AI-संचालित स्मार्ट चश्मों की मदद से वे बिना किसी परेशानी के लाइव नाटकों का आनंद ले पा रहे हैं।
ये स्मार्ट चश्मे थिएटर में चल रहे प्रदर्शन के दौरान रियल-टाइम में संवादों का अनुवाद करते हैं। दर्शक एक मोबाइल ऐप के जरिए अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं। जैसे ही कलाकार मंच पर संवाद बोलते हैं, AI सिस्टम तुरंत उन्हें अनुवादित करके चश्मे के लेंस पर दिखा देता है। इससे दर्शक बिना किसी रुकावट के कहानी को समझ पाते हैं।
कैसे काम करता है यह स्मार्ट सिस्टम?
यह तकनीक एक स्मार्टफोन ऐप और AI-आधारित ट्रांसलेशन सिस्टम पर आधारित है। चश्मे लगातार मंच की आवाज़ और संवादों को कैप्चर करते हैं और क्लाउड-आधारित AI इंजन उन्हें तुरंत अनुवादित कर देता है। यह अनुवाद कुछ ही सेकंड में दर्शकों की चुनी हुई भाषा में दिखाई देता है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लाइव अनुभव को प्रभावित नहीं करती और दर्शक मंच पर हो रही हर गतिविधि को सीधे देख सकते हैं, साथ ही अनुवाद भी प्राप्त करते हैं।
सरकार भी दे रही तकनीक को बढ़ावा
दक्षिण कोरिया की सरकार भी इस नवाचार को बढ़ावा दे रही है। पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से कोरिया टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन ने ‘स्मार्ट थिएटर’ नामक कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल के तहत कई थिएटर शो में इन AI चश्मों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि विदेशी पर्यटक भी बिना भाषा की बाधा के कोरियाई कला का आनंद ले सकें।
इस कदम का उद्देश्य कोरियाई सांस्कृतिक अनुभव को वैश्विक स्तर पर अधिक सुलभ और आकर्षक बनाना है।
तकनीक अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं
हालांकि यह तकनीक बेहद उन्नत है, फिर भी यह पूरी तरह परिपूर्ण नहीं है। कभी-कभी अनुवाद में देरी हो जाती है या शब्दों का सही अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाता। लेकिन इन छोटी समस्याओं के बावजूद इसे थिएटर उद्योग के लिए एक बड़ा “गेमचेंजर” माना जा रहा है।
कंपनियां अब ऐसे नए मॉडल पर काम कर रही हैं जो हल्के हों, तेज़ हों और अधिक सटीक अनुवाद प्रदान कर सकें। आने वाले समय में यह तकनीक और भी उन्नत होने की संभावना है।
भविष्य की झलक
AI स्मार्ट चश्मों ने थिएटर अनुभव को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। यह तकनीक न केवल भाषा की बाधा को खत्म कर रही है, बल्कि वैश्विक दर्शकों के लिए मनोरंजन को अधिक समावेशी भी बना रही है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक सिनेमा, लाइव कॉन्सर्ट और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी क्रांति ला सकती है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शनिवार को कहा कि सीयूईटी (यूजी) 2026 परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ी का सामना करने वाले उम्मीदवारों को एक और मौका दिया जाएगा। एनटीए ने X पर एक पोस्ट में कहा कि हम जानते हैं कि आज हुई दुर्भाग्यपूर्ण तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ सीयूईटी (यूजी) 2026 उम्मीदवारों को परेशानी हुई। जिन उम्मीदवारों ने अपना बायोमेट्रिक पंजीकरण कराया था और आज (यानी 30.05.2026 को प्रथम चरण में) अपने परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित थे, लेकिन इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके, उन्हें परीक्षा देने का एक और मौका मिलेगा।
देश भर में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित सीयूईटी-यूजी 2026 प्रवेश परीक्षा कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण विलंबित हुई। टीसीएस ने बताया है कि उनकी ओर से आई तकनीकी खराबी के कारण शनिवार को कुछ केंद्रों पर सीयूईटी यूजी 2026 परीक्षा शुरू होने में देरी हुई। एनटीए ने X पर कहा कि समस्या का समाधान हो गया है और परीक्षा पूरी तरह से निर्धारित समय के साथ आयोजित की जा रही है ताकि किसी भी छात्र को असुविधा न हो।
एनटीए ने आगे कहा कि दोपहर के सत्र का समय (संशोधित): दोपहर 2:30 बजे से रिपोर्टिंग/प्रवेश; परीक्षा दोपहर 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे शुरू होगी। एनटीए ने बताया कि सुबह के सत्र के छात्रों को परीक्षा की पूरी अवधि दी गई और उन्हें परीक्षा पूरी होने के बाद ही बाहर जाने की अनुमति दी गई। एनटीए ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। एजेंसी ने सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर +91-11-40759000 और ईमेल cuet-ug@nta.ac.in भी उपलब्ध कराया है।
एक बयान में, टीसीएस के सीईओ और एमडी के. कृतिवासन ने कहा कि "एक संक्षिप्त तकनीकी समस्या" के कारण सीयूईटी-यूजी के सुबह के सत्र में लगभग दो घंटे की देरी हुई। बयान में कहा गया है कि हमारी तकनीकी टीमों ने समस्या का तुरंत पता लगाकर उसे हल कर दिया है और परीक्षा बिना किसी बाधा के फिर से शुरू हो गई है। असुविधा के लिए हमें खेद है।
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